Bihar Crime : बिहार कांग्रेस में बगावत ! प्रदेश प्रभारी और अध्यक्ष के सामने कार्यकर्ताओं ने जमकर काटा बवाल, कहा- 'पैसे लेकर बेचे जा रहे टिकट'

Bihar Crime : बिहार कांग्रेस प्रभारी और अध्यक्ष के सामने ही कार्यकर्ताओं ने जमकर बवाल काटा, उन्होंने साफ तौर पर पैसे लेकर टिकट बेचने का आरोप लगाया है.......पढ़िए आगे

कांग्रेस में बवाल - फोटो : SOCIAL MEDIA

DARBHANGA :  जिला कांग्रेस कार्यालय में आयोजित "मनरेगा बचाओ संग्राम" के तहत चौपाल और संवाद कार्यक्रम उस समय हंगामे की भेंट चढ़ गया, जब पार्टी के शीर्ष नेताओं की मौजूदगी में कार्यकर्ताओं का गुस्सा फूट पड़ा। बिहार कांग्रेस के प्रभारी कृष्णा अल्लावरु और प्रदेश अध्यक्ष राजेश राम के सामने ही पार्टी नेताओं ने जमकर नारेबाजी की और नेतृत्व के खिलाफ मोर्चा खोल दिया। इस घटना ने बिहार कांग्रेस के भीतर चल रही गुटबाजी और अंदरूनी कलह को एक बार फिर सरेआम कर दिया है।

नेताओं के सामने लगे 'मुर्दाबाद' के नारे

संवाद कार्यक्रम अभी समाप्त भी नहीं हुआ था कि अचानक कार्यकर्ताओं के एक गुट ने विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया। अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी (AICC) के महासचिव सह बिहार प्रभारी कृष्णा अल्लावरु, प्रदेश अध्यक्ष राजेश राम और विधान परिषद में दल के नेता डॉ. मदन मोहन झा की उपस्थिति में ही 'मुर्दाबाद' के नारे लगने लगे। स्थिति इतनी तनावपूर्ण हो गई कि वरिष्ठ नेताओं को कार्यकर्ताओं के कड़े विरोध का सामना करना पड़ा।

टिकट बेचने और पैसों के लेन-देन का गंभीर आरोप

विरोध का नेतृत्व कर रहे कांग्रेस नेता राम नारायण झा ने पार्टी आलाकमान पर बेहद संगीन आरोप लगाए। उन्होंने सार्वजनिक तौर पर कहा कि पार्टी में पद और टिकटों की खरीद-फरोख्त हो रही है। राम नारायण झा ने आरोप लगाया कि जाले विधानसभा क्षेत्र के एक व्यवसायी मोहम्मद नौशाद ने पूर्व प्रदेश अध्यक्ष अखिलेश सिंह को 16 लाख रुपये देकर AICC की सदस्यता हासिल की है। उन्होंने सीधे तौर पर नेतृत्व पर पैसे लेकर टिकट बेचने का आरोप मढ़ा।

राहुल गांधी को दिखाया 'आईना'

नाराज नेता यहीं नहीं रुके, उन्होंने कांग्रेस के राष्ट्रीय नेता राहुल गांधी का जिक्र करते हुए कहा कि यदि पार्टी इसी ढर्रे पर चलती रही तो वह कभी आगे नहीं बढ़ सकती। उन्होंने कहा कि जमीनी कार्यकर्ताओं की अनदेखी कर धनबल को प्राथमिकता देना पार्टी के भविष्य के लिए घातक है। नेताओं ने आरोप लगाया कि संगठन में निष्ठावान कार्यकर्ताओं के बजाय पूंजीपतियों को तवज्जो दी जा रही है।

बढ़ती अंदरूनी कलह ने बढ़ाई चिंता

इस हंगामे और सार्वजनिक रूप से लगे भ्रष्टाचार के आरोपों ने बिहार कांग्रेस की छवि को बड़ा नुकसान पहुंचाया है। आगामी चुनावों और सांगठनिक मजबूती के दावों के बीच, प्रभारी और प्रदेश अध्यक्ष के सामने ही इस तरह का विद्रोह पार्टी के लिए असहज स्थिति पैदा कर गया है। फिलहाल इस मामले पर प्रदेश नेतृत्व की ओर से कोई आधिकारिक सफाई नहीं आई है, लेकिन दरभंगा की इस घटना ने सियासी गलियारों में हलचल तेज कर दी है।

वरुण की रिपोर्ट