NEET छात्रों के प्रस्तावित आंदोलन से पहले गोपालगंज में हाई अलर्ट: पुलिस का फ्लैग मार्च, अफवाह फैलाने वालों को चेतावनी

NEET छात्रों के प्रस्तावित आंदोलन को देखते हुए गोपालगंज जिला प्रशासन और पुलिस पूरी तरह अलर्ट मोड में है।गुरुवार को सदर एसडीपीओ चंदन कुमार के नेतृत्व में पुलिस बलों ने जिला मुख्यालय के प्रमुख मार्गों पर फ्लैग मार्च निकाला..

छात्रों के प्रस्तावित आंदोलन को लेकर गोपालगंज में हाई अलर्ट- फोटो : नमो नारायण मिश्रा

Gopalganj : NEET छात्रों के प्रस्तावित आंदोलन को देखते हुए गोपालगंज जिला प्रशासन और पुलिस पूरी तरह अलर्ट मोड में आ गई है। कानून-व्यवस्था बनाए रखने और किसी भी अप्रिय स्थिति से निपटने के लिए गुरुवार को सदर एसडीपीओ चंदन कुमार के नेतृत्व में पुलिस बलों ने जिला मुख्यालय के प्रमुख मार्गों पर फ्लैग मार्च निकाला। इस दौरान लोगों से शांति बनाए रखने, अफवाहों से बचने और प्रशासन का सहयोग करने की अपील की गई।


शहर के संवेदनशील इलाकों में पुलिस बल का सख्त संदेश

सदर एसडीपीओ चंदन कुमार और नगर इंस्पेक्टर प्रवीण प्रभाकर की अगुवाई में निकला यह फ्लैग मार्च शहर के प्रमुख चौक-चौराहों और संवेदनशील इलाकों से होकर गुजरा। इसका मुख्य उद्देश्य आम नागरिकों में सुरक्षा का भरोसा जगाना और असामाजिक तत्वों को कड़ा संदेश देना था। पुलिस प्रशासन ने साफ कर दिया है कि शांति व्यवस्था बनाए रखना उनकी सर्वोच्च प्राथमिकता है और कानून-व्यवस्था से खिलवाड़ किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।


सोशल मीडिया पर कड़ी निगरानी, भ्रामक पोस्ट पर होगी कार्रवाई

पुलिस अधिकारियों ने आम लोगों से अपील की है कि वे किसी भी तरह की अफवाह पर ध्यान न दें और सोशल मीडिया पर बिना पुष्टि के कोई पोस्ट, फोटो या वीडियो शेयर न करें। प्रशासन ने स्पष्ट किया कि सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर विशेष निगरानी रखी जा रही है। भ्रामक सूचना फैलाने, भीड़ को उकसाने या शांति व्यवस्था बिगाड़ने की कोशिश करने वालों के खिलाफ तुरंत सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।


सुरक्षा के कड़े इंतजाम और संवेदनशील जगहों पर अतिरिक्त बल

आंदोलन के दौरान यातायात व्यवस्था सुचारू रखने और आम लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए जगह-जगह पर्याप्त संख्या में पुलिस बल तैनात किया गया है। संवेदनशील स्थानों पर अतिरिक्त सुरक्षा बल लगाए गए हैं और हर गतिविधि पर पैनी नजर रखी जा रही है। सभी पुलिस अधिकारियों को 24 घंटे सतर्क रहने और किसी भी आपात स्थिति में त्वरित कार्रवाई करने के कड़े निर्देश दिए गए हैं।


शांतिपूर्ण प्रदर्शन का अधिकार, लेकिन उपद्रव पर मिलेगी सख्ती

प्रशासन ने दोहराया है कि अपनी मांगों को शांतिपूर्ण तरीके से रखना सभी का लोकतांत्रिक अधिकार है, लेकिन कानून हाथ में लेने या सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुंचाने की इजाजत किसी को नहीं होगी। जिला प्रशासन ने नागरिकों से सहयोग की अपील करते हुए कहा है कि किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत नजदीकी पुलिस स्टेशन में दें ताकि समय रहते आवश्यक कदम उठाए जा सकें।

नमो नारायण मिश्रा की रिपोर्ट