मोहनिया अनुमंडलीय अस्पताल में दो जीएनएम के बीच मारपीट, फर्जी कागजात और दबंगई का आरोप लगा SDM से शिकायत

कैमूर जिले के मोहनिया स्थित अनुमंडलीय अस्पताल में कार्यरत दो जीएनएम के बीच हुई मारपीट का मामला अब प्रशासनिक चौखट तक पहुंच गया है।अस्पताल की आधा दर्जन जीएनएम ने SDM रत्ना प्रियदर्शिनी से मुलाकात कर एक लिखित आवेदन सौंपा है....

SDM तक पहुंचा दो जीएनएम के बीच मारपीट का मामला- फोटो : देवव्रत

Kaimoor : जिले के मोहनिया स्थित अनुमंडलीय अस्पताल में कार्यरत दो जीएनएम (GNM) के बीच हुई मारपीट का मामला अब प्रशासनिक चौखट तक पहुंच गया है। बुधवार को अनुमंडलीय अस्पताल की आधा दर्जन जीएनएम ने मोहनिया की अनुमंडल पदाधिकारी (SDM) रत्ना प्रियदर्शिनी से मुलाकात कर एक लिखित आवेदन सौंपा। आवेदन के माध्यम से कर्मियों ने अस्पताल में वर्षों से पदस्थापित जीएनएम क्रांति जायसवाल पर मारपीट, दबंगई और मरीजों को बहला-फुसलाकर निजी क्लीनिक भेजने के गंभीर आरोप लगाए हैं।


फर्जी सर्टिफिकेट और कागजातों की जांच की मांग 

शिकायतकर्ता जीएनएम कर्मियों का आरोप है कि क्रांति जायसवाल फर्जी कागजातों के आधार पर अनुमंडल अस्पताल में नौकरी कर रही हैं। आवेदन में उल्लेख किया गया है कि सरकारी अभिलेखों में क्रांति जायसवाल की उम्र उनके अपने बेटे की उम्र से महज 8 वर्ष अधिक दिखती है, जो व्यावहारिक और जैविक रूप से पूरी तरह असंभव है। कर्मियों का तर्क है कि 8 वर्ष की उम्र में किसी बच्चे का जन्म होना संभव नहीं है, जिससे स्पष्ट होता है कि उनके शैक्षणिक व अन्य प्रमाण पत्र फर्जी हैं।


स्थानीय होने के कारण दबंगई और 15 साल से एक ही जगह तैनाती का आरोप 

पीड़ित कर्मियों ने आरोप लगाया कि क्रांति जायसवाल मोहनिया की ही स्थानीय निवासी हैं, जिसके कारण वे अस्पताल में अपनी दबंगई कायम रखती हैं और साथी महिला सहकर्मियों के साथ आए दिन मारपीट व दुर्व्यवहार करती हैं। इसके अलावा वे पिछले 15 वर्षों से एक ही अस्पताल में टिकी हुई हैं। यह भी आरोप लगाया गया है कि वे सरकारी अस्पताल में आने वाले मरीजों को बरगलाकर प्राइवेट क्लीनिकों में ले जाती हैं।


मामले की जांच कराकर होगी कड़ी कार्रवाई: SDM रत्ना प्रियदर्शिनी 

मामले पर प्रतिक्रिया देते हुए मोहनिया की एसडीएम रत्ना प्रियदर्शिनी ने बताया कि अनुमंडलीय अस्पताल की जीएनएम का एक दल उनसे मिलने आया था और उन्होंने एक आवेदन सौंपा है। आवेदन में क्रांति जायसवाल पर सहकर्मियों से मारपीट, 15 सालों से एक ही स्थान पर पदस्थापित रहने और गलत तरीके से नौकरी पाने समेत कई आरोप लगाए गए हैं। एसडीएम ने आश्वस्त किया कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराई जाएगी और जांच के बाद जो भी दोषी पाया जाएगा, उसके खिलाफ सख्त कानूनी व प्रशासनिक कार्रवाई की जाएगी।

देवव्रत की रिपोर्ट