Bihar News : गया में ‘कॉफी विद डीएम’ कार्यक्रम के पहले सत्र का हुआ आयोजन, डीएम ने छात्रों से किया संवाद, मांगे रचनात्मक सुझाव

Bihar News : गया समाहरणालय में ‘कॉफी विद डीएम’ कार्यक्रम के पहले सत्र का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में ज़िला पदाधिकारी ने जिले के होनहार विद्यार्थियों के साथ सीधे संवाद किया.....पढ़िए आगे

कॉफी विथ डीएम - फोटो : VIKRAMADITYA

GAYAJI : “कॉफी विद डीएम” कार्यक्रम का पहला सत्र आयोजित हुआ। ज़िला पदाधिकारी ने विद्यार्थियों से संवाद किया। विद्यार्थियों ने शिक्षा, भारतीय संस्कृति, स्वच्छता, नागरिक जिम्मेदारी, पर्यटन, यातायात प्रबंधन, आधारभूत संरचना तथा गया के विकास से जुड़े विषयों पर बात रखी। समाहरणालय में आयोजित कार्यक्रम में विद्यार्थियों ने खुल कर अपनी सुझाव को साझा किए। अपर्णा जो  इंडस विजन अकादमी, गया के कक्षा 12 की उत्तीर्ण छात्रा हैं, अपर्णा कुमारी ने युवाओं की स्थानीय समस्याओं के समाधान में भागीदारी, स्वच्छता एवं नागरिक जिम्मेदारी को लेकर महत्वपूर्ण सुझाव दिए। अपर्णा ने CBSE कक्षा 10 में 96.2 प्रतिशत, कक्षा 12 में 95 प्रतिशत अंक प्राप्त किए हैं तथा NEET UG-2026 में प्रथम प्रयास में सफलता हासिल की है। उनकी आकांक्षा Oncology के क्षेत्र में Compassionate Doctor एवं Medical Researcher बनने की है। उन्हें मधुबनी पेंटिंग, Embroidery एवं Science Fiction Stories लेखन में भी रुचि है। उन्होंने गया में “MyCleanGaya” जैसे जन-जागरूकता अभियान, वार्डों एवं बाजारों की Cleanliness Ranking, ओवरफ्लो कूड़ेदानों की सूचना देने एवं सफाई के बाद नागरिकों को जानकारी उपलब्ध कराने की व्यवस्था का सुझाव दिया। उन्होंने बेहतर स्वच्छता रखने वाले समुदायों एवं सफाई कर्मियों को सम्मानित करने तथा विद्यालयों में Civic Responsibility Week एवं Community Service जैसी गतिविधियां आयोजित करने की बात कही।उन्होंने विष्णुपद मंदिर, फल्गु नदी, टेंट सिटी एवं पितृपक्ष मेला के प्रमुख क्षेत्रों में “No Litter Zones” विकसित करने का सुझाव देते हुए कहा कि स्वच्छता को केवल नियम नहीं, बल्कि जन-अभियान एवं नागरिक गौरव से जोड़ना आवश्यक है। 

