Bihar Raxaul Airport: मुआवजा लेना है तो अभी करें आवेदन, रक्सौल एयरपोर्ट परियोजना पर प्रशासन की अंतिम चेतावनी, चूके तो नहीं मिलेगा दूसरा मौका

Bihar Raxaul Airport:रक्सौल हवाई अड्डा परियोजना से जुड़े उन रैयत किसानों के लिए अब आखिरी मौका है, जिन्होंने अब तक भूमि अधिग्रहण का मुआवजा नहीं लिया है या आवेदन जमा नहीं किया है।

मुआवजा लेना है तो अभी करें आवेदन- फोटो : reporter

Bihar Raxaul Airport:रक्सौल हवाई अड्डा परियोजना से जुड़े उन रैयत किसानों के लिए अब आखिरी मौका है, जिन्होंने अब तक भूमि अधिग्रहण का मुआवजा नहीं लिया है या आवेदन जमा नहीं किया है। जिला भू-अर्जन कार्यालय ने साफ कर दिया है कि तय समय के भीतर आवेदन नहीं करने पर मुआवजे की राशि सीधे लारा कोर्ट में जमा कर दी जाएगी। इसके बाद अधिग्रहित जमीन का विधिवत हस्तांतरण एयरपोर्ट अथॉरिटी ऑफ इंडिया (AAI) को कर दिया जाएगा और हवाई अड्डा निर्माण का रास्ता पूरी तरह साफ हो जाएगा।

जिला भू-अर्जन पदाधिकारी अरुण कुमार ने बताया कि मुआवजे से वंचित या भुगतान नहीं लेने वाले रैयतों की सुविधा के लिए विशेष कैंप लगाए जाएंगे। यह कैंप प्रत्येक सप्ताह मंगलवार, बुधवार और शुक्रवार को आयोजित होंगे। कैंप में रैयत अपने सभी जरूरी दस्तावेजों के साथ पहुंचकर आवेदन जमा कर सकते हैं और मुआवजा प्राप्त करने की प्रक्रिया पूरी कर सकते हैं।

प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि यह अंतिम अवसर है। यदि इसके बाद भी संबंधित रैयत आवेदन नहीं करते हैं, तो भूमि अधिग्रहण कानून के प्रावधानों के तहत उनकी मुआवजा राशि लारा कोर्ट में जमा कर दी जाएगी। इसके बाद किसानों को कोर्ट की प्रक्रिया के माध्यम से ही राशि प्राप्त करनी होगी।

जिला प्रशासन का कहना है कि रक्सौल एयरपोर्ट परियोजना पूर्वी चंपारण और सीमावर्ती क्षेत्र के विकास की दृष्टि से बेहद महत्वपूर्ण है। इसलिए भूमि हस्तांतरण की प्रक्रिया को समयबद्ध तरीके से पूरा किया जा रहा है, ताकि निर्माण कार्य में किसी तरह की कानूनी या प्रशासनिक अड़चन न आए।

जिला भू-अर्जन कार्यालय ने सभी प्रभावित रैयतों से अपील की है कि वे लापरवाही न बरतें और निर्धारित तिथियों पर विशेष कैंप में पहुंचकर आवेदन जमा करें। मौके पर अंचलाधिकारी अरविंद कुमार, जिला भू-अर्जन कार्यालय के प्रधान सहायक अजीत कुमार सहित अन्य अधिकारी और कर्मी भी मौजूद रहे। प्रशासन ने दोहराया कि समय सीमा समाप्त होने के बाद किसी प्रकार की अतिरिक्त मोहलत नहीं दी जाएगी।

रिपोर्ट- हिमांशु कुमार