गयाजी में फिर शर्मसार हुई मानवता: बड़े प्राइवेट स्कूल के छात्र की डस्टर से बेरहमी से पिटाई, जाति पूछकर प्रताड़ित करने का भी आरोप
प्राइवेट स्कूल में एक मासूम छात्र के साथ हुई बर्बरता ने एक बार फिर शिक्षा व्यवस्था और स्कूलों में बच्चों की सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। यहाँ कक्षा चार के छात्र माहिर राज की बेरहमी से पिटाई और जातिगत भेदभाव का मामला सामने आ गया है.
Gayaji : बिहार के गया जिले के पहाड़पुर स्थित ज्ञान भारती पब्लिक स्कूल से एक विचलित करने वाली घटना सामने आई है। यहाँ के कक्षा 4बी के छात्र माहिर राज को उनके क्लास टीचर पंकज कुमार ने डस्टर से इस कदर पीटा कि बच्चे के कान के नीचे खून जम गया है। परिजनों का आरोप है कि यह केवल शारीरिक हिंसा ही नहीं, बल्कि जातिगत प्रताड़ना का भी मामला है।
डस्टर से बेरहमी से पिटाई, बच्चा लहूलुहान
छात्र माहिर राज के पिता विनोद कुमार दास ने बताया कि स्कूल में पढ़ाई के दौरान क्लास टीचर पंकज कुमार ने उनके बेटे को डस्टर से बुरी तरह पीटा। इस हमले में बच्चे के कान के नीचे गंभीर चोट आई है और वहाँ खून का थक्का जम गया है। घटना के बाद से बच्चा डरा-सहमा हुआ है और उसकी हालत चिंताजनक बताई जा रही है।
जाति पूछकर प्रताड़ित करने का गंभीर आरोप
परिजनों ने स्कूल के एक अन्य शिक्षक (म्यूजिक टीचर) पर भी बेहद गंभीर आरोप लगाए हैं। पिता के अनुसार, कुछ समय पहले म्यूजिक टीचर ने बच्चे से उसकी जाति पूछी थी और उसके बाद उसकी पिटाई की गई थी। एक शिक्षा के मंदिर में मासूम बच्चे से उसकी जाति पूछकर उसे प्रताड़ित करना न केवल अनैतिक है बल्कि कानूनी रूप से भी अपराध की श्रेणी में आता है।
स्कूल प्रबंधन की उदासीनता और अनदेखी
पीड़ित के पिता ने बताया कि उन्होंने पहले भी कई बार स्कूल प्रबंधन से इन शिक्षकों की बर्बरता की शिकायत की थी। हर बार उन्हें केवल आश्वासन दिया गया कि शिक्षकों को समझा दिया जाएगा, लेकिन कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। स्कूल प्रशासन की इस ढुलमुल नीति के कारण शिक्षकों के हौसले बुलंद रहे और अंततः आज यह बड़ी वारदात हुई।
मगध मेडिकल थाना में मामला दर्ज
घटना से आक्रोशित परिजनों ने मगध मेडिकल थाना में लिखित आवेदन देकर न्याय की गुहार लगाई है। पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए बच्चे की चोटों का निरीक्षण किया है और परिजनों को उचित कार्रवाई का भरोसा दिया है। फिलहाल पुलिस मामले की तहकीकात कर रही है।
जीडी गोयंका कांड से भी नहीं लिया सबक
यह घटना इसलिए भी अधिक डराने वाली है क्योंकि कुछ समय पहले गया के ही जीडी गोयंका स्कूल में एक छात्र की पिटाई से मौत हो गई थी। उस बड़ी घटना के बावजूद जिले के निजी स्कूलों में बच्चों की सुरक्षा रामभरोसे है। शिक्षा विभाग और प्रशासन की चुप्पी इन निजी शिक्षण संस्थानों को बेलगाम बना रही है।
प्रबंधन का गैर-जिम्मेदाराना बयान
हैरानी की बात यह है कि जब इस मामले पर स्कूल प्रबंधन से उनका पक्ष जानने की कोशिश की गई, तो उन्होंने इसे 'मामूली बात' बताकर टालने का प्रयास किया। ऐसे संवेदनशील मामले में स्कूल का यह रवैया उनकी संवेदनहीनता को दर्शाता है। अब देखना होगा कि प्रशासन इस मामले में दोषी शिक्षक और स्कूल पर क्या कार्रवाई करता है।
रिपोर्ट - मनोज कुमार, गयाजी