Bihar News : मोतिहारी में जाली नोट बनाने वाली फैक्ट्री का पुलिस ने किया पर्दाफाश, 25 लाख की जाली करेंसी के साथ 10 तस्करों को किया गिरफ्तार, नेपाल तक जुड़े हैं तार

MOTIHARI : पूर्वी चंपारण (मोतिहारी) पुलिस ने एक बड़े अंतरराष्ट्रीय जाली नोट गिरोह का भंडाफोड़ करते हुए नोट बनाने वाली फैक्ट्री का उद्भेदन किया है। एसपी स्वर्ण प्रभात के निर्देश पर रक्सौल डीएसपी के नेतृत्व में की गई इस बड़ी कार्रवाई में पुलिस ने लाखों रुपये की भारतीय और नेपाली जाली करेंसी बरामद की है। इस दौरान पुलिस ने गिरोह के 10 शातिर तस्करों को दबोचने में सफलता पाई है, जिनमें चार नेपाली नागरिक भी शामिल हैं।

पूरी कार्रवाई की शुरुआत हरैया थाना क्षेत्र से हुई, जहाँ पुलिस को गुप्त सूचना मिली थी कि दो व्यक्ति नेपाल से जाली नोट लेकर बिहार में प्रवेश करने वाले हैं। रक्सौल डीएसपी के नेतृत्व में गठित विशेष टीम ने त्वरित कार्रवाई करते हुए बोधी माई मंदिर के पास सघन वाहन चेकिंग अभियान चलाया। इस दौरान दो संदिग्धों को पकड़ा गया, जिनकी तलाशी लेने पर 18,500 रुपये के जाली भारतीय नोट बरामद हुए। गिरफ्तार आरोपियों से कड़ी पूछताछ के बाद पुलिस को गिरोह के बड़े ठिकाने का पता चला।

शुरुआती सफलता के बाद पुलिस की आसूचना इकाई (DIU) ने सीतामढ़ी जिले के मेजरगंज थाना क्षेत्र में छापेमारी की। यहाँ से पुलिस ने गिरोह के 8 अन्य सदस्यों को गिरफ्तार किया। पुलिस ने इस ठिकाने से जाली नोट बनाने की पूरी फैक्ट्री ही पकड़ ली। मौके से 25 लाख रुपये की जाली नेपाली करेंसी, 1.40 लाख रुपये असली नेपाली मुद्रा, 22 बंडल सादा पेपर (नोट बनाने के लिए), नोट छापने वाला केमिकल और अन्य उपकरण बरामद किए गए। साथ ही तस्करी में इस्तेमाल होने वाली तीन मोटरसाइकिलें और एक लग्जरी कार भी जब्त की गई है।

गिरफ्तार तस्करों का नेटवर्क बिहार के कई जिलों समेत सीमा पार नेपाल तक फैला हुआ है। पकड़े गए आरोपियों में 4 नेपाल के रहने वाले हैं, जबकि 5 सीतामढ़ी और एक मधुबनी जिले का निवासी बताया जा रहा है। गिरफ्तार तस्करों में तिलक बहादुर, बागमति प्रदेश, (नेपाल), सरोज कुमार, जिला-बारा, (नेपाल), दिलीप कुमार सिंह, जिला-मधुबनी, श्री देव महतो, जिला सिराह, (नेपाल), रौशर कुमार, जिला-सीतामढ़ी, राकेश सिंह, जिला-सीतामढ़ी, साहेब कुमार उर्फ लाल, जिला-सीतामढ़ी,  साजन कुमार, जिला-बारा (नेपाल), विकाश कुमार पटेल, जिला-सीतामढ़ी और गो० असलग, जिला-सीतामढ़ी शामिल है। पूछताछ में तस्करों ने कई बड़े खुलासे किए हैं। यह गिरोह केमिकल और विशेष कागज की मदद से हूबहू असली जैसे दिखने वाले नोट तैयार कर बाजार में खपाता था। पुलिस अब यह पता लगा रही है कि इस गिरोह का मास्टरमाइंड कौन है और वे अब तक कितनी जाली करेंसी बाजार में उतार चुके हैं।

इस बड़ी कामयाबी पर मोतिहारी पुलिस की चारों ओर सराहना हो रही है। एसपी स्वर्ण प्रभात ने बताया कि इस संदर्भ में संबंधित थाने में प्राथमिकी दर्ज कर आगे की कार्रवाई की जा रही है। उन्होंने कहा कि सीमावर्ती इलाकों में जाली नोटों के सिंडिकेट को पूरी तरह ध्वस्त करने के लिए पुलिस विशेष अभियान चला रही है। सभी गिरफ्तार अभियुक्तों को न्यायिक हिरासत में भेजकर इनके अन्य सहयोगियों की तलाश के लिए छापेमारी जारी है।

हिमांशु की रिपोर्ट