श्रावणी मेला-2026 की तैयारियां तेज: अधिकारियों ने विभिन्न स्थलों का किया स्थलीय निरीक्षण

श्रावणी मेला-2026 की तैयारियां तेज- फोटो : बाल मुकुंद कुमार

Bhagalpur : श्रावणी मेला-2026 के सफल और सुव्यवस्थित आयोजन को सुनिश्चित करने के लिए जिला प्रशासन पूरी तरह सक्रिय नजर आ रहा है। इसी क्रम में आज जिला प्रशासन के विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारी पूरे दिन मेला क्षेत्र में भ्रमणशील रहे और अलग-अलग स्थलों पर चल रहे विकास एवं व्यवस्थागत कार्यों का स्थलीय निरीक्षण कर तैयारियों की प्रगति की बारीकी से समीक्षा की।


अधिकारियों ने मेला क्षेत्र का किया सघन भ्रमण, प्रमुख स्थलों का लिया जायजा

अधिकारियों की टीम ने दांडी बिलारी, एयरपोर्ट क्षेत्र, किशनगढ़, तिलकपुर, महाराजा पंडाल और नमामि गंगे घाट जैसे प्रमुख स्थलों का दौरा किया। इस दौरान उन्होंने साफ-सफाई, शुद्ध पेयजल की उपलब्धता, प्रकाश व्यवस्था, अस्थायी शौचालयों, बैरिकेडिंग, श्रद्धालुओं के आवागमन के मार्ग, पार्किंग व्यवस्था, स्वास्थ्य सुविधाएं, विद्युत आपूर्ति, सुरक्षा प्रबंध, ट्रैफिक प्रबंधन और भीड़ नियंत्रण से जुड़े तमाम पहलुओं का जायजा लिया।


सभी कार्य निर्धारित समय-सीमा के भीतर गुणवत्तापूर्ण ढंग से पूरा करने के निर्देश

निरीक्षण के दौरान संबंधित कार्यकारी एजेंसियों और विभागीय पदाधिकारियों को कड़े निर्देश दिए गए कि सभी निर्माण एवं व्यवस्था संबंधी कार्य तय समय-सीमा के भीतर और उच्च गुणवत्ता के साथ पूर्ण किए जाएं। जिन क्षेत्रों में अतिरिक्त कार्यों या सुधार की आवश्यकता महसूस की गई, वहां तुरंत सुधारात्मक कदम उठाने के आदेश दिए गए।


नमामि गंगे घाट पर स्वच्छतासुरक्षा कर्मियों की तैनातीगोताखोरों और आपदा प्रबंधन की तैयारियों का विशेष रूप से किया गया निरीक्षण

नमामि गंगे घाट पर विशेष रूप से श्रद्धालुओं की सुरक्षा पर जोर देते हुए घाटों की सफाई, बैरिकेडिंग, लाइटिंग, सुरक्षा कर्मियों की तैनाती, गोताखोरों की उपलब्धता और आपदा प्रबंधन से जुड़ी तैयारियों की गहन समीक्षा की गई। इसके अलावा महाराजा पंडाल और अन्य प्रमुख स्थलों पर श्रद्धालुओं को मिलने वाली मूलभूत सुविधाओं का भी निरीक्षण किया गया।


जिला प्रशासन सभी संबंधित विभागों के बीच बेहतर तालमेल बिठाकर रोजाना मैदानी स्तर पर तैयारियों की मॉनिटरिंग कर रहा है ताकि मेला अवधि के दौरान देश-विदेश से आने वाले श्रद्धालुओं को किसी भी प्रकार की असुविधा न हो और उन्हें एक सुरक्षित व सुगम वातावरण मिल सके। अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि वे नियमित रूप से क्षेत्र में मुस्तैद रहकर व्यवस्थाओं की निगरानी करें और किसी भी कमी के पाए जाने पर उसका तुरंत समाधान सुनिश्चित करें।


बालमुकुंद की रिपोर्ट