Bihar News : भभुआ से पकड़ाया साइबर फ्रॉड का मुख्य आरोपी, बैंक के खाते से 1.40 करोड़ का हुआ लेनदेन, 8 राज्यों से मिलीं शिकायतें

Bihar News : कैमूर पुलिस ने करोड़ों रुपये की ठगी और चर्चित 'डिजिटल अरेस्ट' जैसे गंभीर अपराधों में शामिल मुख्य सरगना पुनीत तिवारी को गिरफ्तार कर लिया है........पढ़िए आगे

पुनीत तिवारी गिरफ्तार - फोटो : DEVBRAT

KAIMUR : कैमूर साइबर थाना पुलिस को साइबर अपराध के खिलाफ बड़ी सफलता हाथ लगी है। पुलिस ने करोड़ों रुपये के साइबर फ्रॉड और डिजिटल अरेस्ट जैसे गंभीर मामलों में कथित तौर पर शामिल एक अंतरराज्यीय साइबर गिरोह के मुख्य सरगना पुनीत तिवारी को भभुआ से गिरफ्तार किया है। पुलिस जांच में सामने आया है कि आरोपी के बैंक खाते से करोड़ों रुपये का संदिग्ध लेनदेन हुआ है और इस खाते के खिलाफ देश के अलग-अलग राज्यों से कुल आठ शिकायतें दर्ज हैं। पुलिस के अनुसार, इन शिकायतों में डिजिटल अरेस्ट के चार मामले भी शामिल हैं। इन मामलों में झारखंड, चंडीगढ़, महाराष्ट्र और तमिलनाडु समेत कई राज्यों में लाखों-करोड़ों रुपये की ठगी की शिकायत सामने आई है। साइबर पुलिस अब गिरफ्तार आरोपी से पूछताछ कर इस पूरे नेटवर्क से जुड़े अन्य सदस्यों तक पहुंचने की कोशिश कर रही है। 

एक खाते से हुआ करोड़ों का लेनदेन

मामले की शुरुआत भभुआ स्थित एक्सिस बैंक के एक करंट अकाउंट की जांच से हुई। साइबर थाना कैमूर में 15 मार्च 2026 को म्यूल अकाउंट से संबंधित मामला दर्ज किया गया था। पुलिस जांच में पता चला कि एक्सिस बैंक में श्री श्याम इंटरप्राइजेज के नाम से एक करंट अकाउंट खोला गया था। जांच के दौरान सामने आया कि 11 मार्च 2026 से 22 अप्रैल 2026 के बीच इस खाते में करीब 1 करोड़ 40 लाख रुपये क्रेडिट हुए, जबकि करीब 1 करोड़ 35 लाख रुपये की निकासी की गई। इतनी बड़ी रकम के लेनदेन को संदिग्ध मानते हुए साइबर पुलिस ने खाते की जांच शुरू की। 

खाता खुलवाने के बाद आरोपी ने ले लिए थे जरूरी दस्तावेज

पुलिस के मुताबिक, खाताधारक से पूछताछ में पता चला कि उक्त बैंक खाता पुनीत तिवारी, थाना भभुआ क्षेत्र के कुड़ासन गांव से संबंधित है। आरोप है कि खाता खुलवाने के बाद पुनीत तिवारी ने बैंक से संबंधित चेकबुक, पासबुक, सिम कार्ड सहित अन्य जरूरी कागजात अपने पास ले लिए और खाते से जुड़ी जानकारी गिरोह के अन्य सदस्यों तक पहुंचाई। यह खाता धीरज कुमार और अखिलेश सिंह के नाम से ज्वाइंट करंट अकाउंट बताया जा रहा है। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि खाते का इस्तेमाल किन-किन लोगों द्वारा किया गया और करोड़ों रुपये के इस लेनदेन के पीछे गिरोह के अन्य कौन-कौन सदस्य शामिल हैं। 

देश के कई राज्यों से मिली शिकायतें

साइबर पुलिस ने जब इस बैंक खाते को एनसीसीआरपी पोर्टल पर चेक किया तो खाते के खिलाफ कुल आठ साइबर अपराध संबंधी शिकायतें सामने आईं। ये शिकायतें देश के अलग-अलग राज्यों से दर्ज की गई थीं। इनमें झारखंड, छत्तीसगढ़, दिल्ली, महाराष्ट्र, राजस्थान, तमिलनाडु, पश्चिम बंगाल और उत्तराखंड से जुड़ी शिकायतें शामिल हैं। जांच में डिजिटल अरेस्ट के चार मामलों का भी पता चला है। पुलिस के अनुसार, डिजिटल अरेस्ट के नाम पर झारखंड में करीब एक करोड़ रुपये, चंडीगढ़ में करीब 3 करोड़ 45 लाख रुपये, महाराष्ट्र में करीब 25 लाख रुपये और तमिलनाडु में करीब 26 लाख रुपये की ठगी से संबंधित शिकायतें सामने आई हैं। 

खाता फ्रीज होने के बाद दोबारा चालू कराने पहुंचा था आरोपी

साइबर डीएसपी नीतू सिंह के अनुसार, साइबर पुलिस द्वारा जब संबंधित बैंक खाते को फ्रीज किया गया तो पुनीत तिवारी कथित तौर पर खाते को दोबारा चालू कराने के लिए बैंक पहुंचा था। इसी दौरान पुलिस की जांच आगे बढ़ी और आरोपी की भूमिका संदिग्ध पाए जाने के बाद उसे गिरफ्तार कर लिया गया। पुलिस का कहना है कि गिरफ्तार आरोपी से पूछताछ में साइबर गिरोह से जुड़े कई महत्वपूर्ण सुराग मिलने की उम्मीद है। पुलिस यह भी पता लगाने में जुटी है कि इस नेटवर्क में कितने लोग शामिल हैं और देश के अलग-अलग राज्यों में साइबर ठगी के लिए बैंक खातों का इस्तेमाल किस तरह किया जाता था। 

डिजिटल अरेस्ट के नाम पर ठगी का बड़ा नेटवर्क

गौरतलब है कि इन दिनों साइबर अपराधी लोगों को पुलिस, सीबीआई, ईडी, नारकोटिक्स विभाग या अन्य जांच एजेंसियों का अधिकारी बनकर फोन करते हैं। इसके बाद पीड़ित को मनी लॉन्ड्रिंग, ड्रग्स, फर्जी बैंक खाते या किसी आपराधिक मामले में फंसाने का डर दिखाकर वीडियो कॉल पर डिजिटल अरेस्ट कर लिया जाता है और उनसे भारी रकम ठग ली जाती है। कैमूर साइबर पुलिस की इस कार्रवाई को ऐसे अंतरराज्यीय साइबर नेटवर्क के खिलाफ महत्वपूर्ण कार्रवाई माना जा रहा है। हालांकि, पूरे मामले में गिरोह के अन्य सदस्यों की गिरफ्तारी और ठगी की वास्तविक रकम को लेकर पुलिस की विस्तृत जांच अभी जारी है। साइबर डीएसपी नीतू सिंह ने बताया कि पुनीत तिवारी को करोड़ों रुपये के साइबर फ्रॉड और डिजिटल अरेस्ट से जुड़े मामलों में गिरफ्तार किया गया है। खाते से देश के कई राज्यों से संबंधित शिकायतें मिली हैं। आरोपी से पूछताछ की जा रही है और गिरोह में शामिल अन्य सदस्यों के बारे में जानकारी जुटाई जा रही है।

देवब्रत की रिपोर्ट