Sonepur Mela: सोनपुर मेले में सुरक्षा के कड़े इंतजाम, 7 स्वास्थ्य शिविर और 9 जगहों पर रहेंगी एंबुलेंस

Sonepur Mela: सोनपुर मेले को लेकर सारण जिला प्रशासन ने तैयारियां तेज कर दी हैं। जेपी सेतु पर तीन पालियों में पुलिस तैनाती, सात स्वास्थ्य शिविर, नौ जगह एंबुलेंस और घाटों पर SDRF की टीमें रहेंगी।

Sonepur Mela: विश्व प्रसिद्ध हरिहरनाथ सोनपुर मेले के सफल, सुव्यवस्थित एवं सुरक्षित आयोजन को लेकर छपरा सारण जिला प्रशासन ने तैयारियां तेज कर दी हैं। मेले में उमड़ने वाली श्रद्धालुओं, पर्यटकों एवं आम नागरिकों की संभावित भीड़ को देखते हुए यातायात प्रबंधन, विधि- व्यवस्था, सुरक्षा, प्रकाश, साफ- सफाई, पेयजल, स्वास्थ्य, पशु चिकित्सा और सांस्कृतिक कार्यक्रमों सहित तमाम व्यवस्थाओं को निर्धारित समय- सीमा में पूरा करने की कवायद शुरू कर दी गई है। खासकर पटना और सारण को जोड़ने वाले जेपी सेतु पर यातायात का दबाव कम रखने तथा मेला क्षेत्र में भीड़ नियंत्रण को प्रशासन ने प्राथमिकता में रखा है।


इसी कड़ी में शनिवार की देर शाम को सारण के जिला पदाधिकारी वैभव श्रीवास्तव एवं वरीय पुलिस अधीक्षक रौशन कुमार की संयुक्त अध्यक्षता में समाहरणालय सभागार में संबंधित विभागों के पदाधिकारियों के साथ विस्तृत समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में मेला क्षेत्र के साथ- साथ सोनपुर पहुंचने वाले प्रमुख मार्गों की स्थिति, पार्किंग, रूट डायवर्जन, सुरक्षा इंतजाम, श्रद्धालुओं की सुविधाओं और आपातकालीन सेवाओं की तैयारियों की बिंदुवार समीक्षा की गई। डीएम ने सभी विभागों को आपसी समन्वय के साथ कार्य करते हुए निर्धारित समय- सीमा के भीतर तैयारियां पूरी करने का निर्देश दिया।


जेपी सेतु पर तीन पालियों में होगी पुलिस और दंडाधिकारियों की तैनाती


मेले के दौरान सबसे बड़ी चुनौती यातायात प्रबंधन को लेकर है। जेपी सेतु पर वाहनों के सुचारू परिचालन के लिए विभिन्न महत्वपूर्ण स्थानों पर पुलिस बल और दंडाधिकारियों की प्रतिनियुक्ति की जाएगी। विशेषकर शनिवार और रविवार को तीनों पालियों में पर्याप्त संख्या में पदाधिकारी एवं पुलिसकर्मी तैनात रहेंगे। इसके लिए आवश्यक बैरिकेडिंग, ड्रॉप गेट, स्टैटिक ड्यूटी प्वाइंट, ट्रॉली और अन्य संसाधनों की उपलब्धता सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया है।


यातायात व्यवस्था को प्रभावी बनाने के लिए पटना और वैशाली जिला प्रशासन के साथ समन्वय स्थापित कर संयुक्त कार्ययोजना तैयार की जाएगी। श्रावणी मेले के दौरान शनिवार और रविवार को अपनाई गई रूट डायवर्जन व्यवस्था की तर्ज पर सोनपुर मेला अवधि में भी आवश्यकता के अनुसार वाहनों के मार्ग में बदलाव किया जा सकेगा। इसके लिए यातायात प्रबंधन का पूर्वाभ्यास यानी ट्रैफिक ड्रिल कराने का निर्देश दिया गया है, ताकि ड्यूटी पर तैनात पदाधिकारी एवं कर्मी अपनी जिम्मेदारियों और निर्धारित व्यवस्था से पूरी तरह परिचित रहें।


