नेपाल की तबाही से खौफ में बिहार के लोग, कोसी-गंगा के बढ़ते पानी ने बढ़ाई बेचैनी, मचान पर रात भर जाग रहे ग्रामीण
Bihar Flood: नेपाल में आई भीषण फ्लैश फ्लड ने भले ही बिहार में तत्काल बड़े खतरे की आशंका को कुछ हद तक कम किया हो, लेकिन सीमावर्ती और नदी किनारे बसे इलाकों में खौफ अभी भी बरकरार है। ...
Bihar Flood: नेपाल में आई भीषण फ्लैश फ्लड ने भले ही बिहार में तत्काल बड़े खतरे की आशंका को कुछ हद तक कम किया हो, लेकिन सीमावर्ती और नदी किनारे बसे इलाकों में खौफ अभी भी बरकरार है। कटिहार जिले के कुरसेला प्रखंड के खेरिया गांव में ग्रामीणों की रातें अब भी दहशत और चौकसी के बीच गुजर रही हैं। गंगा और कोसी के बीच बसे इस गांव के लोग नदी के तट पर बांस से बने मचान पर रात जागकर जलस्तर की निगरानी कर रहे हैं।
नेपाल में अचानक आई तबाही वाली बाढ़ की तस्वीरें सोशल मीडिया और टीवी पर देखने के बाद ग्रामीणों के दिल में डर बैठ गया है। उन्हें आशंका है कि अगर नदियों का जलस्तर अचानक बढ़ा तो देखते ही देखते हालात बेकाबू हो सकते हैं। नेपाल की हालिया फ्लैश फ्लड ने इस डर को और गहरा कर दिया है।
घर से महज 10 मीटर दूर गंगा
खेरिया गांव के ग्रामीणों के मुताबिक उनके घर गंगा नदी से महज करीब 10 मीटर की दूरी पर हैं। ऐसे में नदी का बढ़ता जलस्तर उनके लिए सिर्फ चिंता का सबब नहीं, बल्कि सीधे जान-माल के खतरे से जुड़ा हुआ है। यही वजह है कि ग्रामीण दिन में हालात पर नजर रखने के साथ रात में भी टोली बनाकर नदी किनारे डेरा डाल रहे हैं।बांस से बनाए गए मचान पर बैठकर ग्रामीण गंगा और कोसी के पानी की चाल पर निगाह रखते हैं। जरा सा जलस्तर बढ़ने या नदी का बहाव बदलने पर गांव में तत्काल खबर पहुंचाने की व्यवस्था की गई है। ग्रामीणों का कहना है कि रात के अंधेरे में नदी का मिजाज बदल जाए तो घरों में सोते लोगों को संभलने का मौका तक नहीं मिलेगा।
कोसी-गंगा के बढ़ते पानी ने बढ़ाई बेचैनी
कुरसेला इलाके में गंगा और कोसी के जलस्तर में वृद्धि पहले से दर्ज की जा रही है। हालिया रिपोर्टों के मुताबिक खेरिया समेत कई गांवों में बाढ़ का पानी प्रवेश करने लगा है और निचले इलाकों में परेशानी बढ़ी है। कई जगहों पर लोगों को आवागमन के लिए नाव का सहारा लेना पड़ रहा है।कटिहार में गंगा और कोसी का जलस्तर कई स्थानों पर खतरे के निशान से ऊपर बताया गया है। 28 अगस्त की रिपोर्ट के अनुसार कोसी का जलस्तर खतरे के निशान से करीब दो फीट और गंगा का करीब 55 सेंटीमीटर ऊपर दर्ज किया गया।
प्रशासन सतर्क, ग्रामीणों का डर बरकरार
नेपाल की तबाही के बाद बिहार के कई जिलों में प्रशासन ने एहतियाती कदम उठाए हैं। राज्य सरकार ने संवेदनशील इलाकों में निगरानी बढ़ाने और आपदा प्रबंधन तंत्र को तैयार रखने के निर्देश दिए हैं। हालांकि मौजूदा स्थिति में बिहार में नेपाल जैसी तबाही की स्थिति नहीं बताई जा रही है और संभावित खतरे को लेकर प्रशासन लगातार निगरानी कर रहा है।लेकिन खेरिया के ग्रामीणों के लिए खतरा किसी सरकारी अलर्ट का मोहताज नहीं है। गंगा उनके घर की चौखट से महज कुछ कदम दूर है और कोसी का मिजाज भी अनिश्चित। इसलिए वे किसी इंतजार के बजाय खुद ही पहरेदारी में जुट गए हैं।
रात के सन्नाटे में मचान पर बैठे ग्रामीणों की नजर नदी पर टिकी रहती है। फिलहाल कटिहार में नेपाल जैसी तबाही नहीं है, लेकिन खेरिया में डर की वजह से रातें जागकर कट रही हैं—और हर गुजरती रात ग्रामीण नदी के पानी में खतरे का अगला संकेत तलाश रहे हैं।
रिपोर्ट- श्याम कुमार सिंह