Bihar News : छात्राओं पर अश्लील टिप्पणी करना हेडमास्टर को पड़ा महंगा, RDDE ने किया सस्पेंड, 45 दिनों में विभागीय जांच रिपोर्ट देने का जारी किया आदेश

Bihar News : गोपालगंज के भोरे स्थित बनकटा जागीरदारी सीनियर सेकेंडरी स्कूल के प्रधानाध्यापक सत्येंद्र कुमार को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है......पढ़िए आगे

हेडमास्टर सस्पेंड - फोटो : NAMO NARAYAN

 GOPALGANJ : बिहार के गोपालगंज जिले के भोरे स्थित बनकटा जागीरदारी सीनियर सेकेंडरी स्कूल के प्रधानाध्यापक सत्येंद्र कुमार को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। छात्राओं द्वारा प्रधानाध्यापक पर अमर्यादित व अश्लील भाषा के प्रयोग, लैंगिक उत्पीड़न संबंधी नियमों के उल्लंघन और बुनियादी सुविधाओं में लापरवाही के गंभीर आरोप लगाए जाने के बाद यह सख्त प्रशासनिक कार्रवाई की गई है।

छात्राओं ने लगाए थे गंभीर आरोप

स्कूल में पढ़ने वाली छात्राओं ने प्रधानाध्यापक सत्येंद्र कुमार के खिलाफ अभद्र व्यवहार, अश्लील भाषा के इस्तेमाल और मानसिक व लैंगिक उत्पीड़न की शिकायत दर्ज कराई थी। इसके अतिरिक्त, स्कूल परिसर में साफ-सफाई की कमी, पीने के पानी और शौचालयों की बदहाल स्थिति को लेकर भी प्रधानाध्यापक की लापरवाही उजागर हुई थी।

दो महिला अधिकारियों की टीम ने की जांच

मामले की शिकायत मिलते ही गोपालगंज के जिलाधिकारी समीर सौरभ ने त्वरित संज्ञान लिया। उन्होंने मामले की निष्पक्ष जांच के लिए दो महिला पदाधिकारियों—डीपीओ (आईसीडीएस) और डीसीओ (जिला सहकारिता पदाधिकारी)—की एक विशेष जांच टीम गठित की। दोनों अधिकारियों ने बनकटा जागीरदारी स्कूल पहुंचकर छात्राओं से एकांत में बातचीत की और उनके विस्तृत बयान दर्ज किए। प्राथमिक जांच में ही छात्राओं द्वारा लगाए गए आरोप सही पाए गए।

आरडीडीई सारण ने जारी किया निलंबन आदेश

प्रधानाध्यापक के पद पर निलंबन की कार्रवाई क्षेत्रीय शिक्षा उप निदेशक (RDDE) स्तर से की जाती है। जांच रिपोर्ट में आरोप प्रथम दृष्टया सत्य पाए जाने के बाद सिफारिश पर सारण प्रमंडल के क्षेत्रीय शिक्षा उप निदेशक ने सत्येंद्र कुमार को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया। इसके साथ ही, पूरे मामले में औपचारिक विभागीय जांच के आदेश जारी किए गए हैं और जांच अधिकारी को 45 दिनों के भीतर अपनी अंतिम रिपोर्ट सौंपने का निर्देश दिया गया है।

छात्राओं की सुरक्षा से कोई समझौता नहीं: डीएम समीर सौरभ

जिलाधिकारी समीर सौरभ ने कार्रवाई की पुष्टि करते हुए कहा कि छात्राओं की सुरक्षा, सम्मान और गरिमा से किसी भी सूरत में समझौता नहीं किया जाएगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि शैक्षणिक संस्थानों में इस प्रकार की लापरवाही और अभद्रता बर्दाश्त के बाहर है, जिसके कारण शिकायत मिलने पर त्वरित और सख्त कार्रवाई सुनिश्चित की गई है।

नमो नारायण की रिपोर्ट