Gaya international airport: पीक टूरिस्ट सीजन में भी गया एयरपोर्ट को खल रही है इस चीज के कमी! जानें क्या है पूरा मामला
Gaya international airport: पीक टूरिस्ट सीजन में गया इंटरनेशनल एयरपोर्ट तीन महीने से बिना नियमित निदेशक के चल रहा है। CAT सिस्टम, रनवे विस्तार और टर्मिनल अपग्रेडेशन जैसे अहम काम लंबित।
Gaya international airport: बोधगया के पीक टूरिस्ट सीजन के बीच गया इंटरनेशनल एयरपोर्ट का निदेशक पद पिछले तीन महीनों से खाली पड़ा हुआ है। अक्टूबर 2025 के अंतिम सप्ताह में तत्कालीन निदेशक बांगजीत साहा का तबादला डिब्रूगढ़ किए जाने के बाद अब तक किसी नियमित निदेशक की नियुक्ति नहीं हो सकी है। यह स्थिति ऐसे समय में सामने आई है, जब बोधगया में देश-विदेश से सबसे अधिक पर्यटक पहुंचते हैं और एयरपोर्ट पर यात्रियों की आवाजाही अपने चरम पर रहती है।
कार्यकारी निदेशक के भरोसे एयरपोर्ट संचालन
फिलहाल अवधेश कुमार कार्यकारी निदेशक के रूप में गया इंटरनेशनल एयरपोर्ट की जिम्मेदारी संभाल रहे हैं। बोधगया का पर्यटन सीजन आमतौर पर अक्टूबर से मार्च तक रहता है और मौजूदा सीजन के अब केवल दो महीने शेष हैं। इसके बावजूद एयरपोर्ट को अब तक पूर्णकालिक निदेशक नहीं मिल पाना स्थानीय पर्यटन और विकास से जुड़े लोगों के लिए चिंता का विषय बन गया है।
विकास और अपग्रेडेशन के अहम काम अटके
नियमित निदेशक के अभाव में एयरपोर्ट से जुड़े कई नीतिगत और तकनीकी फैसले लंबित पड़े हुए हैं। एयरपोर्ट सूत्रों के अनुसार, गया एयरपोर्ट पर CAT अप्रोच लाइट सिस्टम लगाने का निर्णय काफी पहले लिया गया था, ताकि कोहरे और कम दृश्यता के दौरान विमान की सुरक्षित लैंडिंग और टेकऑफ संभव हो सके। इसके बावजूद दिसंबर के मध्य से जनवरी के अंत तक उड़ानें कोहरे से प्रभावित रहीं और इस सीजन में भी CAT सिस्टम उपलब्ध नहीं हो सका। इस परियोजना के लिए करीब 18 एकड़ अतिरिक्त भूमि की आवश्यकता बताई जा रही है।
रनवे विस्तार और ILS अपग्रेड की जरूरत
गया इंटरनेशनल एयरपोर्ट का मौजूदा रनवे 2,286 मीटर लंबा और 30 मीटर चौड़ा है, जबकि वाइड-बॉडी विमानों के संचालन के लिए रनवे को कम से कम 500 मीटर लंबा और 15 मीटर चौड़ा करने की आवश्यकता है। इसके साथ ही इंस्ट्रूमेंट लैंडिंग सिस्टम यानी ILS को भी अपग्रेड करने की जरूरत बताई जा रही है, ताकि खराब मौसम में उड़ानों पर असर कम हो सके।
टर्मिनल और अंतरराष्ट्रीय सुविधाओं का विस्तार जरूरी
एयरपोर्ट पर टर्मिनल बिल्डिंग के विस्तार, यात्रियों के लिए बेहतर सुविधाओं, अतिरिक्त एयरोब्रिज और अंतरराष्ट्रीय आगमन-प्रस्थान लाउंज के विस्तार की भी लंबे समय से जरूरत महसूस की जा रही है। इसके अलावा इमिग्रेशन, कस्टम्स और सुरक्षा व्यवस्था को अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप अपग्रेड करने की मांग भी उठ रही है, ताकि विदेशी पर्यटकों को बेहतर अनुभव मिल सके।
अधिकारियों और संगठनों की अलग राय
कार्यकारी निदेशक अवधेश कुमार का कहना है कि नियमित निदेशक के न होने से एयरपोर्ट के कामकाज पर कोई असर नहीं पड़ता। वहीं दूसरी ओर, बोधगया होटल एसोसिएशन के अध्यक्ष जय सिंह ने इसे एयरपोर्ट की अनदेखी का संकेत बताया है। मगध इंडस्ट्रीज एसोसिएशन के अध्यक्ष अनुप केडिया का कहना है कि गया इंटरनेशनल एयरपोर्ट के विकास और पर्यटन को गति देने के लिए जल्द से जल्द नियमित निदेशक की नियुक्ति जरूरी है।