Bihar News : गयाजी के सरकारी स्कूल में किताबों की खरीद-बिक्री का वीडियो वायरल, ऑटो में लादकर कबाड़ी को बेचने का आरोप, शिक्षिका का नाम आया सामने

Bihar News : गयाजी में सरकार द्वारा मुफ्त दी जाने वाली सरकारी किताबों को सरेआम बेचे जाने का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है......पढ़िए आगे

किताब बेचने का आरोप - फोटो : MANOJ

GAYAJI : बिहार के गया जिले के टिकारी स्थित जमालपुर सरकारी स्कूल से एक बेहद चौंकाने वाला और शर्मनाक मामला सामने आया है। यहां बच्चों के उज्ज्वल भविष्य और पढ़ाई के लिए सरकार द्वारा मुफ्त दी जाने वाली सरकारी किताबों को सरेआम बेचे जाने का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। हैरान करने वाली बात यह है कि इस पूरी धांधली का खुलासा किसी अधिकारी या पुलिस ने नहीं, बल्कि स्कूल के ही जागरूक बच्चों ने वीडियो बनाकर किया है। हालाँकि NEWS4NATION इस वायरल वीडियो की पुष्टि नहीं करता है। 

बच्चों ने ही बनाया वीडियो, उजागर की पोल

वायरल हो रहे वीडियो में साफ देखा जा सकता है कि स्कूल में रखी सरकारी किताबों को एक ऑटो में लोड किया जा रहा है। बच्चों ने जब अपने ही स्कूल के पठन-पाठन की सामग्री को इस तरह बाहर ले जाते देखा, तो उन्होंने हिम्मत दिखाते हुए इसका वीडियो बना लिया और सोशल मीडिया पर वायरल कर दिया। इस घटना के सामने आने के बाद शिक्षा व्यवस्था की साख पर बड़े सवाल खड़े हो रहे हैं और ऐसा प्रतीत होता है कि दोषियों को न तो कानून का डर है और न ही विभागीय कार्रवाई का।

शिक्षिका अर्चना कुमारी पर लगा आरोप

सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, यह पूरा मामला टिकारी प्रखंड के जमालपुर स्थित सरकारी विद्यालय का बताया जा रहा है। आरोप है कि इसी स्कूल में पदस्थापित शिक्षिका अर्चना कुमारी की देखरेख में स्कूल में रखी किताबों को ऑटो में लादकर खुलेआम कबाड़ी वाले के हाथों बेचने की तैयारी की जा रही थी। छात्रों द्वारा बनाए गए इस वीडियो ने स्कूल प्रशासन की नीयत और कार्यप्रणाली को पूरी तरह कठघरे में खड़ा कर दिया है।

मुफ्त मिलने वाली किताबों की कालाबाजारी पर उठे सवाल

राज्य सरकार एक तरफ गरीब और जरूरतमंद बच्चों तक शिक्षा की पहुंच आसान बनाने के लिए हर साल करोड़ों रुपये खर्च कर मुफ्त किताबें मुहैया कराती है, वहीं दूसरी तरफ इस तरह की घटनाएं व्यवस्था को खोखला कर रही हैं। कबाड़ी के हाथों बेचे जाने का यह वीडियो वायरल होने के बाद स्थानीय लोगों में भारी आक्रोश व्याप्त है। अभिभावकों का कहना है कि जो किताबें बच्चों के हाथों में होनी चाहिए थीं, उन्हें चंद पैसों के लालच में बेचा जा रहा था।

विभागीय जांच और कार्रवाई का इंतजार

वीडियो के तेजी से प्रसारित होने के बाद शिक्षा विभाग के अधिकारियों में भी हड़कंप मच गया है। स्थानीय ग्रामीणों और अभिभावकों ने गया जिला प्रशासन और शिक्षा विभाग से मांग की है कि मामले की तुरंत निष्पक्ष जांच कराई जाए। आरोपी शिक्षिका और इस कृत्य में शामिल अन्य लोगों पर सख्त से सख्त अनुशासनात्मक व कानूनी कार्रवाई की जाए, ताकि भविष्य में कोई भी शिक्षा के मंदिर में ऐसी धांधली करने की हिम्मत न कर सके।

मनोज की रिपोर्ट