Bihar News : मोतीहारी एसपी की बड़ी कार्रवाई, घूसखोरी और धमकी मामले में दो चौकीदार पर दर्ज हुआ FIR, संपत्ति की भी होगी जांच

Bihar News : मोतीहारी एसपी स्वर्ण प्रभात की ओर से भ्रष्टाचार पर बड़ी कार्रवाई किया गया है। एसपी के निर्देश पर आदापुर थाना के दो चौकीदारों पर प्राथमिकी दर्ज किया गया है......पढ़िए आगे

चौकीदार पर एफआईआर - फोटो : HIMANSHU

MOTIHARI : पूर्वी चंपारण (मोतीहारी) के पुलिस अधीक्षक स्वर्ण प्रभात ने भ्रष्टाचार के खिलाफ एक बड़ी और सख्त कार्रवाई की है। एसपी के निर्देश पर आदापुर थाने में तैनात दो चौकीदारों के खिलाफ भ्रष्टाचार का मामला दर्ज किया गया है। जिला पुलिस कप्तान की इस ताबड़तोड़ कार्रवाई से पूरे पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया है। इन दोनों चौकीदारों पर शराब माफिया से सांठगांठ करने, अवैध वसूली करने और एक निर्दोष को झूठे आर्म्स एक्ट के केस में फंसाने की धमकी देने का गंभीर आरोप है, जिससे जुड़ा ऑडियो और वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ था।

मोतीहारी एसपी स्वर्ण प्रभात ने मामले की आधिकारिक पुष्टि करते हुए बताया कि आदापुर थाने के चौकीदार भरत कुमार पासवान और हरिशंकर कुमार उर्फ ललन पटेल के खिलाफ यह कार्रवाई की गई है। आरोपी चौकीदारों का एक वीडियो और ऑडियो सामने आया था, जिसमें वे शराब कांड के एक मामले में आवेदनकर्ता का नाम हटाने के एवज में 32 हजार रुपये की रिश्वत लेते दिख रहे थे। वहीं, दूसरे मामले में आर्म्स केस में फंसाने की धमकी देकर 40 हजार रुपये की मांग करने का ऑडियो भी वायरल हुआ था।

वायरल वीडियो और ऑडियो के सामने आने के बाद एसपी के निर्देश पर इस मामले की पूरी गंभीरता से जांच कराई गई। जांच के दौरान यह पाया गया कि वायरल इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्य पूरी तरह सच हैं। प्रथम दृष्टया भ्रष्टाचार के आरोप सिद्ध होने के बाद दोनों चौकीदारों के खिलाफ आदापुर थाने में भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत नामजद प्राथमिकी दर्ज कर ली गई है।

इस मामले में एसपी स्वर्ण प्रभात ने एक और कड़ा कदम उठाते हुए दोनों आरोपी चौकीदारों की अवैध रूप से अर्जित की गई संपत्ति की भी जांच कराने का आदेश दिया है। पुलिस अब इस बिंदु पर भी तफ्तीश कर रही है कि इन चौकीदारों ने नौकरी में रहते हुए भ्रष्टाचार के जरिए कितनी चल-अचल संपत्ति बनाई है। प्राथमिकी दर्ज होने के बाद पुलिस दोनों आरोपियों के खिलाफ आगे की कानूनी और दंडात्मक कार्रवाई में जुट गई है।

एसपी की इस सख्त कार्रवाई ने साफ कर दिया है कि जिले में भ्रष्टाचार और वर्दी की आड़ में अवैध धंधा करने वालों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा, चाहे वह छोटे पद पर तैनात कर्मी ही क्यों न हो। स्थानीय जनता ने पुलिस कप्तान के इस कदम की सराहना की है। अब पुलिस मामले के अन्य तकनीकी और इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों को मजबूत करने में लगी है ताकि न्यायालय से दोषियों को कड़ी सजा दिलाई जा सके।

हिमांशु की रिपोर्ट