जेपी सेतु के दोनों छोर पर क्रेन की व्यवस्था रखने तथा वीआईपी मूवमेंट से लगभग एक घंटा पहले आवश्यकतानुसार वैकल्पिक यातायात व्यवस्था लागू करने को कहा गया है। इसके अलावा सभी प्रमुख मार्गों पर ट्रैफिक रूट प्लान तैयार करने, पार्किंग स्थलों को चिह्नित करने और मल्टीलेवल पार्किंग की संभावनाओं पर भी काम करने का निर्देश दिया गया है।


मेला क्षेत्र में आकर्षक रोशनी, 6 नवंबर तक दुरुस्त होंगी खराब स्ट्रीट लाइटें


सोनपुर मेले में आने वाले श्रद्धालुओं और पर्यटकों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए प्रकाश व्यवस्था को भी प्राथमिकता दी गई है। नगर कार्यपालक पदाधिकारी को प्रकाश व्यवस्था का नोडल पदाधिकारी नामित किया गया है। हरिहरनाथ मंदिर के प्रवेश द्वार से मेला परिसर, कैंप एरिया और नखास क्षेत्र तक पर्याप्त एलईडी एवं झालर लाइट लगाने का निर्देश दिया गया है। नगर क्षेत्र की सभी खराब स्ट्रीट लाइटों को छह नवंबर तक दुरुस्त करने की समय-सीमा निर्धारित की गई है। अनुमंडल पदाधिकारी, सोनपुर को संपूर्ण क्षेत्र का सर्वेक्षण कर प्रकाश व्यवस्था की स्थिति का आकलन करने को कहा गया है। वहीं, गजग्राह प्रतिमा के समीप अव्यवस्थित विद्युत तारों को व्यवस्थित कराने का निर्देश भी दिया गया है, ताकि किसी प्रकार की दुर्घटना की आशंका नहीं रहे।


पार्किंग और अतिक्रमण पर रहेगी प्रशासन की नजर


मेला क्षेत्र में वाहनों के व्यवस्थित ठहराव और पैदल आवागमन को सुगम बनाने के लिए पार्किंग एवं बैरिकेडिंग की विशेष व्यवस्था की जाएगी। पर्यटन विभाग की ओर से स्विस कॉटेज के लिए चिह्नित क्षेत्र के आसपास पार्किंग की व्यवस्था करने के लिए संबंधित रैयतों से समन्वय स्थापित कर आवश्यक जमीन उपलब्ध कराने का निर्देश दिया गया है। साथ ही उक्त क्षेत्र में जलजमाव की समस्या के समाधान के लिए जल निकासी की समुचित व्यवस्था करने को कहा गया है। भवन निर्माण विभाग के सहयोग से मजबूत बैरिकेडिंग और ड्रॉप गेट लगाए जाएंगे। पार्कों एवं प्रतिबंधित स्थलों पर दुकान या ठेला नहीं लगाने देने तथा अतिक्रमण निरोधी अभियान चलाने का निर्देश दिया गया है। विशेष रूप से गजग्राह चौक से घोड़ा बाजार तक के संकीर्ण मार्ग पर ड्रॉप गेट और बैरिकेडिंग की व्यवस्था सुनिश्चित करने को कहा गया है।


