मुंगेर में चार दिवसीय भव्य पुस्तक मेला शुरू, 31 हजार रुपये की '6 किलो वजनी' दुर्गा सप्तशती बनी मुख्य आकर्षण

मुंगेर जिले के इंडोर स्टेडियम में आज से समय इंडिया और पुस्तक मेला समिति के तत्वावधान में चार दिवसीय पुस्तक मेला 2026 का भव्य शुभारंभ हुआ। डीएम और डीडीसी ने दीप प्रज्वलित कर मेले का उद्घाटन किया.....

मुंगेर में चार दिवसीय भव्य पुस्तक मेला शुरू- फोटो : इम्तियाज खान

Munger : जिले के इंडोर स्टेडियम में आज से चार दिवसीय पुस्तक मेला 2026 का भव्य और गरिमामयी शुभारंभ हो गया है। समय इंडिया और पुस्तक मेला समिति के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित इस ज्ञानोत्सव का उद्घाटन मुख्य अतिथि मुंगेर के जिलाधिकारी (DM) निखिल धनराज, उप विकास आयुक्त (DDC) अजीत कुमार सहित कई अन्य गणमान्य शिक्षाविदों व अतिथियों ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्वलित कर किया। इस अवसर पर मेला परिसर में पुस्तक प्रेमियों, छात्रों और अभिभावकों की भारी भीड़ उमड़ पड़ी।


डिजिटल दौर में भी कम नहीं हुआ किताबों का महत्व: वक्ता

उद्घाटन समारोह को संबोधित करते हुए जिलाधिकारी और अन्य मुख्य वक्ताओं ने बदलते दौर में किताबों की प्रासंगिकता पर विशेष जोर दिया। वक्ताओं ने कहा कि आज भले ही डिजिटल और सोशल मीडिया का दौर है, लेकिन समाज में पुस्तकों का महत्व और उनका स्थान कभी कम नहीं हो सकता। एक स्वस्थ, जागरूक और शिक्षित समाज के निर्माण में किताबों की भूमिका मार्गदर्शक जैसी होती है। उन्होंने युवाओं और बच्चों में पठन-पाठन की संस्कृति को दोबारा पुनर्जीवित करने के लिए ऐसे मेलों के आयोजन को बेहद जरूरी बताया।


देशभर के 50 प्रतिष्ठित प्रकाशकों की हजारों पुस्तकों का अनूठा संग्रह

इस चार दिवसीय पुस्तक मेले में देश के विभिन्न राज्यों से आए लगभग 50 प्रतिष्ठित और नामचीन प्रकाशकों (Publishers) ने अपने स्टॉल लगाए हैं। मेले में पाठकों के लिए साहित्य, बाल साहित्य, सिविल सर्विसेज व अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं की पुस्तकें, इतिहास, लोक-संस्कृति, अध्यात्म, धर्म, प्रेरक (Motivational) साहित्य और समसामयिक विषयों पर आधारित हजारों ज्ञानवर्धक पुस्तकों का विशाल संग्रह प्रदर्शित किया गया है, जो पहले ही दिन से पाठकों के बीच आकर्षण का केंद्र बना हुआ है।


31 हजार की 'दुर्गा सप्तशती' पुस्तक को देखने उमड़ रही भारी भीड़

इस पूरे पुस्तक मेले में सबसे अधिक कौतूहल और चर्चा का विषय एक विशेष 'दुर्गा सप्तशती' की पुस्तक बनी हुई है। इस अनोखी पुस्तक का वजन करीब 6 किलोग्राम है और इसकी कीमत 31,000 रुपये निर्धारित की गई है। इस धार्मिक पुस्तक की खासियत यह है कि इसमें संस्कृत, हिन्दी और अंग्रेजी—तीनों भाषाओं में श्लोकों का बेहद सुंदर और सरल वर्णन किया गया है। साथ ही, इसमें मां दुर्गा के कई दुर्लभ व प्राचीन चित्रों को भी समाहित किया गया है, जिसे देखने के लिए लोग लालायित दिख रहे हैं।


कवि सम्मेलन और विभिन्न प्रतियोगिताओं से गुलजार रहेगा मेला परिसर

ज्ञान के इस महाकुंभ को और अधिक रोचक बनाने के लिए चार दिनों तक विभिन्न सांस्कृतिक और शैक्षणिक कार्यक्रमों का भी आयोजन किया जाएगा। मेले के दौरान स्कूली बच्चों और युवाओं के लिए चित्रकला (ड्राइंग), कविता पाठ, कहानी लेखन, गायन एवं नृत्य प्रतियोगिताओं का आयोजन होगा। इसके अलावा, शाम के सत्र में प्रसिद्ध साहित्यकारों की उपस्थिति में कवि सम्मेलन और साहित्यिक गोष्ठी (विमर्श) का भी आयोजन किया जाएगा, जो जिले के साहित्य प्रेमियों के लिए एक बेहतरीन मंच साबित होगा।


इम्तियाज खान की रिपोर्ट