7 घंटे की जंग, जिंदगी की जीत, गयाजी बोरवेल रेस्क्यू के हीरो सम्मानित, डीएम का बड़ा एक्शन

पीयूष कुमार को सात घंटे के कठिन रेस्क्यू ऑपरेशन के बाद सुरक्षित बाहर निकालने वाली एनडीआरएफ और एसडीआरएफ की टीम को शनिवार को जिला प्रशासन ने सम्मानित किया।....

बोरवेल रेस्क्यू के हीरो सम्मानित- फोटो : social Media

Gaya borewell rescue: गयाजी जिले में 30 फीट गहरे बोरवेल में गिरे तीन वर्षीय पीयूष कुमार को सात घंटे के कठिन रेस्क्यू ऑपरेशन के बाद सुरक्षित बाहर निकालने वाली एनडीआरएफ और एसडीआरएफ की टीम को शनिवार को जिला प्रशासन ने सम्मानित किया। इस दौरान जिलाधिकारी शशांक शुभंकर ने स्पष्ट कहा कि बोरवेल को खुला छोड़ने वाले जिम्मेदार अधिकारियों और संबंधित एजेंसी के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर कड़ी कार्रवाई की जाएगी। साथ ही जिले के सभी खुले बोरवेल को तत्काल बंद कराने का निर्देश भी जारी किया गया है।

समाहरणालय में आयोजित सम्मान समारोह में डीएम ने रेस्क्यू ऑपरेशन में शामिल एनडीआरएफ, एसडीआरएफ, बीडीओ, सीओ और अन्य स्थानीय अधिकारियों व प्रतिनिधियों को प्रशस्ति देकर उनके साहस और तत्परता की सराहना की। उन्होंने कहा कि मासूम की जान बचाने में एनडीआरएफ की भूमिका सबसे अहम रही, जबकि एसडीआरएफ और स्थानीय प्रशासन ने भी पूरे अभियान में महत्वपूर्ण योगदान दिया।

प्रेस वार्ता के दौरान डीएम ने कहा कि जिले में मौजूद सभी खुले और अनुपयोगी बोरवेल को तत्काल बंद कराने के निर्देश पीएचईडी को दिए गए हैं। सभी संबंधित अभियंताओं से प्रमाण-पत्र भी मांगा गया है कि उनके क्षेत्र के बोरवेल सुरक्षित रूप से बंद कर दिए गए हैं, ताकि भविष्य में ऐसी दर्दनाक घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।

जिलाधिकारी ने बताया कि जिस बोरवेल में पीयूष गिरा था, उससे जुड़े संबंधित अधिकारियों और कर्मियों से स्पष्टीकरण मांगा गया है। साथ ही बोरवेल को खुला छोड़ने वाली एजेंसी और जिम्मेदार लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने का आदेश दिया गया है। उन्होंने कहा कि किसी भी स्तर की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी और दोषियों के खिलाफ विधिसम्मत कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।

गौरतलब है कि फतेहपुर प्रखंड के रंगूनगर गांव में गुरुवार शाम खेलते-खेलते तीन वर्षीय पीयूष कुमार लगभग 30 फीट गहरे बोरवेल में गिर गया था। सूचना मिलते ही जिला प्रशासन, एनडीआरएफ और एसडीआरएफ की टीम मौके पर पहुंची और करीब सात घंटे तक चले चुनौतीपूर्ण रेस्क्यू ऑपरेशन के बाद बच्चे को सकुशल बाहर निकाल लिया गया। इस सफल अभियान ने पूरे जिले में राहत की सांस दिलाई और रेस्क्यू टीम की तत्परता की व्यापक सराहना हुई। अब जिला प्रशासन इस घटना को गंभीर चेतावनी मानते हुए सभी खुले बोरवेल की पहचान, उन्हें सुरक्षित ढंग से बंद कराने और लापरवाही बरतने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की दिशा में अभियान चला रहा है, ताकि भविष्य में किसी मासूम की जिंदगी ऐसे खतरे में न पड़े।

रिपोर्ट- प्रेमशंकर