मोतिहारी में बवाल: राजद सांसद सुधाकर सिंह ने खुद ट्रैक्टर चलाकर जोती विवादित जमीन, वाटर पार्क का काम रोका

बिहार के मोतिहारी (पूर्वी चंपारण) में प्रस्तावित वाटर पार्क निर्माण के विरोध में राजद सांसद सुधाकर सिंह ने किसानों के साथ मोर्चा खोल दिया है। सुधाकर सिंह ने खुद ट्रैक्टर चलाकर जमीन की जुताई की और प्रशासन द्वारा जमाबंदी रद्द करने का विरोध किया।

सुधाकर सिंह ने खुद ट्रैक्टर चलाकर जोती विवादित जमीन, वाटर पार्क का काम रोका- फोटो : Reporter

बिहार के पूर्वी चंपारण (मोतिहारी) जिले में किसानों के हक के लिए एक विशाल किसान महासभा का आयोजन किया गया। इस सभा में पहुंचे राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के सांसद सुधाकर सिंह ने जिला प्रशासन के खिलाफ मोर्चा खोलते हुए किसानों और ग्रामीणों के साथ मिलकर जोरदार प्रदर्शन किया। आंदोलन को एक नया मोड़ देते हुए सांसद सुधाकर सिंह ने खुद ट्रैक्टर की सीट संभाली और प्रशासन द्वारा अधिग्रहित की गई विवादित जमीन पर ट्रैक्टर चलाकर जुताई कर दी। सांसद ने साफ शब्दों में सरकार और प्रशासन को चेतावनी देते हुए किसानों की जमीन वापस करने का आह्वान किया।


वाटर पार्क निर्माण का विरोध: समर्थकों और ग्रामीणों का हंगामा

यह पूरा विवाद मोतिहारी में जिला प्रशासन द्वारा प्रस्तावित वाटर पार्क के निर्माण को लेकर है। किसान महासभा के बाद सांसद सुधाकर सिंह के कड़े तेवर देख उनके समर्थक और स्थानीय ग्रामीण उग्र हो गए। आंदोलनकारियों ने वाटर पार्क निर्माण स्थल पर पहुंचकर वहां काम कर रहे ठेकेदार और मजदूरों को खदेड़ दिया। इस दौरान वहां मौजूद निर्माण सामग्री और सामानों के साथ तोड़फोड़ भी की गई, जिससे मौके पर भारी हंगामा खड़ा हो गया। ग्रामीण किसी भी कीमत पर अपनी जमीन पर वाटर पार्क बनने देने के मूड में नहीं हैं।


70 साल पुराना कब्जा और जमाबंदी रद्द करने का आरोप

आंदोलन कर रहे किसानों का कहना है कि जिस जमीन पर वाटर पार्क का निर्माण किया जा रहा है, वह उनकी पुश्तैनी जमीन है। इस जमीन पर पिछले 60 से 70 वर्षों से उनका कब्जा रहा है और उनके पास इससे जुड़े सभी वैध कागजात भी मौजूद हैं। किसानों का आरोप है कि जिला प्रशासन ने तानाशाही रवैया अपनाते हुए उनकी जमाबंदी को अवैध रूप से रद्द कर दिया और उनसे उनकी जमीन छीन ली। किसानों का कहना है कि उनकी जीविका इसी जमीन से चलती है, इसलिए प्रशासन का यह कदम पूरी तरह से नाजायज है।


सांसद सुधाकर सिंह की सरकार को चेतावनी और जमीन वापसी की मांग

प्रदर्शन के दौरान राजद सांसद सुधाकर सिंह ने अपनी तीखी प्रतिक्रिया (बाइट) देते हुए नीतीश सरकार और जिला प्रशासन को आड़े हाथों लिया। उन्होंने कहा कि किसानों की पुश्तैनी जमीन को छीनकर कॉर्पोरेट या मनोरंजन के साधनों के लिए देना सरासर गलत है। सांसद ने सरकार को सुझाव और चेतावनी देते हुए कहा कि वे तुरंत इस फैसले को बदलें और किसानों की जमीन को वापस उनके नाम करें। किसानों ने भी सांसद के सुर में सुर मिलाते हुए साफ किया कि जब तक उन्हें न्याय नहीं मिलता, उनका यह आंदोलन और उग्र रूप लेता रहेगा।

रिपोर्ट - हिमांशु