Bhojpur News Today: बिलौटी गाँव पहुंचे सांसद पप्पू यादव, भरत तिवारी एनकाउंटर मामले में दिया समर्थन
पूर्णिया सांसद पप्पू यादव शाहपुर प्रखंड के बिलौटी गाँव पहुँचे, जहाँ उन्होंने चर्चित भरत तिवारी एनकाउंटर में मारे गए युवक के परिजनों से मुलाकात की और हर संभव मदद का भरोसा दिया।पप्पू यादव ने पीड़ित परिवार को ₹1.50 लाख की आर्थिक मदद दी।
पूर्णिया के सांसद पप्पू यादव रविवार को एक बार फिर भोजपुर जिले के शाहपुर प्रखंड अंतर्गत बिलौटी गाँव पहुंचे। यहाँ उन्होंने चर्चित एनकाउंटर में मारे गए भरत तिवारी के परिजनों से मुलाकात कर उनका हालचाल जाना। सांसद ने परिजनों को ढांढस बंधाया और आश्वासन दिया कि इस दुख की घड़ी में वे अकेले नहीं हैं और न्याय की लड़ाई में पूरा साथ दिया जाएगा।
परिजनों से की बातचीत, ₹1.50 लाख की दी आर्थिक सहायता
मुलाकात के दौरान सांसद पप्पू यादव ने मृतक भरत तिवारी की मां आशा देवी, पिता काशीनाथ तिवारी और भाभी सुमन देवी समेत अन्य परिजनों से बातचीत की। उन्होंने परिवार की पीड़ा सुनी और हरसंभव मदद का भरोसा देते हुए आशा देवी को 1.50 लाख रुपये की नकद आर्थिक सहायता प्रदान की, ताकि परिवार को तात्कालिक राहत मिल सके।
विस्थापित परिवारों के भोजन और तिरपाल हेतु अतिरिक्त मदद
एनकाउंटर के बाद प्रभावित और विस्थापित हुए स्थानीय परिवारों की स्थिति को देखते हुए सांसद ने संवेदनशीलता दिखाई। उन्होंने प्रभावित परिवारों के लिए भोजन, बांस और तिरपाल की व्यवस्था करने के लिए 40 हजार रुपये की अतिरिक्त वित्तीय सहायता राशि भी मौके पर प्रदान की, जिससे वे अपनी प्राथमिक आवश्यकताओं को पूरा कर सकें।
प्रशांत किशोर पर साधा निशाना, न्याय मिलने तक लड़ाई का ऐलान
पीड़ित परिवार से मुलाकात के बाद मीडियाकर्मियों से बातचीत करते हुए पप्पू यादव ने जन सुराज के संस्थापक प्रशांत किशोर पर भी तीखा हमला बोला और उनके रुख पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि वे अन्याय के खिलाफ चुप नहीं बैठेंगे। पीड़ित परिवार को न्याय दिलाने के लिए यह लड़ाई सड़क से लेकर संसद तक लगातार जारी रहेगी।
क्षेत्र में सियासी हलचल तेज, समर्थन का माना जा रहा बड़ा कदम
भरत तिवारी एनकाउंटर मामले में सांसद पप्पू यादव के लगातार दूसरे दौरे को स्थानीय राजनीति और न्याय की मांग के लिहाज से बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है। पीड़ित परिवार के प्रति उनका यह रुख और तत्काल आर्थिक मदद पहुँचाना, क्षेत्र में चर्चा का विषय बना हुआ है। समर्थकों का कहना है कि इस कदम से पीड़ित परिवार को मनोबल और सुरक्षा का अहसास मिला है।
भोजपुर से आशीष श्रीवास्तव की रिपोर्ट