Buxar School: बक्सर के स्कूल में खुली लापरवाही की पोल! पढ़ाई, रिकॉर्ड और वित्तीय मामलों में गड़बड़ी, 4 शिक्षक सस्पेंड
Buxar School: बक्सर के गरहथा कला मध्य विद्यालय में जांच के दौरान पढ़ाई, स्कूल रिकॉर्ड और वित्तीय मामलों से जुड़ी कई गड़बड़ियां सामने आईं। प्रभारी प्रधानाध्यापक समेत चार शिक्षक निलंबित किए गए।
Buxar School: बिहार के बक्सर जिले के ब्रह्मपुर प्रखंड स्थित गरहथा कला मध्य विद्यालय में जांच के दौरान शिक्षा व्यवस्था से लेकर स्कूल के रिकॉर्ड और पैसों के हिसाब-किताब तक कई खामियां सामने आई हैं। जांच रिपोर्ट के आधार पर प्रभारी प्रधानाध्यापक राधामोहन यादव समेत चार शिक्षकों को निलंबित कर दिया गया है। सभी के खिलाफ विभागीय कार्रवाई भी शुरू की गई है।
यह मामला डुमरांव के नथुनी अहीर के डेरा मध्य विद्यालय में छात्राओं से जुड़े मामले के बाद शिक्षा विभाग की ओर से की जा रही सख्ती के बीच सामने आया है।
पढ़ाई से जुड़े रिकॉर्ड नहीं मिले
प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी की ओर से की गई जांच में स्कूल की पढ़ाई व्यवस्था पर कई सवाल उठे। 25 अगस्त को स्कूल का निरीक्षण किया गया था। इस दौरान शिक्षकों से पिछले एक महीने में कराई गई पढ़ाई का रिकॉर्ड मांगा गया, लेकिन पाठ-टीका उपलब्ध नहीं कराया जा सका।
छात्रों को नियमित गृहकार्य दिए जाने और उनकी कॉपियों की जांच किए जाने का भी कोई ठोस रिकॉर्ड जांच टीम को नहीं मिला। समय-सारणी पर भी प्रभारी प्रधानाध्यापक और संबंधित शिक्षकों के हस्ताक्षर नहीं थे। इसके अलावा कक्षाओं के संचालन से जुड़ा रजिस्टर भी स्कूल में नहीं मिला। जांच के दौरान कुछ छात्रों ने बताया कि गणित, विज्ञान और अंग्रेजी की पढ़ाई दूसरे शिक्षक कराते हैं। इन शिकायतों को भी जांच टीम ने दर्ज किया।
छात्रा से कंधा दबवाने का आरोप
जांच रिपोर्ट में शिक्षक रामबचन यादव पर एक छात्रा से कंधा दबवाने का आरोप भी दर्ज किया गया है। हालांकि शिक्षक ने जांच के दौरान इस आरोप को गलत बताया और इससे इनकार किया। रिपोर्ट में रामबचन यादव के खिलाफ पाठ-टीका तैयार नहीं करने, गृहकार्य नहीं देने और समय-सारणी के अनुसार कक्षा नहीं लेने से जुड़े आरोप भी दर्ज किए गए हैं।
शौचालय में रखी मिलीं कॉपियां और किताबें
स्कूल के भौतिक निरीक्षण के दौरान बच्चों को बांटने के लिए आई कॉपियां शौचालय में बंद मिलीं। खेल सामग्री, संगीत से जुड़ा सामान और किताबें भी शौचालयों में रखी हुई थीं। स्कूल में कुल चार शौचालय पाए गए, लेकिन उनमें से केवल दो का इस्तेमाल हो रहा था। बाकी दो शौचालयों में सामान रखा गया था।
स्कूल के पैसे और रिकॉर्ड को लेकर भी सवाल
