चेन्नई से गोपालगंज तक शिव का विराट आगमन, हर-हर महादेव से गूंजा बलथरी बॉर्डर, श्रद्धालुओं का लगा तांता, सनातन आस्था के महासफर पर डीएम-एसपी सावधान
Worlds largest Shivling in Bihar: सनातन संस्कृति की शान और श्रद्धा का प्रतीक देश का सबसे विशाल शिवलिंग अब गोपालगंज जिले की धरती पर पहुंच चुका है।...
Worlds largest Shivling in Bihar: गोपालगंज से इस वक्त आस्था, भक्ति और इतिहास से जुड़ी एक अद्भुत, अलौकिक खबर सामने आ रही है। सनातन संस्कृति की शान और श्रद्धा का प्रतीक देश का सबसे विशाल शिवलिंग अब गोपालगंज जिले की धरती पर पहुंच चुका है। पूर्वी चंपारण के केसरिया में निर्माणाधीन विराट रामायण मंदिर में स्थापना के लिए यह दिव्य शिवलिंग करीब 45 दिनों की ऐतिहासिक यात्रा तय कर तमिलनाडु के चेन्नई से बिहार पहुंचा है।
फिलहाल यह भव्य शिवलिंग उत्तर प्रदेश–बिहार सीमा पर स्थित गोपालगंज जिले के कुचायकोट थाना क्षेत्र अंतर्गत एनएच-27 के बलथरी चेकपोस्ट पर विराजमान है। जैसे ही इसके आगमन की खबर फैली, आस्था का सैलाब उमड़ पड़ा। दूर-दराज़ से श्रद्धालु, ज़ायरीन और भक्तजन दर्शन के लिए पहुंचने लगे। शिवलिंग के इर्द-गिर्द टेंट लगाकर भजन, कीर्तन, रुद्राभिषेक और पूजा-अर्चना का सिलसिला लगातार जारी है। हर-हर महादेव और बम-बम भोले के नारों से पूरा इलाका शिवमय हो गया है।
करीब ढाई सौ टन वजनी यह विशाल शिवलिंग कोई साधारण संरचना नहीं, बल्कि आस्था और इंजीनियरिंग का बेमिसाल संगम है। इसे विशेष रूप से डिजाइन किए गए भारी-भरकम ट्रक पर लादकर लाया गया है। यह यात्रा सिर्फ धार्मिक नहीं, बल्कि तकनीकी दृष्टि से भी एक बड़ा इम्तिहान रही है।
इधर, शिवलिंग की सुरक्षा और आगे की यात्रा को लेकर प्रशासन पूरी तरह अलर्ट मोड में है। गोपालगंज के जिलाधिकारी पवन कुमार सिन्हा और पुलिस अधीक्षक अवधेश दीक्षित स्वयं बलथरी चेकपोस्ट पहुंचे। उन्होंने शिवलिंग के साथ चल रही पांच सदस्यीय तकनीकी टीम से विस्तार से बातचीत की और आगे की रणनीति पर मंथन किया। खास तौर पर गंडक नदी पर बने डुमरिया पुल की भार क्षमता, सड़क की चौड़ाई और मोड़ों का तकनीकी निरीक्षण कराया जा रहा है।
प्रशासन का साफ कहना है श्रद्धा और सुरक्षा, दोनों हमारे लिए मुकद्दस हैं। जब तक सभी सुरक्षा मानकों पर पूरी तरह संतोष नहीं हो जाता, तब तक शिवलिंग को आगे नहीं बढ़ाया जाएगा।
बहरहाल यह शिवलिंग सिर्फ पत्थर की आकृति नहीं, बल्कि सनातन आस्था, विश्वास और भारतीय संस्कृति की जीवंत मिसाल बन चुका है। अब पूरे देश की निगाहें इस पर टिकी हैं कि कब यह दिव्य शिवलिंग अपने अंतिम धाम केसरिया स्थित विराट रामायण मंदिर तक पहुंचेगा।
रिपोर्ट- नमोनारायण मिश्रा