विश्वामित्र सेना की मांग : बक्सर को अयोध्या-काशी की तर्ज पर किया जाए विकसित
बिहार में अधिक से अधिक राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय पर्यटकों को आकर्षित करना है, तो सरकार को राज्य के पर्यटन क्षेत्र को विशेष प्राथमिकता सूची में शामिल करना होगा। यह बात विश्वामित्र सेना के राष्ट्रीय संयोजक राजकुमार चौबे ने कही है....
Buxar : विश्वामित्र सेना के राष्ट्रीय संयोजक राजकुमार चौबे ने बक्सर को देश के एक बड़े धार्मिक एवं सांस्कृतिक पर्यटन के प्रमुख केंद्र के रूप में विकसित करने की पुरजोर मांग की है। उनका स्पष्ट कहना है कि यदि बिहार में अधिक से अधिक राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय पर्यटकों को आकर्षित करना है, तो सरकार को राज्य के पर्यटन क्षेत्र को विशेष प्राथमिकता सूची में शामिल करना होगा।
महर्षि विश्वामित्र की तपोभूमि और सनातन संस्कृति का गौरव
राजकुमार चौबे ने बक्सर के पौराणिक महत्व को रेखांकित करते हुए कहा कि यह पावन भूमि महर्षि विश्वामित्र की तपोभूमि है। यह क्षेत्र हिंदू सनातन संस्कृति की अत्यंत समृद्ध और गौरवशाली विरासत को अपने भीतर समेटे हुए है। रामायण काल से जुड़े होने के कारण इस भूमि का ऐतिहासिक और आध्यात्मिक महत्व देश के किसी भी अन्य बड़े धार्मिक स्थल से कम नहीं है।
बक्सर कॉरिडोर से वैश्विक मानचित्र पर मिलेगी नई पहचान
धार्मिक विरासत को संजोने के लिए उन्होंने बक्सर को उत्तर प्रदेश के अयोध्या और काशी (वाराणसी) की तर्ज पर भव्य रूप से विकसित करने की वकालत की। उन्होंने सरकार से मांग की कि यहां 'बक्सर कॉरिडोर' का निर्माण जल्द से जल्द शुरू किया जाए, ताकि इस ऐतिहासिक नगरी की धार्मिक और सांस्कृतिक पहचान को राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर एक नई और मजबूत पहचान मिल सके।
पर्यटन को बढ़ावा मिलने के साथ पैदा होंगे रोजगार के अवसर
राजकुमार चौबे के अनुसार, बक्सर कॉरिडोर का निर्माण केवल धार्मिक दृष्टिकोण से ही नहीं, बल्कि आर्थिक रूप से भी राज्य के लिए बेहद फायदेमंद साबित होगा। इस कॉरिडोर के बनने से क्षेत्र में धार्मिक पर्यटन (Religious Tourism) को अभूतपूर्व बढ़ावा मिलेगा, जिससे स्थानीय युवाओं और व्यवसायियों के लिए रोजगार तथा स्वरोजगार के हजारों नए अवसर सृजित होंगे।
बिहार की समृद्ध सांस्कृतिक धरोहर को मिलेगा वैश्विक मंच
उन्होंने अंत में जोर देकर कहा कि इस महत्वाकांक्षी परियोजना के धरातल पर उतरने से न केवल बक्सर का कायाकल्प होगा, बल्कि बिहार की समृद्ध सांस्कृतिक धरोहर को वैश्विक मंच पर मजबूती से स्थापित करने में बड़ी मदद मिलेगी। बक्सर का विकास होने से यह पूरा इलाका एक प्रमुख टूरिस्ट हब में तब्दील हो जाएगा, जिसका सीधा लाभ राज्य के राजस्व और बुनियादी ढांचे (Infrastructure) को मिलेगा।
नरोत्तम की रिपोर्ट