Bihar Flood: गंडक के बढ़ते जलस्तर से सारण में अलर्ट, 6 घंटे में पूरी तैयारी का डीएम का फरमान

Bihar Flood: गंडक के बढ़ते जलस्तर से प्रशासन ने नदी तटीय इलाकों में तत्काल माइकिंग के साथ संवेदनशील टोलों को सुरक्षित आश्रय स्थल पर पहुंचाने की कवायद तेज कर दी है।...

बाढ़ की आशंका- फोटो : DHARMENDRA

CHAPRA: नेपाल में भारी बारिश और गंडक नदी के जलस्तर में संभावित बढ़ोतरी को देखते हुए सारण जिला प्रशासन ने बाढ़ के खतरे से निपटने के लिए कमर कस ली है। जिलाधिकारी वैभव श्रीवास्तव ने सभी संबंधित पदाधिकारियों को पूरी मुस्तैदी के साथ काम करने और अगले छह घंटे के भीतर तमाम जरूरी तैयारियां पूरी करने का सख्त निर्देश दिया है। प्रशासन ने नदी तटीय इलाकों में तत्काल माइकिंग कराने के साथ-साथ संवेदनशील टोलों को सुरक्षित आश्रय स्थल और सामुदायिक रसोई से जोड़ने की कवायद तेज कर दी है।

डीएम ने निर्देश दिया है कि नदी किनारे बसे लोगों तक समय रहते संभावित खतरे की सूचना पहुंचाई जाए, ताकि जलस्तर बढ़ने की स्थिति में उन्हें बिना अफरातफरी के सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया जा सके। मकेर और दरियापुर समेत संभावित प्रभावित इलाकों में नावों की अग्रिम व्यवस्था करने को कहा गया है। नावों पर लाल झंडे के साथ आवश्यक बैनर और फ्लेक लगाने का भी निर्देश दिया गया है। बाढ़ की आशंका को देखते हुए सभी अंचलों में पर्याप्त मात्रा में पॉलिथीन शीट का स्टॉक रखने को कहा गया है। जरूरत पड़ने पर जिला मुख्यालय से अतिरिक्त सामग्री उपलब्ध कराने की व्यवस्था भी सुनिश्चित की जाएगी। वहीं, तटबंधों की सुरक्षा को लेकर लगातार निगरानी और नियमित पेट्रोलिंग के निर्देश दिए गए हैं। इसके लिए 48 होमगार्ड जवानों की तैनाती की गई है।

मढ़ौरा और सोनपुर एसडीओ को कमांडेंट से होमगार्ड जवानों के संपर्क नंबर लेकर उनकी निगरानी ड्यूटी प्रभावी ढंग से सुनिश्चित करने को कहा गया है। किसी भी आकस्मिक परिस्थिति में तत्काल राहत और बचाव अभियान शुरू करने के लिए मढ़ौरा अनुमंडल, मकेर और दरियापुर में दो-दो एसडीआरएफ कर्मियों की तैनाती सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया है।

प्रशासन ने सामुदायिक रसोई को भी अलर्ट मोड में रखने का फैसला किया है। सभी प्रखंडों में वेंडरों की पहचान कर कच्ची सामग्री और बर्तनों की उपलब्धता सुनिश्चित करने को कहा गया है, ताकि जरूरत पड़ते ही प्रभावित लोगों के लिए भोजन की व्यवस्था शुरू की जा सके। जिलाधिकारी ने मुखिया और पंचायती राज संस्थाओं के प्रतिनिधियों के साथ बैठक कर उन्हें ताजा स्थिति की जानकारी देने तथा उनके माध्यम से ग्रामीणों तक जरूरी सूचनाएं पहुंचाने का निर्देश दिया है। साथ ही स्थानीय स्तर से फीडबैक लेकर प्रशासन तक पहुंचाने को भी कहा गया है। कानून-व्यवस्था के मद्देनजर एसडीपीओ और थानाध्यक्षों के साथ समन्वय स्थापित कर जरूरत पड़ने पर पुलिस बल की तैनाती सुनिश्चित करने को कहा गया है। स्वास्थ्य विभाग को मेडिकल कैंप और एंबुलेंस तैयार रखने का निर्देश मिला है। प्रशासन का फोकस फिलहाल पूर्व तैयारी, सतत निगरानी और किसी भी आपात स्थिति में त्वरित प्रतिक्रिया पर है।

रिपोर्ट-धर्मेंद्र