28 अगस्त की रात बंद होगा विक्रमशिला सेतु? वैकल्पिक इंतजाम पर अब तक फैसला नहीं, हजारों यात्रियों पर मंडराया संकट
Bihar News: विक्रमशिला सेतु पर 28 अगस्त की रात से आवागमन बंद होने की संभावित स्थिति ने आम लोगों की चिंता बढ़ा दी है।
Bhagalpur: नवगछिया के बीच लाइफलाइन माने जाने वाले विक्रमशिला सेतु पर 28 अगस्त की रात से आवागमन बंद होने की संभावित स्थिति ने आम लोगों की चिंता बढ़ा दी है। सेतु के पुनर्स्थापन कार्य को लेकर विभागीय स्तर पर पत्राचार की बात सामने आ रही है, लेकिन जिला प्रशासन को अब तक पत्र की जानकारी नहीं होने से व्यवस्था और समन्वय पर सवाल खड़े हो गए हैं। अगर समय रहते वैकल्पिक इंतजाम नहीं किया गया तो पुल बंद होते ही हजारों लोगों के सामने आवाजाही का बड़ा संकट खड़ा हो सकता है।
विक्रमशिला सेतु भागलपुर और नवगछिया के बीच सड़क संपर्क की सबसे अहम कड़ी है। रोजाना करीब दो हजार ऑटो और ई-रिक्शा समेत बड़ी संख्या में छोटे-बड़े वाहन इस पुल से गुजरते हैं। नौकरीपेशा लोग, कारोबारी, छात्र, किसान, मजदूर और सरकारी कर्मचारी बड़ी संख्या में इसी रास्ते से अपने गंतव्य तक पहुंचते हैं। ऐसे में सेतु पर आवाजाही ठप होने का असर सीधे आम जिंदगी और स्थानीय कारोबार पर पड़ना तय माना जा रहा है।
सेतु बंद होने के बाद वैकल्पिक व्यवस्था के तौर पर नाव परिचालन की चर्चा जरूर है, लेकिन गंगा के बढ़ते जलस्तर ने इस विकल्प पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं। छोटे नावों के संचालन में सुरक्षा चुनौती बन सकती है। ऐसे में प्रशासन के सामने सबसे बड़ी चुनौती सुरक्षित, सुगम और व्यावहारिक वैकल्पिक मार्ग तैयार करने की है।
पुल निर्माण निगम स्पेशल डिवीजन के अधिकारियों का कहना है कि पुनर्स्थापन कार्य को लेकर विभाग की ओर से पत्र भेजा गया है। दूसरी ओर जिला प्रशासन का कहना है कि पत्र मिलने के बाद ही वैकल्पिक व्यवस्था को लेकर निर्णय लिया जाएगा। संबंधित अभियंताओं से भी इस संबंध में जानकारी मांगी गई है।
यानी एक तरफ सेतु बंद होने की तारीख करीब आती जा रही है और दूसरी तरफ वैकल्पिक व्यवस्था अभी कागजी कवायद में उलझी नजर आ रही है। विभाग और जिला प्रशासन के बीच समन्वय की यह खींचतान अगर जल्द खत्म नहीं हुई तो पुल बंद होने के बाद सड़क पर जाम, यात्रियों की परेशानी और कारोबार पर दबाव बढ़ सकता है।
लोगों की मांग है कि 28 अगस्त से पहले वैकल्पिक आवागमन की स्पष्ट और सुरक्षित योजना सार्वजनिक की जाए। हजारों यात्रियों की रोजमर्रा की जरूरतों को देखते हुए प्रशासन को तत्काल ठोस फैसला लेना होगा, वरना सेतु बंद होते ही भागलपुर-नवगछिया के बीच अफरातफरी का आलम पैदा हो सकता है।
रिपोर्ट- बालमुकुंद कुमार