Bihar News : गयाजी में सरकारी किताबों की बिक्री मामले की BEO ने की जांच, बच्चों संग खाया मध्याह्न भोजन, HM से मांगा स्पष्टीकरण

Bihar News : गया जिले के छतीहर-जमालपुर विद्यालय में सरकारी पुस्तकों की कथित बिक्री से जुड़े सोशल मीडिया वीडियो के बाद प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी संतोष कुमार ने विद्यालय पहुंचकर मामले की।

किताब बिक्री की जांच - फोटो : MANOJ

GAYAJI : बिहार के गया जिले के आंतर्गत कोंच प्रखंड की कोराप पंचायत स्थित छतीहर-जमालपुर विद्यालय में सरकारी पुस्तकों की कथित बिक्री से जुड़े सोशल मीडिया वीडियो के बाद प्रशासनिक महकमे में हड़कंप मच गया है। मामले की गंभीरता को देखते हुए प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी संतोष कुमार ने स्वयं विद्यालय पहुंचकर पूरे प्रकरण की बिंदुवार जांच की। इस दौरान उन्होंने ग्रामीणों, अभिभावकों और छात्र-छात्राओं से सीधा संवाद कर पूरी घटना की जानकारी ली तथा विद्यालय की व्यवस्थाओं का जायजा लिया। जांच के बीच बीईओ ने बच्चों और ग्रामीणों के साथ जमीन पर बैठकर मध्याह्न भोजन भी किया।

जांच के दौरान प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी संतोष कुमार ने चालू शैक्षणिक सत्र के दौरान विद्यालय को प्राप्त हुई पुस्तकों के स्टॉक और वितरण रजिस्टर का गहन मिलान किया। जांच के क्रम में ही विद्यालय की छात्रा खुशबू कुमारी ने बीईओ से सीधे शिकायत की कि उसे अब तक पढ़ाई के लिए पुस्तकें उपलब्ध नहीं कराई गई हैं। इसके बाद जब बीईओ ने दफ्तर के रिकॉर्ड खंगाले तो वितरण और स्टॉक में बड़ी गड़बड़ी उजागर हुई।

अभिलेखों की जांच में पाया गया कि कक्षा 6 की कुल 40 छात्राओं के लिए विभाग से पुस्तकें प्राप्त हुई थीं। इनमें से केवल 24 छात्राओं को ही पुस्तकें बांटी गई थीं, जबकि शेष 16 छात्राओं के हिस्से की पुस्तकें गायब मिलीं। हैरानी की बात यह रही कि इन 16 छात्राओं के लिए न तो भौतिक रूप से कोई पुस्तक स्टॉक में उपलब्ध पाई गई और न ही वितरण पंजी में उनके बांटे जाने का कोई उल्लेख या साक्ष्य दर्ज था।

इस गड़बड़ी और लापरवाही पर सख्त रुख अपनाते हुए बीईओ संतोष कुमार ने कहा कि मामले में विद्यालय की प्रधानाध्यापिका अर्चना कुमारी से तत्काल स्पष्टीकरण मांगा जाएगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि जांच की विस्तृत रिपोर्ट तैयार कर वरिष्ठ अधिकारियों को भेजी जा रही है, ताकि दोषी पाए जाने पर संबंधित के खिलाफ कड़ी विभागीय कार्रवाई की जा सके। दूसरी ओर, जांच के दौरान मौजूद स्थानीय ग्रामीणों ने प्रधानाध्यापिका के कार्यशैली पर गंभीर सवाल उठाए। ग्रामीणों का आरोप है कि प्रधानाध्यापिका अर्चना कुमारी हमेशा मनमाने ढर्रे पर काम करती हैं और विद्यालय के प्रखंड मुख्यालय से काफी दूर स्थित होने का अनुचित लाभ उठाती हैं। ग्रामीणों ने प्रशासन से विद्यालय की व्यवस्था सुधारने और दोषी पर सख्त कदम उठाने की मांग की है।

मनोज की रिपोर्ट