लखीसराय के अशोक धाम मंदिर में भगदड़ , क्यों हुई घटना- बड़ा कारण आया सामने, सीएम ने शोक किया व्यक्त

Bihar Mandir stampede: सावन की तीसरी सोमवारी पर बिहार के लखीसराय स्थित प्रसिद्ध अशोक धाम मंदिर में आस्था का सैलाब अचानक मातम में बदल गया।...

अशोक धाम मंदिर में भगदड़- फोटो : social Media

Bihar Mandir stampede: सावन की तीसरी सोमवारी पर बिहार के लखीसराय स्थित प्रसिद्ध अशोक धाम मंदिर में आस्था का सैलाब अचानक मातम में बदल गया। सोमवार को श्रद्धालुओं की भारी भीड़ के बीच भगदड़ मचने से 7 श्रद्धालुओं की मौत हो गई, जबकि करीब 12 लोग घायल बताए जा रहे हैं। हादसे के बाद मंदिर परिसर में अफरा-तफरी, चीख-पुकार और भगदड़ का खौफनाक मंजर देखने को मिला।

प्रारंभिक जानकारी के मुताबिक, सुबह से ही बाबा के जलाभिषेक और पूजा-अर्चना के लिए श्रद्धालुओं की भीड़ लगातार बढ़ रही थी। इसी दौरान मंदिर परिसर की बाईं तरफ लगी बैरिकेडिंग टूट गई और भीड़ का दबाव अचानक बेकाबू हो गया। देखते ही देखते श्रद्धालु एक-दूसरे के ऊपर गिरने लगे। कई महिलाएं भी भीड़ की चपेट में आ गईं।

हालांकि हादसे को लेकर एक और अहम जानकारी सामने आई है। बताया जा रहा है कि बैरिकेडिंग टूटने से पहले बिजली का खंभा गिरा था। इसके बाद वहां मौजूद श्रद्धालुओं में अफरा-तफरी मची और भगदड़ के हालात पैदा हुए। प्रशासन अब पूरे घटनाक्रम के हर पहलू की जांच कर रहा है।

लखीसराय के डीएम शैलेंद्र कुमार के मुताबिक, एक साथ दो ट्रेनों के खड़े होने से मंदिर में श्रद्धालुओं की संख्या अप्रत्याशित रूप से बढ़ गई। इसी दौरान बाईं ओर की बैरिकेडिंग टूट गई और कई महिलाएं गिर गईं। मौके पर पहले से एंबुलेंस, बाइक एंबुलेंस और ऑटो एंबुलेंस तैनात थे, जिनकी मदद से घायलों को तत्काल लखीसराय सदर अस्पताल भेजा गया।

अब तक सामने आई जानकारी के अनुसार मृतकों में मनमाला देवी (44), रिंकू देवी (50), हेमलता देवी (55) और ललिता देवी शामिल हैं। अन्य मृतकों की पहचान की प्रक्रिया जारी है। घायलों का अस्पताल में इलाज चल रहा है। हादसे के बाद पुलिस और प्रशासन के आला अधिकारी मौके पर पहुंच गए। मंदिर परिसर में सुरक्षा व्यवस्था और कड़ी कर दी गई है। भीड़ को नियंत्रित करने के साथ हादसे की वजह और प्रशासनिक व्यवस्था की भी पड़ताल की जा रही है।

मुख्यमंत्री सम्राट ने घटना पर गहरा दुख जताते हुए कहा कि अशोकधाम की घटना अत्यंत दुखद और हृदयविदारक है। उन्होंने मृत श्रद्धालुओं के परिजनों के प्रति संवेदना व्यक्त की और घायलों के समुचित एवं त्वरित इलाज के निर्देश दिए।

अशोक धाम मंदिर श्री इन्द्रदमनेश्वर महादेव मंदिर के नाम से प्रसिद्ध है। यहां विशाल शिवलिंग पाल कालीन बताया जाता है, जो जमीन की खुदाई के दौरान प्राप्त हुआ था। सावन की तीसरी सोमवारी पर इसी प्राचीन शिवधाम में उमड़ा आस्था का जनसैलाब देखते ही देखते मौत और मातम के मंजर में बदल गया।