गया नगर निगम में पितृपक्ष मेला 2026 की तैयारियां तेज: मेयर और सशक्त स्थायी समिति ने की समीक्षा बैठक

पितृपक्ष मेला 2026 की तैयारियां तेज- फोटो : मनोज कुमार

Gayaji : विश्व प्रसिद्ध अंतरराष्ट्रीय पितृपक्ष मेला 2026 के सफल आयोजन को लेकर गया नगर निगम ने अपनी कमर कस ली है। इसी सिलसिले में नगर निगम सभागार में एक महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक का आयोजन किया गया। बैठक की अध्यक्षता मेयर वीरेंद्र कुमार उर्फ गणेश पासवान ने की। इस उच्चस्तरीय बैठक में सशक्त स्थायी समिति के वरिष्ठ सदस्य अखौरी ओंकार नाथ उर्फ मोहन श्रीवास्तव, प्रभारी नगर आयुक्त आदित्य कुमार पीयूष सहित कार्यपालक अभियंता, सहायक अभियंता (एई) और कनीय अभियंता (जेई) मुख्य रूप से मौजूद रहे।


साफ-सफाई और तालाबों के सौंदर्यीकरण पर विशेष फोकस

बैठक के दौरान मेले के दौरान शहर की साफ-सफाई, स्वच्छता, आधुनिक प्रकाश व्यवस्था, ऐतिहासिक तालाबों के सौंदर्यीकरण, फल्गु नदी तट की नागरिक सुविधाओं तथा तीर्थयात्रियों के ठहराव व अन्य आवश्यक व्यवस्थाओं की बिंदुवार गहन समीक्षा की गई। मेयर और सशक्त स्थायी समिति के सदस्यों ने अधिकारियों को कड़े निर्देश दिए कि विश्व के कोने-कोने से आने वाले लाखों सनातन धर्मावलंबियों को किसी भी प्रकार की असुविधा नहीं होनी चाहिए और सभी विकास कार्य समय सीमा के भीतर पूरे किए जाएं।


नए प्रभारी नगर आयुक्त के आने से कार्यों में आएगी तेजी

समीक्षा बैठक को संबोधित करते हुए मेयर गणेश पासवान ने कहा कि पितृपक्ष मेला पूरी दुनिया के लिए आस्था का सबसे बड़ा केंद्र है। उन्होंने स्वीकार किया कि पिछले दिनों नगर आयुक्त के तबादले के कारण कुछ कार्यों की गति धीमी जरूर हुई थी, लेकिन अब नए प्रभारी नगर आयुक्त ने पदभार ग्रहण कर लिया है। इसके बाद नगर निगम के सभी लंबित कार्यों और मेला क्षेत्र से जुड़ी महत्वपूर्ण परियोजनाओं में तेजी लाई जाएगी। उन्होंने भरोसा दिलाया कि इस वर्ष नगर निगम पहले से कहीं अधिक बेहतर और व्यवस्थित तरीके से अपनी जिम्मेदारियों को निभाएगा।


पहली बार दिखेगा आधुनिक तकनीक और लाइट एंड साउंड का तालमेल

बैठक में मौजूद सशक्त स्थायी समिति के सदस्य मोहन श्रीवास्तव ने कहा कि गया की अंतरराष्ट्रीय पहचान को देखते हुए इस वर्ष नगर निगम की ओर से साफ-सफाई में आधुनिक तकनीक और अत्याधुनिक मशीनों का व्यापक उपयोग किया जाएगा। उन्होंने एक बड़ा ऐलान करते हुए बताया कि मेला क्षेत्र के आकर्षण और भव्यता को बढ़ाने के लिए इस बार स्थायी रूप से 'लाइट एंड साउंड सिस्टम' विकसित करने का कार्य भी किया जा रहा है। इसके साथ ही, अतिरिक्त सफाईकर्मियों की तैनाती कर 24 घंटे स्वच्छता सुनिश्चित की जाएगी।


फल्गु नदी के घाटों पर किए जाएंगे विशेष इंतजाम

मोहन श्रीवास्तव ने आगे बताया कि फल्गु नदी के तट पर पिंडदान और तर्पण के लिए जुटने वाले श्रद्धालुओं की सुविधा हेतु विशेष इंतजाम किए जा रहे हैं। नदी के विभिन्न घाटों की मुस्तैद सफाई, पर्याप्त रोशनी (लाइटिंग) और चेंजिंग रूम जैसी मूलभूत सुविधाओं को और अधिक मजबूत बनाया जा रहा है। बैठक के अंत में सभी अधिकारियों ने समयबद्ध तरीके से माइक्रो-प्लानिंग के तहत काम करने की रणनीति तैयार की ताकि गया आने वाले श्रद्धालु एक सुखद और दिव्य अनुभव लेकर वापस लौटें।

मनोज कुमार की रिपोर्ट