जांच में स्कूल को मिलने वाली राशि के इस्तेमाल से जुड़े रिकॉर्ड भी पूरे नहीं मिले। मध्याह्न भोजन, कंपोजिट ग्रांट और स्कूल की मरम्मत पर खर्च की गई रकम से जुड़े कई दस्तावेज जांच टीम को उपलब्ध नहीं कराए गए। पीपीए, रोकड़ पंजी और स्टॉक पंजी जैसे रिकॉर्ड भी स्कूल में नहीं मिले। प्रभारी प्रधानाध्यापक ने जांच अधिकारियों को बताया कि कुछ दस्तावेज उनके घर पर रखे हैं। इसके बाद जांच अधिकारी ने मामले को गंभीर लापरवाही मानते हुए वित्तीय गड़बड़ी की संभावना पर भी सवाल उठाए।
मिड-डे मील की गुणवत्ता पर भी शिकायत
स्कूल में मिलने वाले मध्याह्न भोजन को लेकर भी छात्रों ने शिकायत की। बच्चों ने बताया कि खाने में हरी सब्जी नहीं दी जाती। रिकॉर्ड उपलब्ध नहीं होने के कारण स्टोर में रखे चावल की भी जांच नहीं हो सकी।
स्कूल शिक्षा समिति की जानकारी भी साफ नहीं
जांच के दौरान स्कूल शिक्षा समिति की व्यवस्था भी ठीक नहीं मिली। मौके पर मौजूद वार्ड एक और वार्ड दो के सदस्यों ने बताया कि उन्हें यह जानकारी नहीं थी कि स्कूल शिक्षा समिति का अध्यक्ष कौन है। दोनों सदस्यों ने समिति के रजिस्टर पर हस्ताक्षर करने से भी इनकार किया। जांच रिपोर्ट के अनुसार समिति से जुड़े जरूरी रजिस्टर भी स्कूल में नहीं मिले, जबकि नियम के अनुसार समिति की बैठक हर महीने होनी चाहिए।
अनुपस्थित शिक्षिका को उपस्थित दिखाने का आरोप
शिक्षिका खुशबू कुमारी से जुड़ी एक और गड़बड़ी जांच में सामने आई। रिपोर्ट के अनुसार ई-शिक्षाकोष में वह 1 मई से 17 मई 2026 तक अनुपस्थित दर्ज थीं। इसके बावजूद मई की उपस्थिति रिपोर्ट में उन्हें उपस्थित दिखाकर वेतन दिए जाने की बात सामने आई है। जांच अधिकारी ने इसे पैसों से जुड़ी गड़बड़ी का मामला माना है। इस मामले में 18 अगस्त को उनसे जवाब मांगा गया था, लेकिन रिपोर्ट के अनुसार तय समय तक जवाब नहीं दिया गया।
पढ़ाई से नाराज छात्रों ने की थी तालाबंदी
स्कूल की पढ़ाई और शिक्षकों के काम से नाराज छात्र-छात्राओं ने 22 अगस्त को स्कूल के मुख्य गेट पर तालाबंदी कर दी थी। जांच रिपोर्ट में कहा गया है कि प्रभारी प्रधानाध्यापक ने इस घटना की जानकारी प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी के कार्यालय को नहीं दी। जांच अधिकारी ने इसे गंभीर प्रशासनिक लापरवाही माना।
चार शिक्षकों पर हुई कार्रवाई
जांच में सामने आई अलग-अलग गड़बड़ियों के आधार पर प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी ने संबंधित शिक्षकों और प्रभारी प्रधानाध्यापक पर कार्रवाई की सिफारिश की। इसके बाद प्रभारी प्रधानाध्यापक राधामोहन यादव और शिक्षक रामबचन यादव, राकेश सिंह तथा योगेंद्र यादव को निलंबित कर दिया गया। एक ही स्कूल में पढ़ाई, रिकॉर्ड, स्कूल के सामान, मध्याह्न भोजन और वित्तीय मामलों से जुड़ी कई शिकायतें सामने आने के बाद शिक्षा विभाग की कार्रवाई से दूसरे स्कूलों में भी निगरानी बढ़ने की उम्मीद है।
बक्सर से संदीप वर्मा की रिपोर्ट