Vikramshila Setu: विक्रमशिला सेतु पर तेज हुई तैयारी! CM दौरे से पहले हाई अलर्ट पर अफसर, बेली ब्रिज का हुआ निरीक्षण, रात-दिन एक कर हो रहा काम, इस दिन से जौड़ेगी गाड़ियां

Vikramshila Setu: पदाधिकारियों ने विक्रमशिला सेतु पर काम कर रही एजेंसियों और इंजीनियरों को दो टूक लहजे में अल्टीमेटम दिया है कि दी गई समय-सीमा के अंदर काम पूरा हो जाना चाहिए।...

विक्रमशिला सेतु पर गाड़ियों के दौड़ेगीं गाडियां- फोटो : reporter

Vikramshila Setu: सूबे के मुख्यमंत्री के प्रस्तावित दौरे को लेकर सिल्क सिटी भागलपुर की सरजमीं पर सियासी सरगर्मी अपने चरम पर पहुंच चुकी है। मुख्यमंत्री के आगमन और सुरक्षा को पुख्ता करने के लिए जिले आला अफसरों ने खुद कमान संभाल ली है। शनिवार को प्रमंडलीय आयुक्त प्रेम सिंह मीणा और पुलिस महानिरीक्षक विवेक कुमार ने दलबल के साथ विक्रमशिला सेतु और कार्यक्रम स्थलों का चप्पा-चप्पा छाना।  जिलाधिकारी और एसएसपी के साथ मिलकर निर्माणाधीन बेली ब्रिज के काम का बारीकी से मुआयना किया, ताकि लोगों को जल्द से जल्द जर्जर पुल की बंदिशों से निजात दिलाई जा सके।

मुख्यमंत्री के इस बेहद अहम दौरे के मद्देनजर सुरक्षा के पुख्ता बंदोबस्त, ट्रैफिक रूट और मंच व्यवस्था की समीक्षा की गई। जिले के पदाधिकारियों ने काम कर रही एजेंसियों और इंजीनियरों को दो टूक लहजे में अल्टीमेटम दिया है कि दी गई समय-सीमा के अंदर काम मुकम्मल हो जाना चाहिए। तैयारियों में रत्ती भर भी कोताही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। संवेदनशील इलाकों में विशेष सतर्कता बरतने और जिला प्रशासन तथा पुलिस महकमे के बीच बेहतर तालमेल कायम रखने की सख्त हिदायत दी गई है।

इस हाई-वोल्टेज तैयारियों के बीच विक्रमशिला सेतु पर उस वक्त सस्पेंस गहरा गया, जब पहले से तैयार बेली ब्रिज की डेक प्लेट को अचानक हटा दिया गया। इस हटाओ अभियान को लेकर बिहार राज्य पुल निर्माण निगम के जिम्मेदार अफसरों ने चुप्पी साध रखी है, जिससे कयासों का बाजार बेहद गर्म है। जानकारों का मानना है कि जब तक इन प्लेटों को दोबारा दुरुस्त नहीं किया जाता, तब तक गाड़ियों का आवागमन बहाल होना नामुमकिन है। कथित तौर पर 7 या 8 जून से पुल पर परिचालन शुरु हो जाएगा।

बहरहाल, पुल निर्माण निगम के एमडी ने भी खुद इस काम की मॉनिटरिंग की है। जिला प्रशासन का दावा है किसरकार के इकबाल को बुलंद रखने और मुख्यमंत्री के इस कार्यक्रम को कामयाब बनाने के लिए तैयारियां आखिरी मुकाम पर हैं। अब देखना है कि मुख्यमंत्री के आगमन से भागलपुर की तकदीर कितनी बदलती है!

रिपोर्ट - अंजनी कुमार कश्यप