साफ- सफाई, पेयजल और शौचालयों की व्यवस्था होगी दुरुस्त


मेले में आने वाले लोगों को स्वच्छ वातावरण उपलब्ध कराने के लिए नियमित सफाई व्यवस्था सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया है। प्रमुख स्थलों पर पेयजल के लिए स्टैंड पोस्ट लगाए जाएंगे। आवश्यकता के अनुसार ड्रेनेज और सोख्ता का निर्माण कराया जाएगा। पशु मेला बाजार में भी पर्याप्त पेयजल एवं साफ- सफाई की व्यवस्था सुनिश्चित करने को कहा गया है। नगर निकाय के कार्यपालक पदाधिकारी को मेला क्षेत्र के सभी सार्वजनिक शौचालयों की नगर निकाय की कायाकल्प योजना के तहत मरम्मत एवं जीर्णोद्धार कराने का निर्देश दिया गया है। इसके अतिरिक्त सभी चौक- चौराहों की पेंटिंग और मरम्मत का कार्य भी पूरा कराने को कहा गया है। ग्रामीण विकास विभाग, ग्रामीण कार्य विभाग और पथ निर्माण विभाग को मेला क्षेत्र के अंदर तथा सोनपुर पहुंचने वाले सभी संपर्क मार्गों को दुरुस्त रखने की जिम्मेदारी दी गई है। सड़कों को गड्ढामुक्त बनाने और आवश्यकतानुसार मरम्मत कार्य शीघ्र पूरा करने का निर्देश दिया गया है। संबंधित विभागों को निविदा एवं कार्यादेश की प्रक्रिया भी समय पर पूरी करने को कहा गया है।


भीड़ प्रबंधन के लिए प्रवेश और निकास मार्गों पर विशेष इंतजाम


जिला पदाधिकारी ने स्पष्ट किया कि सोनपुर मेले में भीड़ प्रबंधन सबसे महत्वपूर्ण जिम्मेदारियों में से एक है। क्राउड मैनेजमेंट में थोड़ी- सी चूक भी अन्य व्यवस्थाओं को प्रभावित कर सकती है। इसलिए सभी पदाधिकारियों को पूरी सतर्कता और जवाबदेही के साथ कार्य करने की जरूरत है। मेला क्षेत्र के प्रमुख प्रवेश एवं निकास मार्गों पर पर्याप्त बैरिकेडिंग, ड्रॉप गेट और सुरक्षा बलों की तैनाती सुनिश्चित करने को कहा गया है। यातायात और भीड़ नियंत्रण के लिए प्रभावी कार्ययोजना तैयार करने का निर्देश भी दिया गया है।


घाटों पर एसडीआरएफ की टीमें, चेंजिंग रूम की भी होगी व्यवस्था

 

कार्तिक पूर्णिमा के अवसर पर घाटों पर श्रद्धालुओं की संभावित भीड़ को देखते हुए आपदा प्रबंधन एवं सुरक्षा के विशेष इंतजाम किए जाएंगे। बैठक में मढ़ौरा, पहलेजा घाट और कालीघाट पर दो- दो एसडीआरएफ टीमों की प्रतिनियुक्ति करने का निर्देश दिया गया। इससे घाटों पर किसी भी आपातकालीन परिस्थिति में त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित की जा सकेगी। अनुमंडल पदाधिकारी, सोनपुर को श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए घाटों पर चेंजिंग रूम की व्यवस्था से संबंधित कार्ययोजना तैयार करने को कहा गया है।


24 घंटे संचालित होंगे सात स्वास्थ्य शिविर, नौ जगहों पर एंबुलेंस

 

मेले के दौरान स्वास्थ्य सेवाओं को लेकर भी विशेष तैयारी की जा रही है। बैठक में सिविल सर्जन ने स्वास्थ्य विभाग की ओर से की जा रही तैयारियों की जानकारी दी। बताया गया कि मेला क्षेत्र में सात अस्थायी स्वास्थ्य शिविर 24 घंटे संचालित किए जाएंगे। इसके अलावा नौ स्थानों पर एंबुलेंस की व्यवस्था रखने का निर्देश दिया गया है, ताकि किसी भी आपातकालीन स्थिति में मरीजों को तत्काल चिकित्सा सहायता उपलब्ध कराई जा सके।


