गंडक नदी का मुख्य तटबंध टूटा: सारण के मकेर में 50 फीट कटाव, सैकड़ों गांवों पर मंडराया बाढ़ का खतरा
सारण जिले में गंडक ने तबाही मचाना शुरु कर दिया है। जिले के मकेर प्रखंड अंतर्गत हैजलपुर गांव के समीप बुधवार को गंडक नदी का मुख्य सारण तटबंध करीब 50 फीट तक टूट गया। तटबंध टूटने से नदी का पानी आसपास के निचले इलाकों और गांवों की ओर तेजी से फैलने लगा है.
Chapra : सारण जिले के मकेर प्रखंड अंतर्गत हैजलपुर गांव के समीप बुधवार को गंडक नदी का मुख्य सारण तटबंध करीब 50 फीट तक टूट गया। तटबंध टूटने से नदी का पानी आसपास के निचले इलाकों और गांवों की ओर तेजी से फैलने लगा है। इस अचानक आई आपदा के कारण मकेर और आसपास के सैकड़ों गांवों पर बाढ़ का गंभीर खतरा मंडराने लगा है, जिससे स्थानीय लोगों के बीच दहशत का माहौल व्याप्त हो गया है।
सुबह 7 बजे बढ़ा पानी का दबाव, ग्रामीणों ने की बचाव की कोशिश
मिली जानकारी के अनुसार, बुधवार सुबह करीब 7 बजे से गंडक के जलस्तर और पानी के दबाव में अचानक भारी वृद्धि हुई। बहाव तेज होते ही देखते ही देखते तटबंध का करीब 50 फीट हिस्सा बह गया। स्थिति बिगड़ती देख स्थानीय ग्रामीणों ने अपने स्तर पर प्लास्टिक और उपलब्ध संसाधनों की मदद से पानी के बहाव को रोकने की काफी कोशिश की, लेकिन पानी का दबाव इतना अधिक था कि ग्रामीणों के प्रयास नाकाफी साबित हुए।
प्रशासनिक टीम ने संभाला मोर्चा, लाउडस्पीकर से ग्रामीणों को किया सतर्क
तटबंध टूटने की सूचना मिलते ही पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों की टीम तुरंत घटनास्थल पर पहुँची। डीएसपी समेत पुलिस व प्रशासन के अधिकारियों ने मौके पर पहुँचकर स्थिति का जायजा लिया। प्रशासन द्वारा लाउडस्पीकर के जरिए माइकिंग कराकर ग्रामीणों को सतर्क रहने और सुरक्षित स्थानों पर जाने की अपील की जा रही है। पानी के तेजी से फैलने से कई खेतों में लगी फसलें जलमग्न हो गई हैं और गांवों के बीच आवागमन प्रभावित हुआ है।
जिलाधिकारी ने पूर्व में ही दिए थे सतर्कता बरतने के निर्देश
उल्लेखनीय है कि सारण के जिलाधिकारी वैभव श्रीवास्तव ने गंडक के जलस्तर में संभावित बढ़ोतरी को देखते हुए पूर्व में ही अधिकारियों को सतर्क रहने, तटबंधों की सतत निगरानी करने, नावों की व्यवस्था और सामुदायिक रसोई को तैयार रखने के निर्देश दिए थे। जून महीने में डीएम ने स्वयं हैजलपुर क्षेत्र में चल रहे कटाव निरोधी कार्यों का निरीक्षण कर काम को गुणवत्तापूर्ण ढंग से पूरा करने का निर्देश दिया था।
पानी के फैलाव को रोकने में जुटी जल संसाधन विभाग की टीम
तटबंध टूटने के बाद अब जिला प्रशासन और जल संसाधन विभाग के सामने पानी के फैलाव को नियंत्रित करने के साथ-साथ प्रभावित ग्रामीणों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की बड़ी चुनौती है। प्रशासनिक और जल संसाधन विभाग की तकनीकी टीमें घटनास्थल पर कैंप कर स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए हैं और तटबंध को बांधने तथा पानी के रुख को मोड़ने के लिए आवश्यक कदम उठाए जा रहे हैं।
धर्मेन्द्र की रिपोर्ट