तीन डिसमिल जमीन के लिए समाहरणालय में उमड़ी हजारों महिलाओं की भीड़, कागजात जमा कराने को लेकर मची अफरा-तफरी

राज्य के भूमिहीन और आवासहीन गरीब परिवारों को घर के निर्माण के लिए लगभग तीन डिसमिल आवासीय भूमि प्रदान की जा रही है। इसे लेकर जिला समाहरणालयों में भारी भीड़ उमड़ रही है। सोमवार को नवादा में ऐसी भीड़ उमड़ी की व्यवस्था संभालने में पुलिस के पसीने छूट गए.

तीन डिसमिल जमीन के लिए समाहरणालय में उमड़ी हजारों महिलाओं की
तीन डिसमिल जमीन के लिए मारामारी- फोटो : अमन सिन्हा

Nawada : नवादा समाहरणालय परिसर में सोमवार को उस वक्त भारी अफरा-तफरी मच गई, जब जिले के विभिन्न ग्रामीण और शहरी इलाकों से हजारों की संख्या में महिलाएं जमीन के कागजात जमा कराने के लिए उमड़ पड़ीं। परिसर में उमड़ी इस अपार भीड़ के कारण व्यवस्था संभालने में तैनात पुलिसकर्मियों के पसीने छूट गए और सुरक्षा बलों को स्थिति नियंत्रित करने के लिए कड़ी मशक्कत करनी पड़ी।


योजना का उद्देश्य और लाभ

यह जनसैलाब सरकार की उस कल्याणकारी योजना के तहत जुटा है, जिसके अंतर्गत राज्य के भूमिहीन और आवासहीन गरीब परिवारों को घर के निर्माण के लिए लगभग तीन डिसमिल आवासीय भूमि प्रदान की जा रही है। महिलाएं यह सुनिश्चित करने के लिए पहुंची थीं कि उनके आवेदन और जरूरी दस्तावेज समय पर जमा हो जाएं, ताकि उन्हें इस योजना का लाभ मिल सके।


प्रखंड स्तर पर भी व्यापक सक्रियता

प्रशासनिक सूत्रों के अनुसार, इस योजना को लेकर केवल जिला मुख्यालय नवादा में ही नहीं, बल्कि जिले के अन्य सभी प्रखंडों और अंचल कार्यालयों में भी भारी गहमागहमी देखी जा रही है। ग्रामीण इलाकों से लगातार आ रहे लोग अपनी पात्रता सिद्ध करने के लिए अपने कागजात संबंधित कार्यालयों में जमा करा रहे हैं।


प्रशासनिक चुनौतियां और सुरक्षा इंतजाम 

अचानक उमड़ी इस विशाल भीड़ के कारण समाहरणालय परिसर में आवाजाही कुछ समय के लिए प्रभावित हुई और काफी देर तक अफरा-तफरी का माहौल बना रहा। स्थिति की संवेदनशीलता को भांपते हुए स्थानीय प्रशासन ने अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया और कतारबद्ध व्यवस्था के माध्यम से भीड़ को नियंत्रित करने का प्रयास किया।


दस्तावेजों की जांच और भविष्य की उम्मीद

अब इस पूरी प्रक्रिया के तहत जमा किए गए सभी दस्तावेजों की गहनता से जांच की जाएगी, जिसके बाद ही यह साफ हो पाएगा कि वास्तव में कितने पात्र परिवारों को इस योजना का लाभ मिल पाता है। प्रशासन द्वारा पूरी पारदर्शिता के साथ सत्यापन कार्य पूरा करने का आश्वासन दिया जा रहा है।


अमन सिन्हा की रिपोर्ट