Bihar News : सारण कोर्ट ने नाबालिग लड़के से दुष्कर्म के आरोपी को 20 साल जेल की सुनाई सजा, 50 हज़ार रूपये का लगाया जुर्माना

Bihar News : सारण जिले की विशेष पोक्सो अदालत ने नाबालिग लड़के से दुष्कर्म के एक गंभीर मामले में सुनवाई पूरी करते हुए दोषी जहांगीर आलम को 20 वर्ष के कठोर कारावास की सजा सुनाई है.....पढ़िए आगे

दुष्कर्म के आरोपी को सजा - फोटो : DHARMENDRA

CHAPRA : सारण जिले के विशेष पोक्सो न्यायालय ने नाबालिग लड़के से दुष्कर्म के मामले में दोषसिद्ध आरोपी जहांगीर आलम को 20 वर्ष के कठोर कारावास की सजा सुनाई है। न्यायालय ने पोक्सो अधिनियम की दो धाराओं के तहत सजा के साथ कुल 50 हजार रुपए का अर्थदंड भी लगाया है। अर्थदंड का भुगतान नहीं करने पर अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा। दोनों धाराओं के तहत सुनाई गई सजाएं साथ- साथ चलेंगी। विशेष न्यायालय पोक्सो की न्यायाधीश स्मिता राज ने अवतार नगर थाना कांड संख्या- 296/24 से संबंधित पोक्सो वाद संख्या 152/25 में यह फैसला सुनाया। दोषसिद्ध आरोपी जहांगीर आलम सारण जिले के अवतार नगर थाना क्षेत्र अंतर्गत मठिया कमालपुर गांव का निवासी है।

20 साल का कारावास 

न्यायालय ने पोक्सो अधिनियम की धारा- 4 के तहत 20 वर्ष के कठोर कारावास और 25 हजार रुपए अर्थदंड की सजा सुनाई है, वहीं, धारा- 6 के तहत भी 20 वर्ष के कठोर कारावास और 25 हजार रुपए अर्थदंड का आदेश दिया है। प्रत्येक धारा में अर्थदंड नहीं देने पर छह महीने के अतिरिक्त कारावास का प्रावधान किया गया है। दोनों सजाएं साथ- साथ चलने के कारण कारावास की अवधि 20 वर्ष होगी। 

सात गवाहों की गवाही 

उक्त मामले में अभियोजन पक्ष की ओर से विशेष लोक अभियोजक पोक्सो सर्वजीत ओझा और उनके सहायक अधिवक्ता अश्वनी कुमार ने सरकार का पक्ष रखा। सुनवाई के दौरान अभियोजन की ओर से कुल सात गवाहों की गवाही कराई गई। वहीं, सूचिका की ओर से अधिवक्ता अजय प्रकाश सिंह ने न्यायालय में पक्ष रखा।

मां की शिकायत पर दर्ज हुई थी प्राथमिकी: 

मामले में पीड़ित नाबालिग लड़के की मां ने अवतार नगर थाने में प्राथमिकी दर्ज कराई थी। प्राथमिकी के अनुसार, उनका बेटा अपने फूफा के घर गया था और दरवाजे पर खेल रहा था। शिकायत में आरोप लगाया गया कि इसी दौरान आरोपी उसे मेला दिखाने का प्रलोभन देकर अपने घर ले गया, जहां उसके साथ जबरदस्ती दुष्कर्म किया गया। प्राथमिकी में आगे बताया गया कि घटना के बाद नाबालिग किसी तरह वहां से निकलकर घर पहुंचा और परिजनों को इसकी जानकारी दी। इसके बाद उसकी मां ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई। मामले में न्यायालय में हुई सुनवाई और अभियोजन पक्ष की ओर से प्रस्तुत साक्ष्यों के आधार पर आरोपी को दोषी ठहराते हुए सजा सुनाई गई है।

धर्मेंद्र रस्तोगी की रिपोर्ट