Pitrupaksh Mela 2026 : गया में पितृपक्ष मेला की तैयारियां तेज, डीएम शशांक शुभंकर ने की समीक्षा बैठक, बुनियादी सुविधाओं को समय पर दुरुस्त करने का दिया निर्देश
Pitrupaksh Mela 2026 : आगामी पितृपक्ष मेला की तैयारियों को लेकर जिला परिषद सभागार में बुधवार को एक महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता जिला पदाधिकारी शशांक शुभंकर ने की......पढ़िए आगे
GAYAJI : विश्व प्रसिद्ध पितृपक्ष मेला की पूर्व तैयारियों को लेकर जिला प्रशासन पूरी तरह से एक्शन मोड में नजर आ रहा है। बुधवार को जिला परिषद सभागार में एक बेहद महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक आयोजित की गई, जिसकी अध्यक्षता गया के जिला पदाधिकारी शशांक शुभंकर ने की। इस उच्च स्तरीय बैठक में जिले के तमाम वरीय पदाधिकारी, विभिन्न कार्यपालक विभागों के अभियंता, स्थानीय जनप्रतिनिधि तथा गयापाल पंडा समाज के प्रतिनिधि मुख्य रूप से शामिल हुए।
तीर्थयात्रियों की सुविधाओं पर रहा मुख्य फोकस
बैठक के दौरान पितृपक्ष मेला की अवधि में देश-विदेश से आने वाले लाखों सनातन धर्मावलंबियों और श्रद्धालुओं को बेहतर से बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने को लेकर विस्तृत कार्ययोजना पर चर्चा की गई। डीएम ने तीर्थयात्रियों के ठहरने के लिए समुचित आवासन व्यवस्था, विभिन्न चिन्हित पिंडदान स्थलों, सरोवरों और नदी घाटों की व्यापक साफ-सफाई, शुद्ध पेयजल की उपलब्धता, सुलभ शौचालय, सुगम यातायात, पुख्ता सुरक्षा और चौबीसों घंटे निर्बाध प्रकाश व्यवस्था जैसी बुनियादी सुविधाओं को समय रहते दुरुस्त करने पर विशेष जोर दिया।
समय सीमा के भीतर काम पूरा करने का अल्टीमेटम
जिला पदाधिकारी शशांक शुभंकर ने बैठक में कड़ा रुख अपनाते हुए सभी संबंधित विभागों के अधिकारियों और कार्यपालक एजेंसियों को स्पष्ट निर्देश दिया कि मेला शुरू होने की निर्धारित तिथि से पहले सभी तैयारियां हर हाल में पूरी कर ली जाएं। उन्होंने चेतावनी दी कि काम में किसी भी स्तर पर ढिलाई बर्दाश्त नहीं की जाएगी। इसके साथ ही डीएम ने मेले के सफल आयोजन के लिए सभी विभागों के बीच बेहतर और मजबूत समन्वय बनाकर काम करने की आवश्यकता पर बल दिया।
पंडा समाज और जनप्रतिनिधियों ने दिए अहम सुझाव
समीक्षा बैठक के दौरान गयापाल पंडा समाज के प्रतिनिधियों और स्थानीय जनप्रतिनिधियों ने भी विगत वर्षों के अनुभवों के आधार पर अपनी समस्याओं, चिंताओं और महत्वपूर्ण सुझावों को जिला प्रशासन के समक्ष रखा। उन्होंने पिंडदानियों की सहूलियत के लिए कुछ प्रमुख मार्गों के सुदृढ़ीकरण और घाटों पर सुरक्षा घेरा बनाने की मांग की। जिला प्रशासन ने इन सभी सुझावों को बेहद गंभीरता से लिया और उन पर त्वरित आवश्यक कार्रवाई करने का पूरा आश्वासन दिया।
सुव्यवस्थित और सुरक्षित मेला आयोजन का संकल्प
प्रशासन का मुख्य उद्देश्य इस वर्ष के पितृपक्ष मेला को पिछले वर्षों की तुलना में अधिक सुव्यवस्थित, सुरक्षित और श्रद्धालु-अनुकूल बनाना है। जिला प्रशासन की कोशिश है कि मोक्ष की भूमि गया जी में आने वाले देश-विदेश के किसी भी श्रद्धालु को पितृ तर्पण और पिंडदान के दौरान किसी भी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े और वे यहां से एक सुखद संदेश लेकर लौटें।
प्रेमशंकर की रिपोर्ट