Bihar News : ड्यूटी के दौरान हादसा, गोड्डा में तैनात एएसआई अशोक यादव की भागलपुर में हुई मौत, पुलिस महकमे में दौड़ी शोक की लहर
Bihar News : गोड्डा में तैनात एएसआई की ड्यूटी के दौरान मौत हो गयी. इस घटना के बाद पुलिस महकमें में शोक की लहर दौड़ गयी है......पढ़िए आगे
BHAGALPUR : झारखंड के गोड्डा टाउन थाना में कार्यरत सहायक अवर निरीक्षक (ASI) अशोक यादव की इलाज के दौरान भागलपुर के मायागंज अस्पताल में मौत हो गई। मूल रूप से बिहार के भोजपुर (आरा) जिले के निवासी अशोक यादव एक हादसे का शिकार हो गए थे, जिसके बाद उन्हें गंभीर स्थिति में अस्पताल भर्ती कराया गया था। इस खबर के बाद पुलिस विभाग और उनके पैतृक गांव में शोक की लहर दौड़ गई है।
हादसे के संबंध में मिली जानकारी के अनुसार, एएसआई अशोक यादव बुधवार की रात ड्यूटी के बाद टहल रहे थे। इसी दौरान अचानक उनका संतुलन बिगड़ गया और वे एक इमारत की पहली मंजिल से नीचे गिर पड़े। ऊंचाई से गिरने के कारण उनके सिर में गंभीर चोटें आईं और वे अचेत हो गए। सहकर्मियों ने उन्हें तुरंत गोड्डा के स्थानीय अस्पताल पहुंचाया, जहां उनकी चिंताजनक स्थिति को देखते हुए डॉक्टरों ने बेहतर इलाज के लिए जवाहरलाल नेहरू चिकित्सा महाविद्यालय अस्पताल (मायागंज), भागलपुर रेफर कर दिया।
मायागंज अस्पताल पहुंचने के बाद डॉक्टरों की विशेष टीम ने उनका उपचार शुरू किया, लेकिन सिर का घाव गहरा होने के कारण उनकी स्थिति में सुधार नहीं हो सका। वेंटिलेटर और तमाम आधुनिक चिकित्सा प्रयासों के बावजूद शुक्रवार को उन्होंने अंतिम सांस ली। अस्पताल प्रशासन ने आधिकारिक तौर पर उनके निधन की पुष्टि की है, जिसके बाद उनके परिजनों को सूचित कर दिया गया।
जैसे ही एएसआई के निधन की खबर उनके गृह जनपद आरा और गोड्डा पुलिस लाइन पहुंची, वहां कोहराम मच गया। उनके सहकर्मियों ने बताया कि अशोक यादव एक कर्तव्यनिष्ठ और बेहद मिलनसार अधिकारी थे। विभाग के प्रति उनके समर्पण को याद करते हुए साथी पुलिसकर्मियों ने उन्हें नम आंखों से श्रद्धांजलि दी। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है और वे इस आकस्मिक क्षति से गहरे सदमे में हैं।
वर्तमान में, भागलपुर पुलिस ने शव को अपने कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम की प्रक्रिया पूरी कर ली है। कानूनी औपचारिकताएं निभाने के बाद पार्थिव शरीर को अंतिम संस्कार के लिए परिजनों को सौंप दिया जाएगा। गोड्डा पुलिस विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों ने भी इस दुखद घटना पर शोक व्यक्त किया है और पीड़ित परिवार को हर संभव मदद का भरोसा दिया है।
बालमुकुन्द की रिपोर्ट