Bihar Crime:किराया मांगा तो मिली जान से मारने की धमकी, गया में जमीन मालिक ने दबंगों और थानाध्यक्ष पर लगाए गंभीर आरोप, आईजी से लगाई न्याय की गुहार

Bihar Crime: जमीन किराये पर देना एक परिवार के लिए मुसीबत बन गया।

न्याय की गुहार- फोटो : MANOJ

Gaya: जिले के डोभी प्रखंड के बजौरा गांव में जमीन किराये पर देना एक परिवार के लिए मुसीबत बन गया। जमीन मालिक मुरली मनोहर लाल ने आरोप लगाया है कि जिन लोगों को उन्होंने कोयला डिपो चलाने के लिए अपनी जमीन किराये पर दी थी, वे अब किराया देने के बजाय दबंगई पर उतर आए हैं। इतना ही नहीं, विरोध करने पर घर में घुसकर मारपीट, नगदी छीनने और जान से मारने की धमकी देने का भी आरोप लगाया गया है। पीड़ित ने स्थानीय थाना पुलिस पर भी गंभीर सवाल उठाते हुए मगध क्षेत्र के आईजी विकास वैभव से न्याय की गुहार लगाई है।

पीड़ित मुरली मनोहर लाल के अनुसार, उन्होंने अपनी जमीन सुमन कुमार यादव, धनंजय कुमार और रितिक कुमार यादव को किराये पर दी थी। आरोप है कि पिछले छह महीने से किराया नहीं दिया गया। जब उन्होंने एग्रीमेंट के अनुसार किराया देने और निर्धारित स्थान पर वाहन खड़ा करने की बात कही, तो आरोपित आगबबूला हो गए। मुरली मनोहर लाल का कहना है कि पहले उनके साथ गाली-गलौज की गई। इसके बाद आरोपित कथित तौर पर हथियारों से लैस होकर उनके घर में घुस आए, मारपीट की, नगदी छीन ली और पूरे परिवार को जान से मारने की धमकी दी। घटना के बाद उन्होंने 27 जुलाई को डोभी थाना में लिखित शिकायत देकर प्राथमिकी दर्ज करने की मांग की।

पीड़ित का आरोप है कि कार्रवाई करने के बजाय डोभी थानाध्यक्ष समझौता करने का दबाव बनाने लगे। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि यदि समझौता नहीं किया गया तो उन्हें एससी-एसटी एक्ट में फंसाने की धमकी जैसी बातें कही गईं। मुरली मनोहर लाल का कहना है कि थानाध्यक्ष का रवैया देखकर उन्हें आरोपितों के साथ मिलीभगत का संदेह हुआ। स्थानीय स्तर पर न्याय नहीं मिलने के बाद पीड़ित ने आईजी विकास वैभव से मुलाकात कर पूरे मामले की लिखित शिकायत की। शिकायत में आरोपितों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई करने के साथ-साथ डोभी थानाध्यक्ष के विरुद्ध भी विभागीय कार्रवाई और बर्खास्तगी की मांग की गई है।

पीड़ित के अनुसार, आईजी विकास वैभव ने मामले का संज्ञान लेते हुए डोभी थानाध्यक्ष से सात दिनों के भीतर विस्तृत रिपोर्ट तलब की है। इसके बाद पीड़ित परिवार को निष्पक्ष जांच और न्याय मिलने की उम्मीद जगी है।फिलहाल मामला जांच के अधीन है। पुलिस की रिपोर्ट और जांच के निष्कर्ष आने के बाद ही आरोपों की आधिकारिक पुष्टि हो सकेगी। वहीं, इस पूरे प्रकरण ने भूमि विवाद, किरायेदारी और स्थानीय पुलिस की कार्यप्रणाली को लेकर कई गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

रिपोर्ट- मनोज कुमार