बिहार के मोतिहारी में आसमानी आफत ने बरपाया कहर : 3 बच्चों समेत 5 की जान गई, वज्रपात ने मचाई भारी तबाही
मोतिहारी में सोमवार को आई तेज आंधी-बारिश ने भारी तबाही मचाई है। सुगौली और रामगढ़वा में ठनका गिरने और रूपडीह में पेड़ गिरने से 3 बच्चों सहित कुल 5 लोगों की मौत हो गई, जबकि कई घर जलकर राख हो गए।
बिहार के मोतिहारी जिले में सोमवार की दोपहर आसमानी आफत ने कहर बरपा कर दिया। अचानक मौसम के मिजाज में हुए बदलाव के बाद तेज आंधी के साथ मूसलाधार बारिश शुरू हो गई। इस दौरान जिले के विभिन्न क्षेत्रों में आकाशीय बिजली (ठनका) गिरने और पेड़ गिरने से भारी तबाही हुई। इस प्राकृतिक आपदा ने न केवल जान-माल का नुकसान किया, बल्कि कई परिवारों की खुशियां भी उजाड़ दीं।
कैथवलिया में ठनका गिरने से दो बच्चों की मौत
सबसे दुखद घटना सुगौली थाना क्षेत्र के कैथवलिया गांव से सामने आई, जहाँ दोपहर करीब 4 बजे वज्रपात की चपेट में आने से दो मासूम बच्चों की मौके पर ही मौत हो गई। इस हादसे में एक अन्य बच्चा गंभीर रूप से घायल हो गया है, जिसे स्थानीय लोगों ने तुरंत सुगौली के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया। पुलिस और प्रशासन की टीम मौके पर पहुंचकर कानूनी प्रक्रिया में जुट गई है, वहीं परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है।
रामगढ़वा में आग का कहर: बच्ची की मौत और घर हुए राख
रामगढ़वा थाना क्षेत्र के सिसवनिया गांव में ठनका गिरने से ताड़ के पेड़ में आग लग गई, जो देखते ही देखते पास की झोपड़ियों तक फैल गई। इस भीषण अगलगी में आधा दर्जन से अधिक घर जलकर राख हो गए। इस घटना की सबसे हृदयविदारक बात यह रही कि अपने ननिहाल आई 3 वर्षीय बच्ची सरस्वती कुमारी की जलने से मौत हो गई। घटना में एक युवक भी घायल हुआ है। अंचलाधिकारी ने राजस्व कर्मचारी को क्षति का आकलन कर पीड़ित परिवारों को सहायता राशि देने का निर्देश दिया है।
सड़क पर गिरी मौत: ऑटो पर पेड़ गिरने से दो ने गंवाई जान
तीसरी बड़ी घटना ढाका-मोतिहारी पथ पर रूपडीह के समीप हुई। यहाँ तेज आंधी के कारण एक विशालकाय पेड़ सड़क से गुजर रहे 'हवा-हवाई' (ई-रिक्शा/ऑटो) पर गिर गया। पेड़ के नीचे दबने से दो लोगों की दर्दनाक मौत हो गई। मृतकों की पहचान मुफस्सिल थाना क्षेत्र के धीरज कुमार और चिरैया के 7 वर्षीय मासूम चुनचुन कुमार के रूप में हुई है। पुलिस ने शवों को कब्जे में लेकर जांच शुरू कर दी है।
प्रशासनिक सतर्कता और मुआवजे की तैयारी
जिले में हुई इन बैक-टू-बैक घटनाओं के बाद जिला प्रशासन अलर्ट मोड पर है। आपदा प्रबंधन विभाग और स्थानीय थानों की पुलिस प्रभावित इलाकों में कैंप कर रही है। अधिकारियों का कहना है कि पोस्टमार्टम और क्षति के आकलन की रिपोर्ट मिलते ही सरकारी प्रावधानों के अनुसार मृतकों के परिजनों और घर गंवाने वाले पीड़ितों को उचित मुआवजा उपलब्ध कराया जाएगा।
रिपोर्ट - हिमांशु