Bihar Flood: बाढ़ पीड़ितों के बीच पहुंचे पप्पू यादव, राहत के लिए बांटे नोट, सरकार पर बरसे सांसद

Bihar Flood:पूर्णिया के निर्दलीय सांसद पप्पू यादव अपने काफिले के साथ कटिहार के मनिहारी पहुंचे और बाढ़ प्रभावित लोगों से मुलाकात की।

बाढ़ पीड़ितों के बीच पहुंचे पप्पू यादव- फोटो : reporter

Bihar Flood: कटिहार जिले के बरारी, अमदाबाद, कुरसेला और मनिहारी प्रखंडों के कई गांव इन दिनों बाढ़ की चपेट में हैं। गंगा समेत विभिन्न नदियों के बढ़े जलस्तर के कारण बड़ी संख्या में लोग प्रभावित हैं। लगातार नेता और प्रशासनिक अधिकारी बाढ़ प्रभावित इलाकों और राहत शिविरों का जायजा ले रहे हैं। इसी क्रम में पूर्णिया के निर्दलीय सांसद पप्पू यादव अपने काफिले के साथ  कटिहार के मनिहारी पहुंचे और बाढ़ प्रभावित लोगों से मुलाकात की।

मनिहारी पहुंचने के बाद सांसद ने बाढ़ से प्रभावित परिवारों के बीच जाकर उनकी परेशानियां सुनीं। इस दौरान वह पीड़ितों के साथ जमीन पर बैठकर उनके दुख-दर्द को समझते और उनकी समस्याओं की जानकारी लेते नजर आए। बाढ़ के कारण जिन लोगों के घर-बार प्रभावित हुए हैं, उनसे सांसद ने बातचीत कर उनकी स्थिति का जायजा लिया।

इसी दौरान पप्पू यादव ने अपनी ओर से बाढ़ पीड़ितों के बीच नकद राशि भी बांटी। उन्होंने जरूरतमंद लोगों को अपने स्तर से आर्थिक मदद दी। सांसद के इस अंदाज की मौके पर मौजूद लोगों के बीच चर्चा रही। उन्होंने कहा कि आपदा की इस घड़ी में प्रभावित परिवारों की मदद करना जरूरी है और वह अपनी क्षमता के मुताबिक लोगों के साथ खड़े हैं।

सरकार पर सांसद का तीखा हमला

बाढ़ प्रभावित इलाकों के दौरे के दौरान पप्पू यादव ने सरकार और राजनेताओं पर जमकर निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ लोग आपदा के समय भी अवसर तलाशते हैं। सांसद ने बेहद तल्ख अंदाज में कहा कि ऐसे लोगों को इसी गंगा में डुबो-डुबोकर मारना चाहिए।सांसद के इस बयान के बाद राजनीतिक हलकों में भी चर्चा तेज हो सकती है। हालांकि, यह बयान पप्पू यादव का व्यक्तिगत राजनीतिक हमला है और सरकार की ओर से इस पर प्रतिक्रिया सामने आना बाकी है।

‘मेरे पास इतना पैसा है...’

बाढ़ पीड़ितों के बीच नकद राशि बांटने को लेकर जब सांसद से सवाल किया गया तो उन्होंने कहा कि उनके पास इतना पैसा है कि जितना सरकार के पास भी नहीं है। उन्होंने इस दौरान अपनी ओर से जरूरतमंद लोगों की मदद जारी रखने की बात कही।कटिहार के बाढ़ प्रभावित इलाकों में फिलहाल लोगों की मुश्किलें बरकरार हैं। कई परिवारों के सामने सुरक्षित ठिकाने, भोजन और रोजमर्रा की जरूरतों को लेकर चुनौती बनी हुई है। ऐसे में जनप्रतिनिधियों के दौरे के साथ प्रभावित लोगों की निगाहें प्रशासन से राहत और पुनर्वास की ठोस व्यवस्था पर भी टिकी हैं।

रिपोर्ट- श्याम कुमार सिंह