विदुषी राज, कक्षा 11 की छात्रा हैं तथा दिल्ली पब्लिक स्कूल गया में अध्ययनरत हैं। उन्होंने गया शहर एवं जिले के विकास और बेहतर नागरिक सुविधाओं से जुड़े विषयों पर जिला पदाधिकारी के साथ चर्चा करने की इच्छा व्यक्त की। उनकी आकांक्षा डॉक्टर बनने की है। इन्होंने School Games Federation of India (SGFI) की 2 National प्रतियोगिताओं में भागीदारी लिए हुए हैं। Basketball Federation of India (BFI) की 2 National प्रतियोगिताओं में भागीदारी है। कला में भी रुचि एवं सक्रिय सहभागिता रखते हैं। विदुषी ने गया में मुख्य रूप से स्वच्छता एवं निर्माण/आधारभूत संरचना के विकास की आवश्यकता पर जोर दिया। उन्होंने सुझाव दिया कि शहर के सार्वजनिक शौचालयों की नियमित सफाई एवं बेहतर रखरखाव सुनिश्चित किया जाए। सार्वजनिक शौचालयों की स्थिति की नियमित निगरानी की जाए। शहर एवं ग्रामीण क्षेत्रों में सड़क निर्माण एवं मरम्मत कार्यों को और तेज किया जाए। खराब सड़कों की शिकायतों पर त्वरित कार्रवाई की व्यवस्था हो। शहरी एवं ग्रामीण क्षेत्रों में आधारभूत संरचनाओं के विकास के लिए योजनाबद्ध निर्माण कार्य कराया जाए। खुशबू कुमारी, PG छात्रा, IGNOU गया, ने गया जिले की प्राथमिक से उच्च शिक्षा व्यवस्था में गुणवत्ता सुधार पर चर्चा हेतु जिला पदाधिकारी से मिलने की इच्छा जताई। वह BPSC की तैयारी कर रही हैं तथा 71वीं BPSC में 8 अंकों से चूकने के बाद 72वीं की तैयारी कर रही हैं। विभिन्न निबंध, क्विज, पेंटिंग, स्लोगन एवं राज्य स्तरीय कार्यक्रमों में सहभागिता के साथ उन्हें कई पुरस्कार प्राप्त हुए हैं। इनके द्वारा सुझाव दिये गए की गया में प्राथमिक एवं उच्च शिक्षा की गुणवत्ता सुधारने, बच्चों की विषयगत समझ मजबूत करने तथा गांव स्तर पर शिक्षा सुधार में युवाओं की भागीदारी बढ़ाने पर जोर दिया। उनका विजन “विकसित गया, विकसित बिहार, विकसित भारत” है, जिसमें सभी नागरिकों को बेहतर शिक्षा एवं सरकारी योजनाओं का लाभ सुनिश्चित हो। आदर्श उपाध्याय, कक्षा 9 के विद्यार्थी हैं और नाजरत अकादमी गया में अध्ययनरत हैं। उन्होंने जिला पदाधिकारी से मिलने की इच्छा के संबंध में गया में भारतीय ज्ञान परंपरा, सांस्कृतिक जागरूकता एवं भारतीय पारंपरिक संस्कृति के संरक्षण एवं प्रचार-प्रसार का विषय पर अपने विचार प्रकट किया है। उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में युवाओं एवं विद्यार्थियों के बीच भारतीय ज्ञान प्रणाली तथा पारंपरिक संस्कृति के प्रति जागरूकता बढ़ाने की आवश्यकता है। उन्होंने जिला प्रशासन के माध्यम से स्कूलों एवं आम नागरिकों के बीच जागरूकता अभियान चलाने तथा भारतीय संस्कृति एवं विरासत से संबंधित कार्यक्रम आयोजित करने का सुझाव दिया।  ISSO SOF Olympiad में District Rank-1 एवं कक्षा टॉपर, HTSE/GTSE में राष्ट्रीय रैंक, INTACT Gaya Quiz में Rank-3, विभिन्न राष्ट्रीय क्विज एवं कार्यक्रमों में सहभागिता, योग प्रशिक्षण तथा गणेश पंचरत्न स्तोत्र पाठ एवं मानव शरीर-विज्ञान की व्याख्या से संबंधित विश्व रिकॉर्ड का उल्लेख किये हैं, भारतीय संविधान के प्रति जागरूकता कार्यक्रमों में भी सक्रिय सहभागिता रखते हैं। सुजल सौरव ने कक्षा 10 तक DAV Public School, गया से शिक्षा प्राप्त की तथा वर्तमान में सुभाष इंटरनेशनल स्कूल में अध्ययनरत हैं। कक्षा 10 में CBSE से 500 में 412 अंक प्राप्त किए। NCC, स्वच्छ भारत अभियान एवं सामाजिक गतिविधियों में सक्रिय सहभागिता है। वे अंतरराष्ट्रीय वित्त एवं कॉरपोरेट मैनेजमेंट के क्षेत्र में करियर बनाना चाहते हैं। गया के पर्यटन विकास में रुचि रखते हुए उन्होंने पर्यटन स्थलों के सौंदर्यीकरण, पर्यटक सुविधाओं में सुधार, प्रभावी Waste Management तथा पितृपक्ष मेला के दौरान बेहतर Traffic Diversion एवं Route Management का सुझाव दिया।

“कॉफी विद डीएम” कार्यक्रम में विद्यार्थियों द्वारा रखे गए सुझावों में जहां गया की सांस्कृतिक एवं आध्यात्मिक विरासत के संरक्षण पर जोर दिया गया, वहीं स्वच्छता, नागरिक जिम्मेदारी, पर्यटन विकास, यातायात प्रबंधन, सार्वजनिक सुविधाओं, सड़क एवं आधारभूत संरचना तथा युवाओं की प्रशासन में भागीदारी जैसे महत्वपूर्ण विषय भी सामने आए।जिला पदाधिकारी की ओर से विद्यार्थियों के रचनात्मक सुझावों का स्वागत करते हुए कहा गया कि युवाओं की सोच, ऊर्जा और नए विचार गया के समग्र विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं। कार्यक्रम का उद्देश्य ही विद्यार्थियों एवं युवाओं को प्रशासन से सीधे संवाद का अवसर प्रदान करना तथा उनके सुझावों को विकास की प्रक्रिया से जोड़ना है। उन्होंने जिले के अन्य युवाओं से भी इस पहल से जुड़ने तथा अपनी अपेक्षाओं एवं रचनात्मक सुझावों को जिला प्रशासन तक पहुंचाने की अपील की। उन्होंने कहा कि इस तरह का सेशन नियमित रूप से हर बुधवार एवं शनिवार को आयोजित होगी जिन इच्छुक युवा गया जिले की NIC वेबसाइट  या https://Tinyurl.com/DMgaya पर उपलब्ध फॉर्म के माध्यम से अपने सुझाव एवं विचार साझा कर सकते हैं। युवाओं के सुझावों को विकास की योजनाओं से जोड़ा जाएगा। जितने भी आज सुझाव प्राप्त हुए हैं उन पर अमल लाने के लिए जिला प्रशासन कार्य करेगा।

कार्यक्रम के बाद सभी प्रतिभागी छात्र-छात्राओं ने समाहरणालय परिसर स्थित विभिन्न शाखाओं का भ्रमण किया। उन्होंने विभिन्न विभागों के पदाधिकारियों से संवाद कर विभागीय कार्यप्रणाली, सरकारी सेवाओं तथा जनकल्याणकारी योजनाओं के बारे में जानकारी प्राप्त की। छात्र-छात्राओं को यह भी बताया गया कि विभिन्न सरकारी योजनाओं का लाभ आम नागरिकों तक किस प्रकार पहुंचाया जाता है तथा प्रशासनिक स्तर पर जनसमस्याओं के समाधान की प्रक्रिया क्या है। कार्यक्रम के अंत में युवाओं ने ‘कॉफी विद डीएम’ जैसी पहल की सराहना करते हुए इसे नियमित रूप से आयोजित करने की अपेक्षा व्यक्त की।

विक्रमादित्य की रिपोर्ट