CHC प्रभारी का काला चिट्ठा: अस्पताल की अलमारियां 'बेटी के घर' भेजीं और महिला कर्मियों से की बदसलूकी, जिला परिषद अध्यक्ष ने सिविल सर्जन को किया तलब!

भागलपुर के इस्माईलपुर सीएचसी में सरकारी सामान की चोरी और महिला कर्मी से बदसलूकी का बड़ा मामला। जिला परिषद अध्यक्ष ने सिविल सर्जन को दिए डॉ. राकेश रंजन को हटाने के निर्देश। पढ़ें पूरी रिपोर्ट।

Bhagalpur - जिले के इस्माईलपुर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (CHC) में एक बड़ा घोटाला और रसूख के दुरुपयोग का मामला सामने आया है। सीएचसी प्रभारी डॉ. राकेश रंजन पर सरकारी सामान अपने निजी आवास भेजने और महिला कर्मियों के साथ अमर्यादित व्यवहार करने के गंभीर आरोप लगे हैं। इस मामले में जिला परिषद अध्यक्ष विपीन कुमार मंडल ने कड़ा रुख अपनाते हुए सिविल सर्जन को तलब किया और आरोपी प्रभारी को तत्काल हटाने का निर्देश दिया है।

सरकारी अस्पताल की अलमारियां 'निजी आवास' में: सीसीटीवी ने खोली पोल

जांच में यह सनसनीखेज खुलासा हुआ है कि 14 मार्च 2026 को दवा लाने वाले सरकारी वाहन का उपयोग कर सीएचसी की दो अलमारियां डॉ. रंजन के बरारी स्थित निजी आवास (बेटी के घर) भेज दी गईं। चोरी पकड़ी न जाए, इसके लिए आनन-फानन में 27 मार्च को नई अलमारियां खरीदकर स्वास्थ्य उपकेंद्र पहुंचाई गईं। बताया जा रहा है कि इस पूरी हेराफेरी की पुष्टि सीसीटीवी फुटेज से की जा सकती है। इसके अलावा अस्पताल की कुर्सियां भी डॉक्टर के घर पाए जाने की बात सामने आई है।

बायोमेट्रिक हाजिरी के बहाने 'गंदा खेल'?

महिला कर्मियों ने आरोप लगाया है कि सीएचसी में बायोमेट्रिक हाजिरी सिस्टम जानबूझकर प्रभारी के निजी कक्ष में रखा गया है। हाजिरी बनाने के बहाने महिला कर्मियों को बार-बार अंदर बुलाया जाता है, जहाँ उनके साथ शारीरिक और मानसिक प्रताड़ना के साथ-साथ अमर्यादित व्यवहार किया जाता है।

जिला परिषद अध्यक्ष की चेतावनी: "डॉक्टर भगवान है, हैवान नहीं"

मामले की गंभीरता को देखते हुए जिला परिषद अध्यक्ष विपीन कुमार मंडल ने कहा कि चिकित्सा जगत में डॉक्टर को भगवान माना जाता है, लेकिन ऐसे कृत्य बर्दाश्त के बाहर हैं। उन्होंने सिविल सर्जन से स्पष्ट मांग की है कि डॉ. राकेश रंजन का तत्काल स्थानांतरण किया जाए। एक स्वतंत्र जांच टीम गठित कर निष्पक्ष जांच हो। अस्पताल के स्टॉक रजिस्टर का भौतिक सत्यापन (Physical Verification) कर रिपोर्ट सौंपी जाए।