पशु मेले में 24 घंटे उपलब्ध रहेगी पशु चिकित्सा टीम

 

सोनपुर मेले की विशिष्ट पहचान रहे पशु मेले को लेकर भी प्रशासन ने आवश्यक निर्देश दिए हैं। पशु मेला बाजार के सभी स्थलों पर पेयजल, साफ- सफाई और जल निकासी की समुचित व्यवस्था की जाएगी। इसके लिए ड्रेनेज एवं सोख्ता निर्माण पर जोर दिया गया है। पशुओं के उपचार और स्वास्थ्य संबंधी जरूरतों को देखते हुए समर्पित पशु चिकित्सा टीम की 24 घंटे उपलब्धता सुनिश्चित करने को कहा गया है। सोनपुर पशु अस्पताल को भी चौबीसों घंटे संचालित रखने तथा जरूरत के अनुसार मेला क्षेत्र में पशु चिकित्सकों की प्रतिनियुक्ति करने का निर्देश दिया गया है।


सांस्कृतिक कार्यक्रमों और सोनपुर आइडल की तैयारियों की समीक्षा

 

मेले के पारंपरिक और सांस्कृतिक स्वरूप को आकर्षक बनाने के लिए खेलकूद एवं सांस्कृतिक आयोजनों की तैयारियों की भी समीक्षा की गई। बैठक में प्रमंडल स्तरीय खेलकूद प्रतियोगिताओं और सोनपुर आइडल के आयोजन को लेकर आवश्यक व्यवस्थाओं का जायजा लिया गया। जिला कला एवं संस्कृति पदाधिकारी को कलाकारों की भागीदारी और उनके कार्यक्रमों के टाइम स्लॉट को अंतिम रूप देने का निर्देश दिया गया, ताकि सांस्कृतिक कार्यक्रमों का संचालन व्यवस्थित तरीके से किया जा सके। पर्यटन विभाग और जिला प्रशासन की ओर से कलाकारों की भागीदारी सुनिश्चित करने के संबंध में भी चर्चा की गई।


मेला दर्पण से मिलेगी महत्वपूर्ण सूचनाएं और संयुक्त आदेश


मेला क्षेत्र के स्थानीय निवासियों को आवश्यकतानुसार पास निर्गत करने का निर्देश दिया गया है। डाक बंगला की साफ- सफाई, रंग- रोगन और आवश्यक मरम्मत भी कराई जाएगी। इसके अलावा मेले से संबंधित महत्वपूर्ण सूचनाओं, संयुक्त आदेशों और संपर्क सूत्रों के व्यवस्थित प्रसार के लिए ‘मेला दर्पण’ तैयार करने को कहा गया है। इसके माध्यम से संबंधित संयुक्त आदेश और आवश्यक सूचनाएं नियमित रूप से उपलब्ध कराई जाएंगी। मेला क्षेत्र में स्थापित नियंत्रण कक्ष को प्रभावी ढंग से संचालित करने तथा विभिन्न विभागों के बीच त्वरित समन्वय बनाए रखने पर भी जोर दिया गया।


बैठक के अंत में जिला पदाधिकारी ने सभी विभागों को स्पष्ट निर्देश दिया कि सोनपुर मेले से संबंधित सभी तैयारियां समयबद्ध तरीके से पूरी की जाएं। उन्होंने कहा कि श्रद्धालुओं, पर्यटकों और आम नागरिकों को सुरक्षित, स्वच्छ, सुगम एवं बेहतर सुविधाओं से युक्त मेला अनुभव उपलब्ध कराना जिला प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है। इसके लिए सभी संबंधित विभागों को पूरी तत्परता, आपसी समन्वय और जवाबदेही के साथ अपने दायित्वों का निर्वहन करना होगा।

छपरा से धर्मेंद्र रस्तोगी की रिपोर्ट