Bihar News: जमीन विवाद में भाजपा नेता पर संगीन आरोप, वृद्ध दंपति बोला- रसूख दिखाकर हड़पने की कोशिश

Bihar News: कटिहार में जमीन विवाद को लेकर भाजपा प्रदेश कार्यसमिति सदस्य टन टन ठाकुर पर एक वृद्ध दंपति ने गंभीर आरोप लगाए हैं। ...

जमीन विवाद में भाजपा नेता पर संगीन आरोप- फोटो : reporter

Bihar News: कटिहार में जमीन विवाद को लेकर भाजपा प्रदेश कार्यसमिति सदस्य टन टन ठाकुर पर एक वृद्ध दंपति ने गंभीर आरोप लगाए हैं। दंपति का आरोप है कि राजनीतिक रसूख और बड़े नेताओं के साथ तस्वीरों का हवाला देकर अधिकारियों पर प्रभाव बनाने की कोशिश की गई और अपने भाइयों के साथ मिलकर गलत वंशावली के आधार पर उनकी जमीन पर दावा किया गया। हालांकि, टन टन ठाकुर ने इन आरोपों को पूरी तरह निराधार बताते हुए इसे उनकी राजनीतिक छवि खराब करने की साजिश करार दिया है। स्थानीय रिपोर्ट में भी दोनों पक्षों के दावों का उल्लेख किया गया है।

वृद्ध दंपति भावेश मोहन ठाकुर और अनिमा देवी ने आरोप लगाया कि टन टन ठाकुर उनके दूर के रिश्तेदार हैं। उनके मुताबिक, कथित तौर पर गलत वंशावली के आधार पर जमीन पर अधिकार जमाने का प्रयास किया गया। दंपति का कहना है कि उन्होंने मामले को लेकर प्रशासनिक स्तर पर गुहार लगाई और डीसीएलआर तथा बिहार सरकार के स्तर से राहत मिलने के बाद उनकी जमीन बच सकी।

दंपति का यह भी आरोप है कि विवाद खत्म नहीं हुआ है और अब उन्हें केस वापस लेने तथा जमीन से हट जाने के लिए अलग-अलग तरीकों से दबाव और धमकी दी जा रही है। इन आरोपों को लेकर इलाके में तरह-तरह की चर्चाएं शुरू हो गई हैं।

वहीं टन टन ठाकुर ने सभी आरोपों को सिरे से खारिज किया है। उनका कहना है कि आरोप लगाने वाले लोग खुद जमींदार हैं, ऐसे में उनके द्वारा किसी की जमीन हड़पने की कोशिश का सवाल ही नहीं उठता। उन्होंने दावा किया कि कुछ लोगों के साथ मिलकर दिनेश मोहन ठाकुर और उनकी पत्नी उनकी राजनीतिक छवि को नुकसान पहुंचाने के लिए बेबुनियाद आरोप लगा रहे हैं।

टन टन ठाकुर ने कहा कि कटिहार जिला संगठन से लेकर भाजपा के प्रदेश कार्यालय तक उनके बारे में लोग जानते हैं और ऐसे आधारहीन आरोपों का कोई मायने नहीं है।फिलहाल यह मामला पारिवारिक रिश्ते, जमीन के अधिकार और राजनीतिक रसूख से जुड़े आरोप-प्रत्यारोप के कारण चर्चा में है। दोनों पक्षों के दावों के बीच जमीन के वास्तविक स्वामित्व और कथित वंशावली से जुड़े दस्तावेज इस विवाद में अहम माने जा रहे हैं।

रिपोर्ट- श्याम कुमार सिंह