गया में अवैध स्वास्थ्य संस्थानों के खिलाफ प्रशासन का सख्त रुख : सील कर एफआईआर दर्ज करने के निर्देश, गठित हुए धावादल

गया में अवैध स्वास्थ्य संस्थानों के खिलाफ प्रशासन का सख्त रुख- फोटो : मनोज कुमार

Gayaji : जिले में बिना वैध पंजीकरण और अनुमति के चल रहे अवैध नर्सिंग होम, अल्ट्रासाउंड केंद्रों और पैथोलैब के विरुद्ध जिला प्रशासन ने व्यापक अभियान चलाने का फैसला किया है। मरीजों को बहला-फुसलाकर इलाज के नाम पर ठगने और गलत उपचार के कारण होने वाली मौतों की शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए यह सख्त कदम उठाया जा रहा है।


सिविल सर्जन का आदेश, दर्ज होगी FIR

गया के सिविल सर्जन ने जिले भर में चिन्हित अवैध चिकित्सा संस्थानों को अविलंब सील करने और उनके संचालकों के खिलाफ नामजद प्राथमिकी (FIR) दर्ज कराने का स्पष्ट निर्देश जारी किया है। प्रशासन ने साफ कर दिया है कि मरीजों की सेहत और जान के साथ खिलवाड़ करने वाले किसी भी संस्थान या व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा।


हफ्ते में तीन दिन छापेमारी के लिए दो धावादल गठित

कार्रवाई को प्रभावी बनाने के लिए प्रशासन द्वारा दो विशेष धावादलों (छापामार टीमों) का गठन किया गया है। ये टीमें सप्ताह में तीन दिन जिले के अलग-अलग शहरी व ग्रामीण इलाकों में औचक निरीक्षण करेंगी। निरीक्षण के दौरान खामियां या बिना रजिस्ट्रेशन संचालन पाए जाने पर मौके पर ही सीलिंग और कानूनी कार्रवाई की प्रक्रिया पूरी की जाएगी।


प्रशासनिक व पुलिस अधिकारियों का मिलेगा सहयोग

इस विशेष अभियान को सुचारू रूप से चलाने के लिए संबंधित अनुमंडल पदाधिकारी (SDO), प्रखंड विकास पदाधिकारी (BDO), अंचलाधिकारी (CO) और स्थानीय पुलिस बल का भी सहयोग लिया जाएगा। संयुक्त टीम की मौजूदगी से मौके पर ही त्वरित और कड़ी कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित की जा सकेगी।


मरीजों के स्वास्थ्य सुरक्षा से खिलवाड़ पर कड़ी चेतावनी

सिविल सर्जन ने सख्त चेतावनी देते हुए कहा कि जिले में बिना मानक पूरा किए क्लिनिक या जांच केंद्र चलाने वालों पर अब कोई ढिलाई नहीं बरती जाएगी। उन्होंने आम लोगों से भी अपील की है कि वे किसी भी बहकावे में न आएं और अधिकृत व पंजीकृत संस्थानों में ही अपना इलाज व जांच कराएं।


मनोज की रिपोर्ट