NEET पेपर लीक को लेकर बिहार में कांग्रेस का हल्लाबोल: भागलपुर में जोरदार प्रदर्शन तो छपरा में फूंका PM और शिक्षा मंत्री का पुतला

NEET परीक्षा और कथित पेपर लीक का मुद्दा अब सड़कों पर पूरी तरह गहरा गया है। कांग्रेस पार्टी द्वारा इसे मुख्य मुद्दा बनाकर पूरे बिहार में प्रदर्शन किया जा रहा है। कांग्रेस इस मामले को लेकर केन्द्रीय शिक्षा मंत्री से इस्तीफे की मांग कर रही है....

NEET पेपर लीक को लेकर बिहार में कांग्रेस का हल्लाबोल- फोटो : अंजनी कुमार

Bhagalpur/Chapra : NEET परीक्षा विवाद और कथित पेपर लीक का मुद्दा अब सड़कों पर पूरी तरह गहरा गया है। बिहार के भागलपुर और छपरा (सारण) जिलों में कांग्रेस ने केंद्र सरकार के खिलाफ जोरदार मोर्चा खोला। कार्यकर्ताओं ने जगह-जगह विरोध-प्रदर्शन करते हुए केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे, परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता और छात्रों पर दर्ज मामलों को वापस लेने की मांग उठाई।


भागलपुर समाहरणालय गेट पर प्रदर्शन, राष्ट्रपति के नाम सौंपा ज्ञापन

भागलपुर में जिला कांग्रेस, युवा कांग्रेस और छात्र संगठनों के कार्यकर्ताओं ने समाहरणालय गेट पर विशाल प्रदर्शन किया। हाथों में तख्तियां और बैनर लिए कार्यकर्ताओं ने केंद्र सरकार और NTA की कार्यप्रणाली के खिलाफ नारेबाजी की। कांग्रेस नेता विपिन बिहारी और मुजफ्फर अहमद ने कहा कि पेपर लीक ने लाखों छात्रों के भविष्य को खतरे में डाल दिया है। प्रदर्शन के बाद प्रतिनिधिमंडल ने सदर एसडीओ विकास कुमार को राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन सौंपा। सुरक्षा व्यवस्था को लेकर सिटी डीएसपी अजय चौधरी ने बताया कि प्रदर्शन शांतिपूर्ण रहा और सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए थे।


छपरा में आक्रोश मार्च: PM मोदी और धर्मेंद्र प्रधान का पुतला दहन

उधर सारण (छपरा) में नई दिल्ली के जंतर-मंतर और पटना में छात्रों पर हुए लाठीचार्ज तथा राहुल गांधी व प्रियंका गांधी सहित कई नेताओं के साथ पुलिस कार्रवाई के विरोध में आक्रोश मार्च निकाला गया। सारण जिला कांग्रेस कमिटी के अध्यक्ष डॉ. शंकर चौधरी के नेतृत्व में नगर पालिका चौक से थाना चौक तक मार्च निकाला गया, जिसके बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का पुतला फूंका गया।


असहमति की आवाज को दबाना लोकतंत्र के विपरीत: डॉ. शंकर चौधरी

सभा को संबोधित करते हुए जिलाध्यक्ष डॉ. शंकर चौधरी ने कहा कि जंतर-मंतर पर शांतिपूर्ण आंदोलन कर रहे छात्रों और शीर्ष नेताओं पर पुलिस कार्रवाई लोकतांत्रिक मूल्यों के विपरीत है। उन्होंने मांग की कि सरकार बल प्रयोग के बजाय संवाद के जरिए समाधान निकाले, शिक्षा मंत्री इस्तीफा दें और गिरफ्तार लोगों को तुरंत रिहा किया जाए। इस मौके पर हरेश यादव, कन्हैया गिरी, डॉ. ब्रजेंद्र सिंह आजाद सहित दर्जनों कार्यकर्ता मौजूद रहे।


राजनीतिक गरमाहट तेज, उग्र आंदोलन की दी चेतावनी

भागलपुर और छपरा में हुए इन प्रदर्शनों के बाद राज्य में राजनीतिक पारा चढ़ गया है। कांग्रेस नेताओं ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि नीट अभ्यर्थियों की मांगों पर जल्द और पारदर्शी कार्रवाई नहीं हुई, तो इस आंदोलन को पूरे राज्य में और अधिक उग्र किया जाएगा।


भागलपुर से अंजनी और छपरा से धर्मेंद्र की रिपोर्ट