Bihar News : आशा कार्यकर्ता के झांसे में निजी अस्पताल पहुंची महिला मरीज की हुई मौत, परिजनों ने जमकर काटा बवाल, डॉक्टर और संचालक मौके से हुए फरार

Bihar News : सरकारी अस्पताल से आशा कार्यकर्त्ता के झांसे आकर परिजन मरीज को निजी अस्पताल ले गए. जहाँ इलाज का दौरान महिला की मौत हो गयी. आक्रोशित परिजनों ने जमकर बवाल काटा....पढ़िए आगे

महिला की मौत - फोटो : premshankar

GAYAJI : जिले के महकार थाना क्षेत्र के फतेहपुर गांव निवासी लालसा देवी (पति- शैलेश कुमार) की खिजरसराय स्थित निजी दुर्गा हॉस्पिटल में ऑपरेशन के बाद तबीयत बिगड़ने और बाद में इलाज के दौरान मौत हो जाने का मामला सामने आया है। घटना से आक्रोशित परिजनों ने अस्पताल परिसर में जमकर हंगामा किया। हंगामे के बाद अस्पताल के डॉक्टर और संचालक के अस्पताल बंद कर फरार होने की सूचना है।

परिजनों का आरोप है कि वे पहले महिला को सरकारी अस्पताल लेकर गए थे, जहां एक आशा कार्यकर्ता ने उन्हें निजी दुर्गा हॉस्पिटल में भर्ती कराने की सलाह दी। उनका कहना है कि बिना किसी आधिकारिक रेफरल के मरीज को निजी अस्पताल भेज दिया गया। मृतका के पति शैलेश कुमार का आरोप है कि निजी अस्पताल में लापरवाहीपूर्वक ऑपरेशन किया गया, जिसके बाद उनकी पत्नी की हालत लगातार बिगड़ती गई। स्थिति गंभीर होने पर अस्पताल प्रबंधन ने पहले गया और फिर पटना रेफर कर दिया, जहां इलाज के दौरान लालसा देवी की मौत हो गई। घटना के बाद परिजनों ने अस्पताल में हंगामा करते हुए डॉक्टर और अस्पताल प्रशासन पर लापरवाही का आरोप लगाया। उनका कहना है कि यदि समय पर उचित इलाज मिलता तो महिला की जान बच सकती थी।

मामले के सामने आने के बाद स्थानीय स्वास्थ्य व्यवस्था पर भी सवाल उठ रहे हैं। परिजनों ने आरोप लगाया है कि सरकारी अस्पताल से मरीजों को निजी अस्पताल भेजने का खेल लंबे समय से चल रहा है और इसकी निष्पक्ष जांच होनी चाहिए। साथ ही यह भी सवाल उठाया जा रहा है कि संबंधित निजी अस्पताल के संचालन, आवश्यक सुविधाओं और वैधता की नियमित जांच क्यों नहीं की गई।

सूचना मिलने पर स्थानीय पुलिस मौके पर पहुंची और आक्रोशित परिजनों को समझाकर स्थिति को शांत कराया। पुलिस ने बताया कि परिजनों के आवेदन और उपलब्ध तथ्यों के आधार पर मामले की जांच की जा रही है तथा आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी। फरार बताए जा रहे डॉक्टर और अस्पताल संचालक की तलाश भी की जा रही है।हालांकि, इस मामले में अस्पताल प्रबंधन का पक्ष सामने नहीं आ सका है। खबर लिखे जाने तक अस्पताल संचालक से संपर्क करने का प्रयास किया गया, लेकिन उनसे बात नहीं हो सकी। पुलिस और स्वास्थ्य विभाग की जांच के बाद ही मौत के कारणों और लगाए गए आरोपों की आधिकारिक पुष्टि हो सकेगी।

प्रेमशंकर की रिपोर्ट