डीएम के जनता दरबार में उमड़ी फरियादियों की भीड़, 200 से अधिक समस्याओं का हुआ ऑन द स्पॉट निवारण

गया डीएम ने आम जनता की समस्याओं के त्वरित और प्रभावी समाधान के लिए शुक्रवार को जनता दरबार का आयोजन किया। इस जनता दरबार में जिले के कोने-कोने से बड़ी संख्या में लोग पहुंचे। डीएम ने लोगों की समस्याओँ को सुन उसके निष्पादन का अधिकारियों को निर्देश दिया

डीएम ने लगाया जनता दरबार- फोटो : मनोज कुमार

Gayaji : जिले में आम जनता की समस्याओं के त्वरित और प्रभावी समाधान के लिए जिला प्रशासन पूरी तरह मुस्तैद नजर आ रहा है। इसी कड़ी में गया के जिलाधिकारी (डीएम) शशांक शुभंकर ने समाहरणालय स्थित मुख्य सभागार में एक भव्य जनता दरबार का आयोजन किया। इस जनता दरबार में जिले के विभिन्न दूर-दराज के प्रखंडों और ग्रामीण इलाकों से आए लगभग 200 से अधिक आम नागरिकों ने हिस्सा लिया और अपनी-अपनी परेशानियों को सीधे जिलाधिकारी के समक्ष साझा किया।


भूमि विवाद और सरकारी योजनाओं से जुड़ी शिकायतें रहीं प्रमुख

आयोजित जनता दरबार के दौरान फरियादियों ने विभिन्न सरकारी विभागों और लोक कल्याणकारी योजनाओं से जुड़ी गंभीर शिकायतें जिलाधिकारी के सामने रखीं। इनमें मुख्य रूप से ग्रामीण इलाकों में चल रहे भूमि विवाद, प्रधानमंत्री आवास योजना का लाभ न मिलना, स्थानीय स्वास्थ्य सेवाओं में कोताही, वृद्ध व विधवा पेंशन योजनाओं में आ रही तकनीकी दिक्कतें, सरकारी परियोजनाओं के तहत मिलने वाला मुआवजा और शिक्षा विभाग की कार्यशैली से संबंधित विषय शामिल रहे। जिलाधिकारी ने एक-एक कर सभी आवेदकों की शिकायतों को बेहद ध्यानपूर्वक सुना।


लापरवाह अधिकारियों को कड़ी चेतावनी, त्वरित निष्पादन के निर्देश

मामलों की गंभीरता को देखते हुए जिलाधिकारी शशांक शुभंकर ने मौके पर ही उपस्थित विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारियों और प्रखंड स्तरीय पदाधिकारियों को कड़ी फटकार लगाई। उन्होंने निर्देश दिया कि जनता दरबार में प्राप्त होने वाले सभी आवेदनों को प्राथमिकता के आधार पर लिया जाए और उनका निष्पक्ष व त्वरित निपटारा सुनिश्चित किया जाए। डीएम ने साफ लहजे में कहा कि जनता की समस्याओं का समयबद्ध और गुणवत्तापूर्ण समाधान करना जिला प्रशासन की सबसे पहली प्राथमिकता है, इसमें किसी भी प्रकार की शिथिलता बर्दाश्त नहीं की जाएगी।


कई मामलों का मौके पर ही हुआ ऑन द स्पॉट निपटारा

इस जनता दरबार की सबसे खास बात यह रही कि जिलाधिकारी ने कई संवेदनशील और लंबे समय से लंबित मामलों में मौके पर ही मौजूद संबंधित अधिकारियों को बुलाकर दिशा-निर्देश दिए, जिसके परिणामस्वरूप दर्जनों शिकायतों का ऑन द स्पॉट (तत्काल) निवारण कर दिया गया। तुरंत न्याय मिलने से दूर-दराज के गांवों से आए गरीब और असहाय फरियादियों के चेहरे खिल उठे। जिन मामलों में विस्तृत जांच की आवश्यकता थी, उनके लिए डीएम ने समय-सीमा निर्धारित करते हुए संबंधित अधिकारियों को जांच रिपोर्ट सौंपने का आदेश दिया।


पारदर्शिता और जवाबदेही के साथ काम करे हर विभाग: डीएम

अंत में जिलाधिकारी ने सभी विभागीय पदाधिकारियों को सचेत करते हुए कहा कि प्रत्येक अधिकारी को जनता के प्रति अपनी जवाबदेही तय करनी होगी। सरकार की कल्याणकारी योजनाओं का लाभ समाज के अंतिम पायदान पर बैठे व्यक्ति तक पूरी पारदर्शिता के साथ पहुंचना चाहिए। उन्होंने आगाह किया कि यदि किसी भी स्तर पर आम जनता को परेशान करने या फाइलों को अटकाने की शिकायत दोबारा मिली, तो दोषी अधिकारियों के खिलाफ सख्त अनुशासनात्मक और कानूनी कार्रवाई की जाएगी।


मनोज की रिपोर्ट