Bihar News : गयाजी में खाद किल्लत को लेकर फूटा किसानों का गुस्सा, जमकर किया हंगामा और पथराव, अब पुलिस सुरक्षा में बंटेगी खाद
Bihar News : गयाजी में देखते ही देखते खाद वितरण के दौरान अव्यवस्था फैल गई, जिससे किसानों के बीच तीखी नोकझोंक और धक्का-मुक्की शुरू हो गई। अब पुलिस की देखरेख में खाद वितरण किया जायेगा....पढ़िए आगे
GAYAJI : बिहार के गया जिले अंतर्गत टिकारी प्रखंड में खरीफ फसल सीजन के बीच उर्वरक की भारी किल्लत से आक्रोशित किसानों का धैर्य सोमवार को जवाब दे गया। सोमवार तड़के से ही टिकारी स्थित विस्कोमान गोदाम पर खाद लेने के लिए सैकड़ों किसानों की भारी भीड़ जमा हो गई थी। देखते ही देखते खाद वितरण के दौरान अव्यवस्था फैल गई, जिससे किसानों के बीच तीखी नोकझोंक और धक्का-मुक्की शुरू हो गई। स्थिति इस कदर बिगड़ गई कि आक्रोशित लोगों की ओर से पथराव शुरू हो गया और पूरे परिसर में अफरातफरी मच गई।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, सुबह चार बजे से ही गोदाम के बाहर लंबी-लंबी कतारें लगनी शुरू हो गई थीं, जिनमें बड़ी संख्या में महिला किसान भी शामिल थीं। हालांकि, गोदाम खुलते ही महज पांच किसानों के बीच खाद का वितरण किया गया और इसके तुरंत बाद विस्कोमान के प्रबंधक वहां से चले गए। घंटों इंतजार करने के बाद भी जब दोबारा वितरण प्रक्रिया शुरू नहीं हुई, तो उमस भरी गर्मी और घंटों कतार में खड़े रहने से परेशान किसानों का गुस्सा फूट पड़ा।
घटना के दौरान सुरक्षा व्यवस्था का कोई इंतजाम नहीं होने के कारण हालात तेजी से बेकाबू हो गए। किसानों ने आरोप लगाया कि केंद्र पर आवश्यकता के अनुरूप पर्याप्त मात्रा में खाद उपलब्ध नहीं कराई गई थी और न ही भीड़ को नियंत्रित करने के लिए पुलिस बल की तैनाती की गई थी। मौके पर उपजे तनाव और सुरक्षा के अभाव को देखते हुए प्रशासन ने सोमवार को खाद का वितरण तत्काल प्रभाव से रोक दिया। प्रशासनिक अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि अब मंगलवार को पुलिस बल की कड़ी निगरानी और सुरक्षा व्यवस्था के बीच ही खाद का वितरण कराया जाएगा।
इधर, आक्रोशित किसानों ने विस्कोमान प्रबंधन और स्थानीय प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाए। किसानों का कहना है कि सरकारी केंद्रों पर समय पर और उचित दर पर खाद न मिलने के कारण उन्हें निजी दुकानों का रुख करना पड़ रहा है, जहां दुकानदार इस मजबूरी का फायदा उठाकर निर्धारित सरकारी दर से काफी अधिक दाम वसूल रहे हैं। किसानों ने स्पष्ट मांग की है कि कालाबाजारी करने वाले निजी दुकानदारों पर सख्त कार्रवाई की जाए और सरकारी केंद्रों पर पर्याप्त मात्रा में खाद की आपूर्ति सुनिश्चित की जाए।
गौरतलब है कि वर्तमान में खरीफ फसल की बुआई व धान की रोपनी का मुख्य समय चल रहा है, ऐसे में खाद की किल्लत और कालाबाजारी ने किसानों की चिंताओं को बढ़ा दिया है। समय पर यूरिया व अन्य उर्वरक न मिलने से फसलों के उत्पादन पर प्रतिकूल असर पड़ने की आशंका जताते हुए स्थानीय किसानों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही वितरण व्यवस्था दुरुस्त नहीं की गई तो वे उग्र आंदोलन करने को बाध्य होंगे।
मनोज की रिपोर्ट