छात्र नेता दिलीप कुमार को मिली जमानत, TRE 4 आंदोलन के दौरान हुए थे गिरफ्तार, शिक्षक भर्ती पर सम्राट सरकार का बड़ा फैसला

शिक्षक बनने का सपना देख रहे लाखों अभ्यर्थियों के लिए मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने बड़ा फैसला लिया तो उसके बाद TRE 4 आंदोलन में गिरफ्तार हुए छात्र नेता दिलीप को बेल भी मिल गई है.

Student leader Dilip Kumar
Student leader Dilip Kumar - फोटो : news4nation

Bihar Teachers News : TRE 4 के नोटिफिकेशन को लेकर पिछले दिनों हुए आंदोलन के दौरान गिरफ्तार किये गए छात्र नेता दिलीप कुमार को शनिवार को जमानत मिल गई. उन्हें 8 मई को गिरफ्तार किया गया था और तब से वे जेल में थे. अब पटना सिविल कोर्ट ने उन्हें जमानत दे दी है. 8 मई को दिलीप को हिरासत में लेने के बाद गांधी मैदान थाने में रखा गया था. बाद में गांधी मैदान थानाध्यक्ष अखिलेश मिश्रा ने बताया कि इस पूरे मामले में 4 नामजद समेत 5000 अज्ञात लोगों पर FIR दर्ज की गई है इसमें दिलीप भी शामिल थे. 


दरअसल, अभ्यर्थियों का कहना है कि टीआरई-4 के लाखों अभ्यर्थी दो वर्षों से वैकेंसी का इंतजार कर रहे हैं. लेकिन बार बार सिर्फ आश्वासन मिल रहा है. इसीलिए उन्हें मजबूत होकर आंदोलन करना पड़ा है. यहां तक कि बुधवार, 20 मई को भी टीआरई 4 (TRE 4) नोटिफिकेशन जारी करने और छात्र नेता दिलीप कुमार की रिहाई की मांग को लेकर आज राजधानी पटना की सड़कों पर भारी हंगामा देखने को मिला. इस दौरान कई छात्र नेताओं को हिरासत में लिया गया. हालांकि अब दिलीप को जमानत मिल जाने से उनकी रिहाई का रास्ता साफ हो गया है. 


जुलाई में नियुक्ति विज्ञापन

इस बीच, मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने शुक्रवार को शिक्षा विभाग की उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक की। शिक्षा विभाग के सचिव विनोद सिंह गुंजियाल ने शिक्षा विभाग के कार्यों की अद्यतन स्थिति एवं भावी कार्ययोजना के संबंध में विस्तृत जानकारी दी। शिक्षा विभाग की उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक में निर्देश दिया गया है कि अगले 5 वर्षों में 1 लाख शिक्षकों की नियुक्ति की जायेगी जिसके अन्तर्गत प्रत्येक वर्ष कम से कम लगभग 20 हजार शिक्षकों की नियुक्ति की जायेगी। इसके लिये हर वर्ष जुलाई महीने में नियुक्ति संबंधी विज्ञापन जारी किया जायेगा।


शिक्षकों का स्थानान्तरण गृह क्षेत्र में 

मुख्यमंत्री ने कहा कि शिक्षकों के स्थानान्तरण को पारदर्शी एवं सुगम बनाने को लेकर शिक्षा विभाग को निदेशित किया गया है कि महिला शिक्षकों का स्थानान्तरण यथासंभव गृह जिले के अपने प्रखण्ड के गृह पंचायत के बगल के पंचायत में तथा पुरूष शिक्षकों को गृह जिले के अपने गृह प्रखण्ड के बगल के प्रखण्ड में स्थानान्तरण करने हेतु नीति बनायी जाय। उन्होंने कहा कि राज्य के सभी विद्यालयों में छात्र-छात्राओं को पोशाक की आपूर्ति जीविका के माध्यम से किया जाय। इससे पोशाक की ससमय आपूर्ति के साथ महिला स्वावलंबन को भी बल मिलेगा।