Bihar Crime : भागलपुर में बकाया मांगना युवक को पड़ा महंगा, बदमाशों ने गोली मारकर किया जख्मी, इलाके में मचा हड़कंप

Bihar Crime : भागलपुर में अपराधियों ने दिनदहाड़े एक 20 वर्षीय युवक, सौरव कुमार, को गोली मारकर गंभीर रूप से घायल कर दिया। इस दुस्साहसिक वारदात ने इलाके में दहशत फैला दी है......पढ़िए आगे

युवक को मारी गोली - फोटो : ANJANI

BHAGALPUR : बिहार के नवगछिया पुलिस जिला में कानून-व्यवस्था को ठेंगा दिखाते हुए बेखौफ अपराधियों ने एक बार फिर खूनी खेल खेला है। परवत्ता थाना क्षेत्र के 14 नंबर रोड स्थित गरैया चौक पर मंगलवार शाम अपराधियों ने दुस्साहस का परिचय देते हुए एक 20 वर्षीय युवक को सरेआम गोली मार दी। इस वारदात ने पुलिस की गश्ती और सुरक्षा दावों की पोल खोल कर रख दी है। 

बकाया मांगने गया था भाई, पीछे से भाई को लगी गोली

घटना के संबंध में मिली जानकारी के अनुसार, इस्माइलपुर थाना क्षेत्र के छोटी परबत्ता निवासी अखिलेश मंडल का पुत्र सौरव कुमार (20 वर्ष) अपने भाई गौरव और एक दोस्त के साथ मोटरसाइकिल से गरैया चौक पहुंचा था। दोनों भाई भागलपुर में मोमोज बेचकर अपना गुजर-बसर करते हैं। सौरव के भाई गौरव कुमार ने बताया की "हम शाम करीब 5 बजे बकाया पैसा लेने गरैया चौक आए थे। मैं पैसे की मांग करने के लिए थोड़ा आगे गया, तभी पल्सर बाइक पर सवार दो नकाबपोश अपराधी आए और मेरे भाई सौरव पर फायरिंग कर दी। गोली सीधे उसके गले में लगी।"

फिल्मी अंदाज में फरार हुए अपराधी

प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, अपराधी पूरी तैयारी के साथ आए थे। उन्होंने अपने चेहरे को गमछे से ढका हुआ था ताकि पहचान न हो सके। वारदात को अंजाम देने के बाद अपराधी हथियार लहराते हुए मौके से फरार हो गए। हैरानी की बात यह है कि व्यस्त सड़क पर दिनदहाड़े हुई इस फायरिंग के दौरान किसी ने भी उन्हें रोकने की हिम्मत नहीं की।

हालत नाजुक: पूर्णिया रेफर

खून से लथपथ सौरव को आनन-फानन में परिजनों ने नवगछिया अनुमंडल अस्पताल में भर्ती कराया। वहां प्राथमिक उपचार के बाद डॉक्टरों ने उसकी बिगड़ती स्थिति को देखते हुए उसे बेहतर इलाज के लिए पूर्णिया रेफर कर दिया है। सौरव की स्थिति अभी भी नाजुक बनी हुई है और वह जिंदगी और मौत के बीच जंग लड़ रहा है। घटना की सूचना मिलते ही परवत्ता थाना पुलिस दलबल के साथ मौके पर पहुंची। पुलिस ने घटना स्थल से साक्ष्य जुटाए हैं और आसपास के इलाकों में छापेमारी शुरू कर दी है। हालांकि, अभी तक अपराधियों का कोई सुराग नहीं मिल पाया है।

बड़े सवाल जो जवाब मांग रहे हैं:

क्या नवगछिया में अब अपराधी इतने बेखौफ हो गए हैं कि उन्हें पुलिस का कोई डर नहीं? क्या मोमोज बेचने वाले एक साधारण युवक की किसी से इतनी गहरी दुश्मनी थी, या यह 'रंगदारी' से जुड़ा मामला है? क्या पुलिस सिर्फ घटना के बाद लकीर पीटने तक सीमित रह गई है? दिनदहाड़े हुई इस वारदात से स्थानीय लोगों में भारी आक्रोश है। गरैया और आसपास के इलाकों में दहशत का माहौल है। अब देखना यह है कि नवगछिया पुलिस इन 'नकाबपोश' हमलावरों को कब तक सलाखों के पीछे भेज पाती है, या फिर अपराधियों का यह 'खूनी खेल' यूं ही जारी रहेगा।

अंजनी कश्यप की रिपोर्ट