अब पटना से कोईलवर नहीं, बक्सर तक होगा मरीन ड्राइव का विस्तार, दो घंटे में होगा पूरा सफर

बिहार के डिप्टी सीएम सम्राट चौधरी ने एलान किया कि पटना मरीन ड्राइव का विस्तार बक्सर तक होगा। बक्सर में पेप्सी और कोका-कोला के प्लांट से बढ़ेगा रोजगार। पढ़ें पूरी रिपोर्ट।

Buxar - बिहार के उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने बक्सर दौरे के दौरान राज्य के बुनियादी ढांचे को लेकर कई महत्वपूर्ण घोषणाएं कीं। उन्होंने बताया कि पटना के जेपी गंगा पथ (मरीन ड्राइव) का विस्तार अब बक्सर तक किया जाएगा। कोइलवर तक इसका काम पहले ही शुरू हो चुका है, और अब इसे बक्सर तक जोड़ने की योजना पर मुहर लग गई है। इस प्रोजेक्ट से न केवल कनेक्टिविटी बेहतर होगी, बल्कि गंगा किनारे बसे जिलों के आर्थिक विकास को भी नई गति मिलेगी।

5 घंटे का सफर अब सिर्फ 2 घंटे में होगा पूरा

सड़कों की बदलती सूरत का जिक्र करते हुए डिप्टी सीएम ने कहा कि एक दौर था जब पटना से बक्सर जाने में 5 घंटे से अधिक का समय लगता था और लोग केवल ट्रेनों पर निर्भर थे। उन्होंने दावा किया कि 'डबल इंजन' सरकार के प्रयासों से अब यह दूरी सिमटकर महज डेढ़ से दो घंटे रह गई है। बेहतर सड़क नेटवर्क और तीव्र गति से हो रहे इंफ्रास्ट्रक्चर विकास ने यात्रा को सुगम और समय की बचत करने वाला बना दिया है।

फोरलेन कनेक्टिविटी और गंगा पर नया पुल

बक्सर के विकास को गति देने के लिए कनेक्टिविटी के कई प्रोजेक्ट्स पर एक साथ काम चल रहा है। सम्राट चौधरी ने जानकारी दी कि बक्सर-चौसा सड़क को फोरलेन में तब्दील करने के लिए जमीन अधिग्रहण की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है। साथ ही, केंद्रीय बजट 2024 के तहत बक्सर में गंगा नदी पर एक नए फोरलेन पुल का निर्माण भी किया जा रहा है। मुख्यमंत्री के विशेष आग्रह पर स्वीकृत यह प्रोजेक्ट इलाके की परिवहन व्यवस्था के लिए गेम-चेंजर साबित होगा।

इंडस्ट्रियल हब के रूप में उभर रहा है बक्सर

सम्राट चौधरी ने बक्सर की नई पहचान 'इंडस्ट्रियल हब' के रूप में पेश की। उन्होंने कहा कि बक्सर अब केवल अपनी ऐतिहासिक और धार्मिक महत्ता तक सीमित नहीं रहेगा। सीमेंट फैक्ट्री के उद्घाटन के बाद अब बक्सर और डुमरांव देश के बड़े बेवरेज सेंटर बनने जा रहे हैं। जल्द ही यहाँ पेप्सी और कोका-कोला जैसे अंतरराष्ट्रीय ब्रांड्स के बड़े प्लांट काम करना शुरू करेंगे, जिससे यह क्षेत्र औद्योगिक मानचित्र पर मजबूती से उभरेगा।

'मेड इन बक्सर' से रुकेगा पलायन और मिलेगा रोजगार

रोजगार के मुद्दे पर जोर देते हुए उपमुख्यमंत्री ने कहा कि अब बिहार के युवा 'मेड इन यूएसए' नहीं, बल्कि 'मेड इन बक्सर' कोल्ड ड्रिंक्स पिएंगे। उन्होंने राज्य सरकार के उस संकल्प को दोहराया जिसमें एक करोड़ लोगों को रोजगार देने का लक्ष्य रखा गया है। सरकार की योजना है कि बिहार के मजदूरों को काम के लिए राज्य से बाहर न जाना पड़े, जिससे पलायन पर प्रभावी रोक लग सके।