Bihar News: जिला जज समेत सभी न्यायाधीश पैदल पहुंचे कोर्ट,लोगों को ईंधन बचत का दिया संदेश,गोपालगंज में मिसाल बनी न्यायपालिका

Bihar News: गोपालगंज में न्यायिक व्यवस्था से जुड़ा एक अनोखा और प्रेरणादायक दृश्य देखने को मिला, जब जिला एवं सत्र न्यायाधीश गीता गुप्ता समेत सभी न्यायिक अधिकारी बिना सरकारी वाहन का उपयोग किए पैदल ही न्यायालय पहुंचे। ...

जिला जज समेत सभी न्यायाधीश पैदल पहुंचे कोर्ट- फोटो : reporter

Bihar News: गोपालगंज में  न्यायिक व्यवस्था से जुड़ा एक अनोखा और प्रेरणादायक दृश्य देखने को मिला, जब जिला एवं सत्र न्यायाधीश गीता गुप्ता समेत सभी न्यायिक अधिकारी बिना सरकारी वाहन का उपयोग किए पैदल ही न्यायालय पहुंचे। इस पहल ने न केवल लोगों का ध्यान खींचा, बल्कि पर्यावरण संरक्षण और ईंधन बचत का मजबूत संदेश भी दिया। यह पहल गोपालगंज व्यवहार न्यायालय परिसर में देखने को मिली, जहां जजों ने आम जनता के बीच सीधे चलकर यह संदेश दिया कि अनावश्यक वाहन उपयोग को कम करके पेट्रोल-डीजल की बचत की जा सकती है और पर्यावरण को भी सुरक्षित रखा जा सकता है।

जिला जज गीता गुप्ता ने इस अवसर पर कहा कि आज के समय में बढ़ती ईंधन खपत और प्रदूषण एक गंभीर समस्या बनती जा रही है। उन्होंने कहा कि यदि हर नागरिक सप्ताह में कम से कम एक दिन भी अनावश्यक वाहन का उपयोग बंद कर दे, तो इससे बड़ी मात्रा में ईंधन की बचत हो सकती है और पर्यावरण पर सकारात्मक असर पड़ेगा।उन्होंने आम लोगों से अपील करते हुए कहा कि देशहित को ध्यान में रखते हुए छोटे-छोटे कदम भी बड़े बदलाव ला सकते हैं। उन्होंने यह भी कहा कि जरूरत होने पर थोड़ी असुविधा सहकर भी हमें संसाधनों के संरक्षण की दिशा में आगे बढ़ना चाहिए।

इस पहल के दौरान सभी न्यायिक अधिकारी एक साथ पैदल चलते हुए कोर्ट पहुंचे, जिससे वहां मौजूद लोग भी प्रेरित हुए। कई वकीलों और कर्मचारियों ने इस कदम की सराहना की और इसे एक सकारात्मक संदेश देने वाली पहल बताया।

गोपालगंज जिला न्यायालय में इस तरह की पहल को पर्यावरण जागरूकता की दिशा में एक प्रतीकात्मक कदम माना जा रहा है। लोगों का कहना है कि अगर प्रशासनिक और न्यायिक स्तर पर ऐसे प्रयास नियमित रूप से किए जाएं, तो समाज में जागरूकता और जिम्मेदारी दोनों बढ़ सकती हैं।इस पहल का उद्देश्य केवल संदेश देना नहीं, बल्कि व्यवहार में बदलाव लाना भी है, ताकि लोग अपने दैनिक जीवन में ईंधन बचत और प्रदूषण नियंत्रण को अपनाएं। गोपालगंज की यह पहल एक प्रेरणादायक उदाहरण बनकर सामने आई है, जिसने यह दिखाया कि बदलाव की शुरुआत छोटे कदमों से भी की जा सकती है।

रिपोर्ट- नमोनारायण मिश्रा