निर्दोषों को बंधक बनाकर वसूली! जादोपुर के पूर्व SHO समेत 4 पहुंचे जेल, SP का बड़ा एक्शन
गोपालगंज के जादोपुर थाने में भ्रष्टाचार का बड़ा भंडाफोड़! निर्दोष लोगों को गैर-कानूनी तरीके से हिरासत में रखकर वसूली करने के आरोप में तत्कालीन थानाध्यक्ष अनिल राम, दलाल और चौकीदार समेत 4 लोगों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया है।
गोपालगंज के जादोपुर थाने में भ्रष्टाचार और अवैध वसूली का एक गंभीर मामला उजागर हुआ है। पुलिस की शुरुआती जांच में खुलासा हुआ है कि निर्दोष लोगों को बिना किसी प्राथमिकी या कानूनी अनुमति के घंटों तक थाने में बंधक बनाकर रखा जाता था। इतना ही नहीं, उन्हें झूठे मुकदमों में फंसाने की धमकी देकर परिजनों से मोटी रकम वसूली जाती थी और केस से नाम हटाने के बदले रिश्वत ली जाती थी।
एसपी के निर्देश पर डीएसपी मुख्यालय ने की जांच
इस पूरे फर्जीवाड़े की भनक 16 अगस्त को गोपालगंज के पुलिस अधीक्षक (एसपी) को गुप्त सूचना के जरिए मिली थी। मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए एसपी ने त्वरित कार्रवाई करते हुए डीएसपी मुख्यालय को मामले के सत्यापन और गहन जांच का जिम्मा सौंपा। जांच के दौरान यह चौंकाने वाली बात सामने आई कि कुछ लोगों को बिना किसी कागजी प्रविष्टि के लगभग 36 घंटे तक गैर-कानूनी तरीके से थाने में बैठाकर रखा गया था।
मासूमों को डराकर लाखों रुपये की अवैध वसूली
जांच में वसूली के कई मामले उजागर हुए हैं, जहाँ एक कथित दलाल के माध्यम से 50 हजार रुपये की मांग की गई थी। इसके अलावा एक महिला और उसकी नाबालिग बेटी को छोड़ने के एवज में 75 हजार रुपये और एक युवक का नाम केस से हटाने के नाम पर 55 हजार रुपये की ऐंठ-खसोट की बात सच साबित हुई है। जांच टीम को थाना प्रभारी और दलाल के बीच लगातार फोन पर हुई बातचीत के पुख्ता सबूत भी मिले हैं।
तत्कालीन थानाध्यक्ष समेत 4 आरोपी गिरफ्तार
डीएसपी की जांच रिपोर्ट के आधार पर 18 अगस्त को जादोपुर थाने में कांड संख्या 185/2026 दर्ज किया गया। कार्रवाई करते हुए पुलिस ने तत्कालीन थानाध्यक्ष अनिल राम, दलाल राजू यादव, थाना चालक राकेश कुमार और चौकीदार महंथ कुमार यादव को गिरफ्तार कर लिया है। गिरफ्तार थानाध्यक्ष और चौकीदार को तत्काल प्रभाव से निलंबित करते हुए न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया है।
भ्रष्टाचार पर पुलिस प्रशासन का सख्त रुख
घटना के बाद पुलिस अधीक्षक ने कड़ा रुख अपनाते हुए स्पष्ट किया है कि पद के दुरुपयोग, रिश्वतखोरी और किसी को गैर-कानूनी ढंग से हिरासत में रखने जैसे कृत्यों को कतई बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। गवाहों को डराने-धमकाने और जांच को प्रभावित करने की कोशिशों को गंभीरता से लेते हुए उन्होंने कहा कि कानून का उल्लंघन करने वाले किसी भी पुलिसकर्मी या बिचौलिए के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति के तहत कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
गोपालगंज से नमो नारायण मिश्र की रिपोर्ट