सरपंच के अधिकारों से अब वाकिफ होगी पुलिस: भागलपुर में थाना प्रभारियों को मिला विशेष प्रशिक्षण, ग्रामीण विवादों का अब होगा त्वरित निपटारा

भागलपुर के समीक्षा भवन में थाना प्रभारियों के लिए आयोजित कार्यशाला में सरपंचों के अधिकारों और ग्राम कचहरी के साथ पुलिस के बेहतर समन्वय पर प्रशिक्षण दिया गया, ताकि ग्रामीण विवादों का समाधान स्थानीय स्तर पर हो सके।

Bhagalpur - जिले के समीक्षा भवन स्थित सभागार में शुक्रवार को एक दिवसीय प्रशिक्षण कार्यशाला का आयोजन किया गया। इस कार्यशाला में जिले के सभी थाना प्रभारियों ने हिस्सा लिया, जहाँ उन्हें ग्रामीण स्तर पर न्याय व्यवस्था को मजबूत करने और सरपंचों के अधिकारों के प्रति जागरूक किया गया। 

सरपंचों के कानूनी अधिकारों पर फोकस

कार्यशाला में पटना से आए विशेषज्ञ प्रशिक्षकों ने पुलिस अधिकारियों को ग्राम कचहरी के कामकाज की बारीकियां समझाईं। प्रशिक्षण का मुख्य उद्देश्य सरपंचों के अधिकार, उनके कर्तव्य और कानूनी भूमिका को स्पष्ट करना था। प्रशिक्षकों ने जोर दिया कि ग्रामीण क्षेत्रों में छोटे-मोटे विवादों का समाधान अगर ग्राम कचहरी के माध्यम से हो, तो पुलिस थानों पर मुकदमों का बोझ काफी कम हो सकता है। 

पुलिस और जनप्रतिनिधियों का तालमेल जरूरी

सत्र के दौरान इस बात पर विस्तार से चर्चा की गई कि पुलिस प्रशासन को किस तरह सरपंच और अन्य स्थानीय जनप्रतिनिधियों के साथ बेहतर समन्वय बनाकर काम करना चाहिए। आपसी सहयोग से न केवल विवादों का त्वरित निपटारा होगा, बल्कि ग्रामीण इलाकों में शांति व्यवस्था भी बेहतर बनी रहेगी। 

थाना प्रभारियों ने साझा किए अनुभव

प्रशिक्षण के दौरान विभिन्न थानों से आए प्रभारियों ने भी फील्ड में आने वाली व्यावहारिक चुनौतियों और ग्रामीण क्षेत्रों में कानून-व्यवस्था से जुड़ी समस्याओं पर अपने अनुभव साझा किए। विशेषज्ञों ने इन समस्याओं के कानूनी समाधान और मध्यस्थता के तरीकों पर मार्गदर्शन दिया। 

SSP प्रमोद कुमार यादव का बयान

कार्यशाला को संबोधित करते हुए एसएसपी प्रमोद कुमार यादव ने कहा कि इस प्रशिक्षण से पुलिस और ग्राम कचहरी के बीच का तालमेल और अधिक मजबूत होगा। उन्होंने उम्मीद जताई कि ग्राम कचहरी को सशक्त बनाने से ग्रामीण स्तर पर न्याय प्रक्रिया अधिक प्रभावी और सुलभ हो सकेगी।

Report - balmukund kumar