Bihar News: चनावे जेल में लगा बंदी दरबार, डीएम ने सुनी कैदियों की फरियाद, बोले- मानवीय व्यवहार प्रशासन की प्राथमिकता
Bihar News: डीएम ने बंदियों से आमने-सामने संवाद किया और उनकी समस्याओं, जरूरतों तथा मांगों को सीधे सुना।निरीक्षण के दौरान बंदियों ने जिला पदाधिकारी के सामने अपनी अलग-अलग समस्याएं और मांगें रखीं। ...
Gopalganj: मंडल कारा चनावे में जिला प्रशासन की संवेदनशील पहल सामने आई। जिला पदाधिकारी समीर सौरभ ने जेल का निरीक्षण कर व्यवस्थाओं का जायजा लिया और इसी दौरान बंदियों के लिए ‘बंदी दरबार’ लगाया। डीएम ने बंदियों से आमने-सामने संवाद किया और उनकी समस्याओं, जरूरतों तथा मांगों को सीधे सुना।निरीक्षण के दौरान बंदियों ने जिला पदाधिकारी के सामने अपनी अलग-अलग समस्याएं और मांगें रखीं। डीएम ने उनकी बातों को गंभीरता से सुनते हुए संबंधित अधिकारियों को नियमानुसार आवश्यक कार्रवाई करने का निर्देश दिया। इस दौरान प्रशासन की ओर से यह संदेश देने की कोशिश की गई कि जेल में बंद होना किसी व्यक्ति को बुनियादी मानवीय सुविधाओं और गरिमापूर्ण व्यवहार से वंचित करने का आधार नहीं हो सकता।
डीएम समीर सौरभ ने कहा कि मंडल कारा में निरुद्ध बंदियों को निर्धारित नियमों के अनुसार सभी जरूरी मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराना प्रशासन की प्राथमिकता है। उन्होंने कारा प्रशासन को बंदियों के साथ मानवीय और संवेदनशील व्यवहार सुनिश्चित करने पर भी जोर दिया।बंदी दरबार का उद्देश्य जेल में रह रहे लोगों की समस्याओं को सीधे प्रशासन तक पहुंचाना और उनके समाधान की प्रक्रिया को तेज करना रहा। आम तौर पर जेल की चारदीवारी के भीतर रहने वाले बंदियों की शिकायतें कई स्तरों से होकर प्रशासन तक पहुंचती हैं, लेकिन इस तरह के सीधे संवाद से समस्याओं की वास्तविक स्थिति समझने में मदद मिलती है।
डीएम ने बंदियों की ओर से रखी गई मांगों पर संबंधित अधिकारियों को नियम और प्रावधानों के मुताबिक कार्रवाई करने को कहा। हालांकि, प्रशासन की ओर से यह स्पष्ट नहीं किया गया कि बंदियों की कौन-कौन सी मांगों पर तत्काल निर्णय लिया गया और किन मामलों में आगे जांच या प्रक्रिया की आवश्यकता होगी।निरीक्षण के दौरान जिला पदाधिकारी ने कारा परिसर की व्यवस्थाओं का भी जायजा लिया। उन्होंने जेल प्रशासन से बंदियों को उपलब्ध कराई जा रही सुविधाओं और व्यवस्थाओं की जानकारी ली। प्रशासन की ओर से जेल में अनुशासन बनाए रखने के साथ-साथ बंदियों की आवश्यक जरूरतों का ध्यान रखने पर जोर दिया गया।
इस दौरान मंडल कारा चनावे के अधीक्षक समेत कारा प्रशासन के अधिकारी और कर्मचारी मौजूद रहे। डीएम के निरीक्षण को प्रशासनिक निगरानी के साथ-साथ बंदियों की समस्याओं को सुनने की पहल के तौर पर देखा जा रहा है।जिला प्रशासन का संदेश साफ है कि जेल व्यवस्था में सुरक्षा और अनुशासन जरूरी हैं, लेकिन इसके साथ मानवीय दृष्टिकोण भी उतना ही अहम है। बंदियों की शिकायतों को सुनना, जायज समस्याओं का नियम के तहत समाधान करना और उन्हें बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध कराना प्रशासन की जिम्मेदारी है। चनावे मंडल कारा में आयोजित बंदी दरबार इसी सोच की एक कड़ी के रूप में सामने आया, जहां डीएम ने अधिकारियों के बजाय सीधे बंदियों से संवाद कर उनकी बात सुनी और संबंधित अधिकारियों को आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए।
रिपोर्ट- नमोनारायण मिश्रा